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लॉकडाउन: वृंदावन में बंद हैं मंदिरों के पट, इस्कॉन के बाहर भक्ति में झूम रहे विदेशी भक्त
Thu, 02 Apr 2020 04:51 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 02 Apr 2020 04:51 PM IST
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इस्कॉन मंदिर के बाहर श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन में तीर्थनगरी वृंदावन के मंदिर भले ही बंद हो, लेकिन विदेशी श्रद्धालुओं की श्रद्धा परवान चढ़ी हुई है। वो लॉकडाउन में भी मंदिरों के बाहर कीर्तन करके झूम रहे हैं। इस दौरान वो मंदिर से मिलने वाले प्रसाद की मांग करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
इस्कॉन मंदिर को वृंदावन में सबसे पहले बंद कर दिया गया था। एहतियात के तौर पर अंदर रह रहे लगभग 75 ब्रह्मचारियों को भी अंदर ही रहने के निर्देश मंदिर के अधिकारियों ने दिए थे। तब से लेकर अब तक सभी ब्रह्मचारी तथा अन्य लोग अंदर ही रहते हैं। इसके बाद भी इस्कॉन के आसपास रह रहे विदेशी भक्त आरती के समय मंदिर के गेट के सामने पहुंच जाते हैं और आरती के समय संकीर्तन कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को संकीर्तन करते हुए अर्जेंटीना के महाबाहुदास ने बताया कि वो करीब एक महीने पहले वृंदावन आए थे और अब वो एक भी दिन कृष्ण रस के बिना नहीं रह सकते। वो प्रतिदिन दोपहर को आरती के समय मंदिर के बाहर आकर आरती का आनंद लेते हैं।
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इस्कॉन मंदिर को वृंदावन में सबसे पहले बंद कर दिया गया था। एहतियात के तौर पर अंदर रह रहे लगभग 75 ब्रह्मचारियों को भी अंदर ही रहने के निर्देश मंदिर के अधिकारियों ने दिए थे। तब से लेकर अब तक सभी ब्रह्मचारी तथा अन्य लोग अंदर ही रहते हैं। इसके बाद भी इस्कॉन के आसपास रह रहे विदेशी भक्त आरती के समय मंदिर के गेट के सामने पहुंच जाते हैं और आरती के समय संकीर्तन कर रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को संकीर्तन करते हुए अर्जेंटीना के महाबाहुदास ने बताया कि वो करीब एक महीने पहले वृंदावन आए थे और अब वो एक भी दिन कृष्ण रस के बिना नहीं रह सकते। वो प्रतिदिन दोपहर को आरती के समय मंदिर के बाहर आकर आरती का आनंद लेते हैं।
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गरीबों में बांटा जाएगा का प्रसाद
इस्कॉन मंदिर के 75 ब्रह्मचारियों द्वारा तैयार मंदिर का प्रसाद शुक्रवार से गरीबों के लिए वितरित किया जाएगा। इसके लिए मंदिर के अधिकारियों ने सारी व्यवस्था कर ली है। यह प्रसाद वाहनों के माध्यम से गरीबों के पास जाकर बांटा जाएगा।
मंदिर खुलते समय इस प्रसाद को बहुत से भक्तगणों में बांटा जाता था। इस्कॉन मंदिर द्वारा सामान्य दिनों में खिचड़ी तथा अन्य प्रकार का प्रसाद प्रतिदिन भक्तगणों में बांटा जाता था लेकिन जब से मंदिर को 18 मार्च को एकदम बंद कर दिया गया।
इसके बाद से अंदर मौजूद कोई भी ब्रह्मचारी मंदिर से बाहर नहीं आया। लेकिन अब उनके द्वारा प्रसाद को गरीबों में बांटने का निर्णय लिया है। इस्कॉन के पीआओ सौरभ त्रिविक्रम दास ने बताया शुक्रवार से मंदिर का प्रसाद को गरीबों में वितरित किया जाएगा।
मंदिर खुलते समय इस प्रसाद को बहुत से भक्तगणों में बांटा जाता था। इस्कॉन मंदिर द्वारा सामान्य दिनों में खिचड़ी तथा अन्य प्रकार का प्रसाद प्रतिदिन भक्तगणों में बांटा जाता था लेकिन जब से मंदिर को 18 मार्च को एकदम बंद कर दिया गया।
इसके बाद से अंदर मौजूद कोई भी ब्रह्मचारी मंदिर से बाहर नहीं आया। लेकिन अब उनके द्वारा प्रसाद को गरीबों में बांटने का निर्णय लिया है। इस्कॉन के पीआओ सौरभ त्रिविक्रम दास ने बताया शुक्रवार से मंदिर का प्रसाद को गरीबों में वितरित किया जाएगा।