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पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय सिंह ने आगरा के लिए चलाई थी लश्कर एक्सप्रेस, ताजमहोत्सव के थे 'जनक'

Wed, 10 Jun 2020 12:07 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 10 Jun 2020 12:07 AM IST
सार

वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर आगरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने और वीपी सिंह सरकार में रेल उपमंत्री बने।

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Former Union Minister Ajay Singh Untold Story Rail Coach Factory Deram Not Complete
अजय सिंह चाहर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अजय सिंह ने आगरा के विकास के लिए कई ऐसे काम किए जिन्हें लोग याद करते हैं। वह जब उप रेलमंत्री बने तो आगरा से मुंबई तक के लिए लश्कर एक्सप्रेस चलवाई। उस समय इसकी मांग उठ रही थी। उनका सपना अछनेरा में रेल कोच फैक्टरी लगवाने का भी था। प्रस्ताव बन चुका था, प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी लेकिन तभी वीपी सिंह की सरकार गिर गई। उनका यह सपना अधूरा ही रह गया है। उन्होंने चाहरवाटी विकास परिषद का भी गठन किया था। आगरा में ताज महोत्सव शुरू कराया था। 
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चौ. चरण सिंह ने वर्ष 1986 में चौ. अजय सिंह चाहर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य बनाया। वर्ष 1989 में वह जनता दल के टिकट पर आगरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए और वीपी सिंह सरकार में रेल उपमंत्री बने। 1996 में केंद्रीय सांस्कृतिक स्रोत केंद्र के चेयरमैन बने। 
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आगरा के रहने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय सिंह का निधन, गुरुग्राम में ली अंतिम सांस
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पत्नी का हो चुका निधन
चौ. अजय सिंह चाहर को 2005 में केंद्र सरकार ने फिजी, टोंगा आदि दक्षिण प्रशांत सागर के देशों के लिए हाई कमिश्नर नियुक्त किया। इन देशों में उनके पिता चौ. भगवान सिंह भी हाई कमिश्नर रहे थे और उसी दौरान चौ. अजय सिंह की शादी भारतीय मूल की फिजी में रह रही शिरोमणी सिंह के साथ हुई थी। उनका दो साल पहले निधन हो गया था। उनके कोई संतान नहीं है।

चौधरी चरण सिंह के आग्रह पर आए थे राजनीति में 
जैंगरा गांव के आईएएस अधिकारी भगवान सिंह के घर जन्मे चौधरी अजय सिंह ने वर्ष 1980 में पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरणसिंह के आग्रह पर राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने किसान ट्रस्ट में मैनेजिंग ट्रस्टी का काम भी संभाला। उस समय ट्रस्ट के सदस्य चौ. देवी लाल, जॉर्ज फर्नाडीज, बीजू पटनायक, कर्पूरी ठाकुर, मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, राम विलास पासवान, रवि राय, चन्द्रावती आदि थे।

उनके निधन पर राजनीतिक, पत्रकार जगत व समाज में शोक की लहर है। निधन की खबर मिलते ही आगरा शहर में उनके नजदीक रहे शिवकुमार शर्मा, संसार सिंह इंदौलिया, अमरपाल सिंह, दाह संस्कार की अंतिम रस्म पूरी कराने को गुरुग्राम पहुंच गए हैं।


कई पत्र-पत्रिकाओं में संपादन भी
चौ. अजय सिंह चाहर की प्राथमिक शिक्षा मॉर्डन स्कूल दिल्ली से हुई और सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से 1971 में बीए (अंग्रेजी साहित्य) किया, जबकि स्नातकोत्तर (पत्रकारिता) केंटवरी विश्वविद्यालय न्यूजीलैंड (1974) से डिग्री प्राप्त की।

इसके बाद वे न्यूजीलैंड टेलीविजन में पब्लिसिटी व प्रोमोशन ऑफिसर रहे, जबकि फिजी में फिजी टाइम्स में वरिष्ठ उप संपादक के तौर पर कार्य किया, वहीं भारत में सूर्या इंडिया (साप्ताहिक पत्रिका) में सहायक-संपादक, इंडिया टुडे में समाचार संपादक और हिंदुस्तान टाइम्स में डिप्टी एडिटर के पद पर कार्य किया। वह किसान ट्रस्ट के असली भारत (हिंदी व उर्दू) और रियल इंडिया (अंग्रेजी) पत्रिका के मुख्य संपादक रहे।

आगरावासियों से लिए खुले रहते थे रेल भवन के दरवाजे 
वर्ष 1989 में वह जनता दल के टिकट पर आगरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए और वीपी सिंह सरकार में रेल उपमंत्री बने। वहीं भारत में वर्तमान में वह अखिल भारतीय सर्व जाट महासभा के अध्यक्ष थे। अमीर अहमद एडवोकेट बताते हैं कि वह जब उप रेल मंत्री थे रेल भवन के दरवाजे आगरा के लोगों के लिए हमेशा खुले रहते थे। आगरा वालों को सिर्फ यह कहना होता था कि आगरा से आए हैं, सीधे मंत्री तक चले जाते थे।

लोगों को जागरुक करने के लिए बनाई थी चाहरवाटी विकास परिषद
अजय सिंह के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। चाहरबाटी महासभा के अध्यक्ष मलखान सिंह भगतजी ने इसे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि देश विदेशों में आगरा का नाम रोशन करने वाले अजय सिंह चाहरबाटी के चिराग थे।
 
पूर्व मंत्री अजय सिंह ने अपने पैतृक गांव जैगारा में क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने के लिए चाहर वाटी विकास परिषद का 1980 में गठन किया था। इसकी देखवाल उनके चाचा हरीसिंह बाबूजी करते थे। उसके बाद चाहरबाटी महासभा का गठन 1993 में किया गया। 81 वर्षीय मलखानसिंह भगत, सोनवीर प्रधान, हम्मर प्रधान ने बताया कि उन्होंने गांधी स्मारक इंटर कॉलेज जैगारा में एक लाख रुपये देकर लाइब्रेरी की स्थापना कराई थी। अप्रैल 2019 में जैगारा आए थे, तब राजकुमार चाहर का समर्थन किया था। 

राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल, पूर्व विधायक चौधरी बदनसिंह, पूर्व विधायक सूरजपाल, चेयरमैन शिवरानी, पूर्व चेयरमैन जगदीश सिंह, मुरारीलाल, सुंदरलाल बंसल, भूप सिंह इंदौलिया, राजेंद्र निडर, कप्तान सिंह चाहर, संतोष चाहर, डॉ. मालती चौधरी, ओकार सिंह, डॉ. रामेश्वर सिंह ने उनके निधन पर शोक जताया है। सीकरी में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र फौजदार, डॉ अरविंद चाहर, भाजपा नेता पाल सिंह भगत, कांग्रेस नेता अशोक चौधरी, राधेश्याम शर्मा, बृजेंद्र सिंह कहरवार ने शोक जताया।

पूर्व विधायक की किताब का किया था लोकार्पण
पूर्व मंत्री अजयसिंह ने नागरी प्रचारिणी सभागार में पूर्व विधायक चौधरी बदन सिंह की मंजू मंजरी का लोकार्पण एक जुलाई 2019 को किया था।

आगरा से केंद्र में पहले मंत्री थे अजय सिंह 
 
विधान परिषद सदस्य 1986 से 89 तक
लोकसभा सदस्य 1989 में आगरा से
उप रेल मंत्री 1989 से 1991 तक
सांस्कृतिक स्रोत केंद्र के चेयरमैन 1996 में
फिजी, टोंगा आदि देशों के उच्चायुक्त 2005 में
अखिल भारतीय जाट महासभा अध्यक्ष 12 जुलाई 2012 को
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