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Agra News: समयावधि में पांटून पुल न बनने पर पूर्व मंत्री ने जताई नाराजगी
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समयावधि में पांटून पुल न बनने पर पूर्व मंत्री ने जताई नाराजगी, प्रमुख सचिव से करेंगे शिकायत
पिनाहट। चंबल नदी पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों के आवागमन के लिए बाह के केंजरा घाट और पिनाहट घाट पर हर वर्ष 15 अक्टूबर से 15 जून तक पांटून पुल का निर्माण किया जाता है। चंबल में बाढ़ आने के बाद पुल को हटाकर नदी किनारे सुरक्षित रखरखाव में रखा जाता है।
इस वर्ष 15 अक्तूबर की निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद अब दिसंबर माह चल रहा है, लेकिन दो माह से अधिक समय गुजरने के बावजूद दोनों स्थानों पर अभी तक पांटून पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इससे दोनों राज्यों की जनता और आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिनाहट घाट पर लगभग 90 प्रतिशत पुल का कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन पुल स्थापित किए जाने से पूर्व ही वन विभाग ने अनुमति न लेने का हवाला देते हुए कार्य रुकवा दिया। वहीं, केंजरा घाट पर भी पांटून पुल नहीं लगाया जा सका है। इस समस्या को लेकर क्षेत्र के लोग पूर्व मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह भदावर के पास पहुंचे। पूर्व मंत्री ने वन विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पुल को समय पर हटा दिया जाता है, लेकिन उसे समय पर लगाया क्यों नहीं जाता, यह गंभीर लापरवाही है। इस संबंध में वे वन विभाग एवं पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को लिखित रूप से अवगत कराएंगे।
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इस वर्ष 15 अक्तूबर की निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद अब दिसंबर माह चल रहा है, लेकिन दो माह से अधिक समय गुजरने के बावजूद दोनों स्थानों पर अभी तक पांटून पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इससे दोनों राज्यों की जनता और आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पिनाहट घाट पर लगभग 90 प्रतिशत पुल का कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन पुल स्थापित किए जाने से पूर्व ही वन विभाग ने अनुमति न लेने का हवाला देते हुए कार्य रुकवा दिया। वहीं, केंजरा घाट पर भी पांटून पुल नहीं लगाया जा सका है। इस समस्या को लेकर क्षेत्र के लोग पूर्व मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह भदावर के पास पहुंचे। पूर्व मंत्री ने वन विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पुल को समय पर हटा दिया जाता है, लेकिन उसे समय पर लगाया क्यों नहीं जाता, यह गंभीर लापरवाही है। इस संबंध में वे वन विभाग एवं पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को लिखित रूप से अवगत कराएंगे।
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