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अपात्रों से वसूले जाएंगे 7.20 लाख रुपये
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- फोटो : hdhdhd
मैनपुरी। विकास खंड बेवर की ग्राम पंचायत जासमई में अपात्रों से प्रधानमंत्री आवास की धनराशि की वसूली की जाएगी। खंड विकास अधिकारी ने जांच में रिकवरी की संस्तुति की थी। इसके बाद अब कार्रवाई तेज हो गई है। इसके लिए अपात्रों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
ग्राम पंचायत जासमई में छह अपात्रों के खाते में प्रधानमंत्री आवास की धनराशि भेजी गई थी। शिकायत के बाद खंड विकास अधिकारी बेवर की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था। इसके बाद उन्होंने अपात्रों से रिकवरी कराने की संस्तुति की थी। संस्तुति के आधार पर ही अपात्रों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत एक आवास के लिए 1.20 लाख रुपये की धनराशि दी जाती है। इसके अलावा 90 दिन की मनरेगा मजदूरी भी दी जाती है। ऐसे में अगर आवासों की धनराशि की बात करें तो कुल छह अपात्रों से 7.20 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार कुछ अपात्रों ने धनराशि जमा भी करा भी दी है। इसके बाद ये फर्जीवाड़ा और भी पुख्ता हो गया है।
पहले भी खुले चुके हैं घोटाला
प्रधानमंत्री आवासों में अपात्रों के नाम पर धनराशि भेजने का ये पहला मामला नहीं है। पहले भी दो ग्राम पंचायतों में ये खेल सामने आ चुका है। विकास खंड गरहल के गांव दूंदपुर पतारा और किशनी के गांव समान में दस-दस अपात्रों को आवासों की धनराशि दी गई थी।
मामला खुलने के बाद डीएम ने खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और लेखाकारों पर कार्रवाई करते हुए रिकवरी के आदेश भी दिए हैं।
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ग्राम पंचायत जासमई में छह अपात्रों के खाते में प्रधानमंत्री आवास की धनराशि भेजी गई थी। शिकायत के बाद खंड विकास अधिकारी बेवर की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था। इसके बाद उन्होंने अपात्रों से रिकवरी कराने की संस्तुति की थी। संस्तुति के आधार पर ही अपात्रों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत एक आवास के लिए 1.20 लाख रुपये की धनराशि दी जाती है। इसके अलावा 90 दिन की मनरेगा मजदूरी भी दी जाती है। ऐसे में अगर आवासों की धनराशि की बात करें तो कुल छह अपात्रों से 7.20 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार कुछ अपात्रों ने धनराशि जमा भी करा भी दी है। इसके बाद ये फर्जीवाड़ा और भी पुख्ता हो गया है।
पहले भी खुले चुके हैं घोटाला
प्रधानमंत्री आवासों में अपात्रों के नाम पर धनराशि भेजने का ये पहला मामला नहीं है। पहले भी दो ग्राम पंचायतों में ये खेल सामने आ चुका है। विकास खंड गरहल के गांव दूंदपुर पतारा और किशनी के गांव समान में दस-दस अपात्रों को आवासों की धनराशि दी गई थी।
मामला खुलने के बाद डीएम ने खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और लेखाकारों पर कार्रवाई करते हुए रिकवरी के आदेश भी दिए हैं।