खतरा टला: यमुना में जलस्तर 2.3 फीट घटा, 40 से अधिक गांव में लोगों ने ली राहत की सांस
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार अगले 24 घंटे में तेजी से जलस्तर घटेगा। जलस्तर लो फ्लड लेवल से नीचे जा सकता है।
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यमुना में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। जलस्तर 2.3 फीट घटा है। आगरा के वॉटर वर्क्स पर बृहस्पतिवार शाम छह बजे यमुना 497 फीट पर बह रही थी। मंगलवार को जलस्तर 499.3 फीट तक पहुंच गया था। 40 प्रभावित गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि निचले इलाकों और खेतों में पानी भरा है।
यमुना का लो फ्लड लेवल 495 फीट है। नदी दो फीट ऊपर बह रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार अगले 24 घंटे में तेजी से जलस्तर घटेगा। जलस्तर लो फ्लड लेवल से नीचे जा सकता है। बल्केश्वर और दयालबाग क्षेत्र में 12 से अधिक काॅलोनियों के रास्तों में भरा पानी भी अब निकलने लगा है।
सिकंदपुर, मनोहरपुर, नगला तल्फी, बाबपुर के खेतों में पानी भरा है। सदर, बाह, एत्मादपुर और किरावली में 40 गांव प्रभावित हुए थे। 1000 बीघा से अधिक फसल डूब गई थी। यमुना में जलस्तर घटने के बाद बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने खेतों का जायजा लिया। फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग प्रशासन से की। एडीएम वित्त यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि खेतों से पानी निकलने के बाद प्रभावित फसलों का सर्वे कराया जाएगा।
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गोकुल बैराज से डिस्चार्ज 1.02 लाख क्यूसेक
गोकुल बैराज से यमुना में बृहस्पतिवार की शाम 6 बजे तक 1.02 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज यमुना में हो रहा था। दो दिन पहले यह 1.68 लाख तक पहुंच गया था। बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी राकेश बाबू के अनुसार गोकुल बैराज से डिस्चार्ज लगातार घट रहा है। जिसके कारण बाढ़ का खतरा टल गया है। ओखला बैराज से 38 हजार क्यूसेक और हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 40 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज है।
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ऐसे घटा जलस्तर -
- बुधवार रात 10 बजे : 498.1
- बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे : 497.5
- सुबह 10 बजे : 497.4
- दोपहर 12 बजे : 497.3
- दोपहर 2 बजे : 497.2
- शाम 6 बजे : 497 फीट