{"_id":"5b83e43542c792463a2e55ba","slug":"four-month-old-girl-murdered-for-400-rupees","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार सौ रुपये के खातिर चार महीने की बच्ची की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार सौ रुपये के खातिर चार महीने की बच्ची की हत्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 27 Aug 2018 05:22 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में पिता की गोद में खेल रही चार महीने की अबोध को लोहे के राड से प्रहार करके मौत के घाट उतार दिया। ये हत्या चंद रुपये के लेनदेन में की गई। इस घटना ने सभी को सहमा दिया है। बच्ची की हत्या को लेकर पड़ोसियों में रोष है। वे हत्यारोपी के घर तक पहुंच गए, लेकिन वह फरार हो गया। ये मामला थाना मंसूखपुरा के गांव करकौली का है।
विज्ञापन
ओमप्रकाश, पत्नी और तीन बच्चों के संग गांव करकौली में रहता है। उसकी गांव में ही परचून की दुकान है। उसी गांव का निवासी ओमकार शनिवार रात को दुकान से सामान खरीदने पहुंचा। दुकानदार ओमप्रकाश पुरानी उधारी का हिसाब-किताब करने लगा। उसने पहले सामान खरीदने के 400 रुपये मांगें। ओमकार ने टालते हुए सामान देने का दबाव बनाया, तो उसने इंकार कर दिया।
विज्ञापन
इस बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। ओमकार धमकी देने लगा, तो आसपास के लोगों ने उसे भगा दिया। मामला रफा दफा हो गया। ओमप्रकाश के मुताबिक वह अपने घर पहुंचा और अपनी चार महीने की बच्ची शिवानी को दरवाजे के पास खिलाने लगा। इसी बीच घात लगाकर बैठे ओमकार ने लोहे की राड से हमला कर दिया। इसमें शिवानी लहूलुहान हो गई।
विज्ञापन
खून से लथपथ स्थिति में उसे अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। नन्हीं बच्ची की मौत से गांव में मातम छा गया। नन्हीं बच्ची की हत्या से लोगों में इतना आक्रोश बढ़ा कि हत्यारोपी के घर पहुंच गए। वहां घर में ताला लगा देखकर तोड़फोड़ कर डाली। कुछ लोगों के कहने के बाद शांत हुए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
मां की बात मानती, तो बच जाती जान
मां गीता बार-बार एक भी बात को याद करके रो रही है। उनका कहना है कि वह शिवानी को बार-बार सुला रही थी। लेकिन वह सो नहीं रही थी। वह सो जाती, तो घर से बाहर जाती ही नहीं। शिवानी की दो बड़ी बहनें भी हैं। वे शिवानी पर जान छिड़कती थीं।