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Agra News: फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे दवाओं के राज, 28 नमूने भेजे
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फोटो, फाइल फोटो
मलपुरा के अवैध गोदाम से हुई थीं बरामद, कंपनियों को भी जांच कराने के लिए भेजे नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
आगरा। टेढ़ी बगिया-धनौली में बरामद और यमुना किनारे जलाई गईं दवाओं के राज फॉरेंसिक जांच से सामने आएंगे। पुलिस और औषधि विभाग ने 28 नमूने जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों पर धाराएं बढ़ा दी जाएंगी। प्रकरण में दोनों विभाग जांच कर रहे हैं।
औषधि विभाग ने 29 सितंबर को मलपुरा के धनौली में अवैध गोदाम में पांच करोड़ की दवाएं बरामद की थीं। पकड़े गए आरोपी इकरार और मुकीम के मोबाइल में यमुना किनारे दवाएं जलाते हुए का वीडियो मिला। मौके पर जाकर पुलिस ने राख के नमूने भी लिए। इसके बाद 5 अक्तूबर को टेढ़ी बगिया में नाले-झाड़ियों में दवाएं मिलीं।
जांच में ये दवाएं सामान कंपनियों की मिलीं। इनके नकली दवाएं होने की आशंका है। ऐसे में पुलिस और विभाग वैज्ञानिक ढंग से जांच करा रहा है। टीम ने दवाओं के 27 और राख का नमूना लैब भेजा है। संबंधित कंपनियों को भी अपने स्तर से जांच कराने के लिए नोटिस दिया है। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि दवा और राख के नमूनों की जांच कराई जा रही है। इससे स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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औषधीय तत्व मिलने पर नमूने हो जाते हैं पास
पिछले साल फव्वारा में नामी कंपनियाें की 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की गई थीं। आरोपी पुडुचेरी में नामी कंपनियों के नाम से नकली दवाएं बनाकर बाजार में खपाते थे। विभाग ने दवाएं जब्त कर जांच के लिए भेजीं तो 28 में से 27 नमूने पास हो गए। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा ने बताया कि नामी कंपनियों की दवाएं बाजार में आसानी से बिकती हैं। आरोपी जांच में पकड़े जाने से बचने के लिए दवा में जरूरी औषधीय तत्व मिलाते हैं। सिर्फ वे गलत तरीके से नामी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करते हैं।
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नकली दवा मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। अन्य की तलाश के लिए पुलिस दबिश दे रही है। दवाएं के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी
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मलपुरा के अवैध गोदाम से हुई थीं बरामद, कंपनियों को भी जांच कराने के लिए भेजे नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
आगरा। टेढ़ी बगिया-धनौली में बरामद और यमुना किनारे जलाई गईं दवाओं के राज फॉरेंसिक जांच से सामने आएंगे। पुलिस और औषधि विभाग ने 28 नमूने जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों पर धाराएं बढ़ा दी जाएंगी। प्रकरण में दोनों विभाग जांच कर रहे हैं।
औषधि विभाग ने 29 सितंबर को मलपुरा के धनौली में अवैध गोदाम में पांच करोड़ की दवाएं बरामद की थीं। पकड़े गए आरोपी इकरार और मुकीम के मोबाइल में यमुना किनारे दवाएं जलाते हुए का वीडियो मिला। मौके पर जाकर पुलिस ने राख के नमूने भी लिए। इसके बाद 5 अक्तूबर को टेढ़ी बगिया में नाले-झाड़ियों में दवाएं मिलीं।
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जांच में ये दवाएं सामान कंपनियों की मिलीं। इनके नकली दवाएं होने की आशंका है। ऐसे में पुलिस और विभाग वैज्ञानिक ढंग से जांच करा रहा है। टीम ने दवाओं के 27 और राख का नमूना लैब भेजा है। संबंधित कंपनियों को भी अपने स्तर से जांच कराने के लिए नोटिस दिया है। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि दवा और राख के नमूनों की जांच कराई जा रही है। इससे स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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औषधीय तत्व मिलने पर नमूने हो जाते हैं पास
पिछले साल फव्वारा में नामी कंपनियाें की 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की गई थीं। आरोपी पुडुचेरी में नामी कंपनियों के नाम से नकली दवाएं बनाकर बाजार में खपाते थे। विभाग ने दवाएं जब्त कर जांच के लिए भेजीं तो 28 में से 27 नमूने पास हो गए। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा ने बताया कि नामी कंपनियों की दवाएं बाजार में आसानी से बिकती हैं। आरोपी जांच में पकड़े जाने से बचने के लिए दवा में जरूरी औषधीय तत्व मिलाते हैं। सिर्फ वे गलत तरीके से नामी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करते हैं।
नकली दवा मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। अन्य की तलाश के लिए पुलिस दबिश दे रही है। दवाएं के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी