फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   followers of virendra dev trying makeover his image in agra

वीरेंद्र देव को बचाने में जुट गए 'चेले', कथित आध्यात्मिक आश्रमों में हो रहे ये काम

Wed, 27 Dec 2017 01:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Wed, 27 Dec 2017 01:11 PM IST
विज्ञापन
followers of virendra dev trying makeover his image in agra
वीरेंद्र देव का अाश्रम - फोटो : अमर उजाला
यौन शोषण के आरोपों के बाद फरार चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के संचालक वीरेंद्र देव दीक्षित को उसके अनुयायी बचाने में जुट गए हैं। आगरा में थाना ताजगंज के गांव कहरई में भी आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम से संचालित वीरेंद्र दीक्षित का आश्रम चार साल से चल रहा है। 
विज्ञापन


क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि आश्रम में आध्यात्मिक ज्ञान के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां होती हैं। वीरेंद्र दीक्षित के विवादों में आने के बाद आश्रम में गतिविधियां बढ़ गई हैं। बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। सत्संग के आयोजन हो रहे हैं। 
विज्ञापन


आश्रम के आसपास की रहने वाली महिलाओं का कहना था कि आश्रम में छह महिलाएं और लड़कियां रहती हैं। उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जाता है। अगर, कोई आश्रम के गेट पर बात करने जाता है तो गेट अंदर से बंद कर लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

followers of virendra dev trying makeover his image in agra
वीरेंद्र देव का अाश्रम - फोटो : अमर उजाला
अगर, कोई किसी तरह अंदर चला जाता है तो उससे कहा जाता है कि तुम शुद्ध नहीं हो। आश्रम में हर रोज बड़ी संख्या में महिलाएं और लड़कियां आती हैं। सभी सफेद साड़ी और सलवार-सूट पहनती हैं। उनके आने पर ही कुछ देर के लिए गेट खोला जाता है। 

उनका कहना है कि रविवार को वाहनों से भी लोग आते हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं होती हैं। उनके अंदर जाने पर तेज आवाज में टीवी चलने लगती है। 

इसकी आवाज बाहर तक सुनाई देती है। मगर, समझ नहीं आता है। आश्रम की खिड़कियां भी अंदर से बंद रहती हैं। जब से आश्रम संचालक पर आरोप लगे हैं यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। सत्संग भी ज्यादा होने लगे हैं। 

सीडी और इंटरनेट के माध्यम से सत्संग

आश्रम से जुड़े राजकुमार ने बताया कि आश्रम में सत्संग होता है। लड़कियों को कन्या, महिलाओं को माता और पुरुषों को भाई कहा जाता है। बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित की सीडी और इंटरनेट के माध्यम से सत्संग सुना जाता है। 

इसके बाद ध्यान करते हैं। सुबह और शाम को ध्यान किया जाता है। इसमें सभी अपनी स्वेच्छा से आते हैं। किसी से कोई जोर-जबर्दस्ती नहीं है। बच्चों से लेकर वृद्ध तक आते हैं।

किताब बांटते हैं

आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की सिंहावलोकन नाम से एक पुस्तक भी है, जिसे आश्रम में आने वालों को दिया जाता है। इसमें आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के बारे में बताया गया है। इसके अलावा संगठनात्मक ढांचा, इतिहास, प्रबंधन, शिक्षा आदि के बारे में लिखा हुआ है। 

पुस्तक में आश्रम के फर्रुखाबाद, लखनऊ, चंडीगढ़, दिल्ली, कम्पिला, जयपुर, कोलकाता, भोपाल, मुंबई, हैदराबाद, बंगलूरू, चेन्नई, काठमांडू आश्रम का पता और मोबाइल नंबर की जानकारी दी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed