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आश्रम की जमीन कब्जाने को हुई महंत की हत्या
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मथुरा। निम्बार्क आश्रम अटल्ला चुंगी आश्रम की जमीन कब्जाने के लिए ड्राइवर ने महंत की हत्या का ताना-बाना बुना था। पुलिस ने महंत की हत्या के खुलासे का दावा करते हुए दंपती समेत तीन को पकड़ा है। हालांकि मुख्य आरोपी ड्राइवर समेत तीन फरार हैं। हकीकत तो मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से ही पता चलेगी।
13 जून को मांट के राधारानी मंदिर मार्ग पर एक साधु का शव मिला था। शव की पहचान छुपाने के लिए चेहरे को जलाया गया। पुलिस ने मृतक की शनाख्त वृंदावन से लापता हुए निम्बार्क पीठ आश्रम अटल्ला चुंगी के महंत मुकुंद शरण शास्त्री के रूप में की थी। एसपी सिटी अशोक मीणा ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक सदुवनराम गौतम ने हत्यारोपी जितेंद्र पुत्र छोटे लाल, मीरा देवी पत्नी छोटे लाल और प्रीति पत्नी जितेंद्र निवासी गौधूलिपुरम अघौर पीठ के पीछे वृंदावन को पकड़ा है। मुख्य आरोपी उमेश पाठक उर्फ मोनू पुत्र खचेड़मल निवासी जयपुर, ललित कुमार पुत्र छोटे लाल निवासी अघौर पीठ वृंदावन और भुवनेश कुमार पुत्र आशाराम निवासी होली वाली गली फरार हैं। मुख्य आरोपी ड्राइवर उमेश ने गद्दी हथियाने और आश्रम की जमीन कब्जाने का ताना-बाना बुना था। उसके लिए गौधूलिपुरम के पास चाय की दुकान करने वाले परिवार को लालच देकर साथ लिया।
नशे की हालत में महंत से कागजातों पर कराए हस्ताक्षर
मथुरा। सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि ड्राइवर उमेश पाठक पर महंत और अन्य का काफी कर्जा हो गया था। 12 जून को महंत बालमुकुंद शरण शास्त्री को ड्राइवर हत्यारोपी जितेंद्र के घर ले गया था। यहां लस्सी में नशे की गोलियां मिला दीं। नशे की हालत में महत्वपूर्ण कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। शव को कार में रखकर मांट के राधारानी मार्ग पर ले गए। यहां पर शव की पहचान मिटाने को चेहरे पर कंबल रखकर जला दिया।
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13 जून को मांट के राधारानी मंदिर मार्ग पर एक साधु का शव मिला था। शव की पहचान छुपाने के लिए चेहरे को जलाया गया। पुलिस ने मृतक की शनाख्त वृंदावन से लापता हुए निम्बार्क पीठ आश्रम अटल्ला चुंगी के महंत मुकुंद शरण शास्त्री के रूप में की थी। एसपी सिटी अशोक मीणा ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक सदुवनराम गौतम ने हत्यारोपी जितेंद्र पुत्र छोटे लाल, मीरा देवी पत्नी छोटे लाल और प्रीति पत्नी जितेंद्र निवासी गौधूलिपुरम अघौर पीठ के पीछे वृंदावन को पकड़ा है। मुख्य आरोपी उमेश पाठक उर्फ मोनू पुत्र खचेड़मल निवासी जयपुर, ललित कुमार पुत्र छोटे लाल निवासी अघौर पीठ वृंदावन और भुवनेश कुमार पुत्र आशाराम निवासी होली वाली गली फरार हैं। मुख्य आरोपी ड्राइवर उमेश ने गद्दी हथियाने और आश्रम की जमीन कब्जाने का ताना-बाना बुना था। उसके लिए गौधूलिपुरम के पास चाय की दुकान करने वाले परिवार को लालच देकर साथ लिया।
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नशे की हालत में महंत से कागजातों पर कराए हस्ताक्षर
मथुरा। सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि ड्राइवर उमेश पाठक पर महंत और अन्य का काफी कर्जा हो गया था। 12 जून को महंत बालमुकुंद शरण शास्त्री को ड्राइवर हत्यारोपी जितेंद्र के घर ले गया था। यहां लस्सी में नशे की गोलियां मिला दीं। नशे की हालत में महत्वपूर्ण कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। शव को कार में रखकर मांट के राधारानी मार्ग पर ले गए। यहां पर शव की पहचान मिटाने को चेहरे पर कंबल रखकर जला दिया।
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