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परिवार बढ़ने से भी घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए लोग
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 21 Jun 2016 01:10 AM IST
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विहिप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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विश्व हिंन्दू परिषद लगातार दावा कर रही है कि मिश्रित आबादी वाले इलाकों से हिंदुओं ने पलायन किया है। इसकी सूची भी जारी की जा रही है। लेकिन सूची की पड़ताल करने पर कुछ और भी हकीकत सामने आती है। लोगों के घर छोड़ने की वजह सिर्फ दहशत नहीं है। ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने परिवार बढ़ जाने के चलते पुश्तैनी मकान छोड़े हैं। ये लोग पुराना शहर छोड़कर बाहरी बस्तियों में बसे हैं।
इन्हीं में से एक हैं श्याम सिंह। 90 के दशक में छोटा गालिबपुरा से निकलकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने के बाद अब भगवती विहार में परिवार सहित बस गए हैं। बताते हैं, कुछ लोग परेशान कर रहे थे। इसलिए पुस्तैनी मकान बेचना पड़ा। पहले वे कई साल विकास प्राधिकरण के छोटे घरों में रहे, इसके बाद उन्होंने भगवती विहार में छोटा सा अपना घर बनवा लिया।
श्याम सिंह के घर से सौ मीटर पहले धनीराम अपने एक बेटे के साथ रहते हैं। वे खातीपाड़ा में रहते थे। मगर, पैतृक घर बेचने का उनका दूसरा कारण था। उन्होंने दहशत में नहीं बल्कि अपने चार जवान बेटों के परिवार को व्यवस्थित करने के लिए अपना पैतृक मकान बेच दिया। इस रकम में कुछ और रकम मिलाकर उन्होंने अपने चार बेटों की गृहस्थी बसा दी। बेटों की शादी के बाद उनका घर छोटा पड़ने लगा था। गौरतलब है कि ये वही खातीपाड़ा है, जहां से दहशत में पलायन करने वालों की सूची विहिप ने जारी की थी। यहीं के पातीराम ने भी बच्चों को व्यवस्थित करने के लिए बांईपुर क्षेत्र में बना अपना पैतृक घर बेच दिया।
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बता दें कि भगवती विहार जैसे शहर से बाहर तमाम क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। इनमें अलग-अलग वजहों से आकर लोग बस रहे हैं। किसी की नई पीढ़ी तंग गलियों में नहीं रहना चाहती तो समय के साथ किसी के छोटे पड़ते घर विस्थापन की वजह बन रहे हैं।
विहिप ने 35 और परिवारों की सूची जारी की
विहिप के प्रांत संयोजक सुनील पाराशर ने सोमवार को तोपखाना, छोटा गालिबपुरा, इमली वाली गली और खातीपाड़ा से पलायन करने वालों की सूची जारी की। उनका कहना है कि पलायन करने वाले अधिकांश परिवारों से उनके कार्यकर्ता मुलाकात कर पलायन का कारण का भी जान रहे हैं। इस दौरान प्रांत सहसंयोजक राकेश त्यागी, रवि दुबे, दिग्विजयनाथ तिवारी, धर्मेंद्र गोला, विनोद शर्मा, विवेक चौरसिया आदि मौजूद थे।
विहिप द्वारा जारी सूची
तोपखाना, छोटा गालिबपुरा
. राकेश प्रजापति, चंद्रभान प्रजापति, सुरेश चंद, रमेश चंद, भूप सिंह, अमर सिंह, गोपी, लच्छो प्रजापति, मोहनलाल, प्यारेलाल जीवाराम, सुखराम, रामप्रकाश, हरीशचंद, चुच्चन, पूरनचंद, भिक्की राम, डालचंद, ख्यालीराम, यादराम, नत्थीलाल, सीताराम, लक्ष्मण, श्याम सुंदर, जयचंद प्रजापति।
इमली वाली गली
रवि माहौर पुत्र रेवती प्रसाद-34/104 खातीपाड़ा गुदड़ी, हुकुम देवी माहौर पत्नी रामबाबू-खातीपाड़ा गुदड़ी, मीरा माहौर पत्नी होतीलाल माहौर-33/18 इमली वाली गली, श्याम पुत्र गोपाल माहौर-गुदड़ी, उर्मिला माहौर पत्नी स्व. गोकुल माहौर-33/23 इमली वाली गली, नारायणी देवी पत्नी छोटेलाल माहौर, मानिक चंद-इमली वाली गली, शारदा पत्नी तुलाराम-गढैया बेसन बस्ती, पदम माहौर, ज्ञानी माहौर, गीता माहौर।
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इन्हीं में से एक हैं श्याम सिंह। 90 के दशक में छोटा गालिबपुरा से निकलकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने के बाद अब भगवती विहार में परिवार सहित बस गए हैं। बताते हैं, कुछ लोग परेशान कर रहे थे। इसलिए पुस्तैनी मकान बेचना पड़ा। पहले वे कई साल विकास प्राधिकरण के छोटे घरों में रहे, इसके बाद उन्होंने भगवती विहार में छोटा सा अपना घर बनवा लिया।
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श्याम सिंह के घर से सौ मीटर पहले धनीराम अपने एक बेटे के साथ रहते हैं। वे खातीपाड़ा में रहते थे। मगर, पैतृक घर बेचने का उनका दूसरा कारण था। उन्होंने दहशत में नहीं बल्कि अपने चार जवान बेटों के परिवार को व्यवस्थित करने के लिए अपना पैतृक मकान बेच दिया। इस रकम में कुछ और रकम मिलाकर उन्होंने अपने चार बेटों की गृहस्थी बसा दी। बेटों की शादी के बाद उनका घर छोटा पड़ने लगा था। गौरतलब है कि ये वही खातीपाड़ा है, जहां से दहशत में पलायन करने वालों की सूची विहिप ने जारी की थी। यहीं के पातीराम ने भी बच्चों को व्यवस्थित करने के लिए बांईपुर क्षेत्र में बना अपना पैतृक घर बेच दिया।
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बता दें कि भगवती विहार जैसे शहर से बाहर तमाम क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। इनमें अलग-अलग वजहों से आकर लोग बस रहे हैं। किसी की नई पीढ़ी तंग गलियों में नहीं रहना चाहती तो समय के साथ किसी के छोटे पड़ते घर विस्थापन की वजह बन रहे हैं।
विहिप ने 35 और परिवारों की सूची जारी की
विहिप के प्रांत संयोजक सुनील पाराशर ने सोमवार को तोपखाना, छोटा गालिबपुरा, इमली वाली गली और खातीपाड़ा से पलायन करने वालों की सूची जारी की। उनका कहना है कि पलायन करने वाले अधिकांश परिवारों से उनके कार्यकर्ता मुलाकात कर पलायन का कारण का भी जान रहे हैं। इस दौरान प्रांत सहसंयोजक राकेश त्यागी, रवि दुबे, दिग्विजयनाथ तिवारी, धर्मेंद्र गोला, विनोद शर्मा, विवेक चौरसिया आदि मौजूद थे।
विहिप द्वारा जारी सूची
तोपखाना, छोटा गालिबपुरा
. राकेश प्रजापति, चंद्रभान प्रजापति, सुरेश चंद, रमेश चंद, भूप सिंह, अमर सिंह, गोपी, लच्छो प्रजापति, मोहनलाल, प्यारेलाल जीवाराम, सुखराम, रामप्रकाश, हरीशचंद, चुच्चन, पूरनचंद, भिक्की राम, डालचंद, ख्यालीराम, यादराम, नत्थीलाल, सीताराम, लक्ष्मण, श्याम सुंदर, जयचंद प्रजापति।
इमली वाली गली
रवि माहौर पुत्र रेवती प्रसाद-34/104 खातीपाड़ा गुदड़ी, हुकुम देवी माहौर पत्नी रामबाबू-खातीपाड़ा गुदड़ी, मीरा माहौर पत्नी होतीलाल माहौर-33/18 इमली वाली गली, श्याम पुत्र गोपाल माहौर-गुदड़ी, उर्मिला माहौर पत्नी स्व. गोकुल माहौर-33/23 इमली वाली गली, नारायणी देवी पत्नी छोटेलाल माहौर, मानिक चंद-इमली वाली गली, शारदा पत्नी तुलाराम-गढैया बेसन बस्ती, पदम माहौर, ज्ञानी माहौर, गीता माहौर।