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100 साल पुराना पेड़ गिरने पर FIR: सड़क निर्माण की खुदाई में गिरा दिया था, वन विभाग ने ठेकेदार पर किया केस
Thu, 16 Jul 2026 10:42 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:42 PM IST
सार
आगरा में सीएम ग्रिड के तहत हो रहे सड़क निर्माण के दाैरान 100 साल पुराना पेड़ गिर गया था। मामले में वन विभाग ने ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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दिल्ली गेट पर गिरा था पीपल का पेड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के हरीपर्वत से दिल्ली गेट के बीच सीएम ग्रिड की सड़क निर्माण के दौरान गहरी खुदाई कर बाधा बने पीपल के 100 साल पुराने हेरिटेज पेड़ को गिरा दिया गया था। नगर निगम से अनुबंधित फर्म श्रीराम कंस्ट्रक्शन के कर्मचारियों ने दिल्ली गेट पर ट्रांसफार्मर के पास लगे पुराने पेड़ को गिराने के बाद तत्काल लकड़ियां और जड़ें भी काट दीं। सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी तक शिकायत पहुंचने के बाद वन विभाग ने बृहस्पतिवार को ठेकेदार फर्म श्रीराम कंस्ट्रक्शन के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
अमर उजाला ने ताज ट्रेपेजियम जोन में काटे गए पेड़ के मामले में नियमों के उल्लंघन की खबरें लगातार प्रकाशित की थीं। ताज ट्रेपेजियम जोन के चेयरमैन और मंडलायुक्त के संज्ञान लेने के बाद वन विभाग के डीएफओ राजेश कुमार ने वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के तहत यह केस दर्ज कराया है। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि ताज ट्रेपेजियम जोन में किसी भी तरह के पेड़ को काटने से पहले सुप्रीम कोर्ट की अनुमति आवश्यक है। ऐसे में श्रीराम कंस्ट्रक्शन के दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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अमर उजाला ने ताज ट्रेपेजियम जोन में काटे गए पेड़ के मामले में नियमों के उल्लंघन की खबरें लगातार प्रकाशित की थीं। ताज ट्रेपेजियम जोन के चेयरमैन और मंडलायुक्त के संज्ञान लेने के बाद वन विभाग के डीएफओ राजेश कुमार ने वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 के तहत यह केस दर्ज कराया है। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि ताज ट्रेपेजियम जोन में किसी भी तरह के पेड़ को काटने से पहले सुप्रीम कोर्ट की अनुमति आवश्यक है। ऐसे में श्रीराम कंस्ट्रक्शन के दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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पांच लाख रुपये जुर्माना लगा चुका सुप्रीम कोर्ट
रुनकता में उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने पेड़ काटने से पहले आधा पुल बना लिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेने के लिए याचिका दायर की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सेतु निगम पर बीते साल पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी सरकारी योजना में पेड़ काटने की अनुमति मिलने से पहले निर्माण कार्य शुरू न किया जाए।
रुनकता में उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने पेड़ काटने से पहले आधा पुल बना लिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेने के लिए याचिका दायर की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सेतु निगम पर बीते साल पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी सरकारी योजना में पेड़ काटने की अनुमति मिलने से पहले निर्माण कार्य शुरू न किया जाए।
सीईसी तक पहुंची शिकायत, रुक सकता है काम
पीपल का पेड़ गिराने के साथ सीएम ग्रिड की हरीपर्वत से दिल्ली गेट के बीच सड़क निर्माण में दो अन्य पेड़ भी काटे जाने हैं। नगर निगम ने सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी से इन्हें काटने की अनुमति अब तक नहीं ली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए सीईसी की टीम मेट्रो की तर्ज पर सीएम ग्रिड का काम भी तब तक रुकवा सकती है, जब तक नगर निगम पेड़ों को काटने की अनुमति प्राप्त न कर ले।
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पीपल का पेड़ गिराने के साथ सीएम ग्रिड की हरीपर्वत से दिल्ली गेट के बीच सड़क निर्माण में दो अन्य पेड़ भी काटे जाने हैं। नगर निगम ने सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी से इन्हें काटने की अनुमति अब तक नहीं ली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए सीईसी की टीम मेट्रो की तर्ज पर सीएम ग्रिड का काम भी तब तक रुकवा सकती है, जब तक नगर निगम पेड़ों को काटने की अनुमति प्राप्त न कर ले।
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