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UP: यमुना का जलस्तर एक फीट घटा...अब बारिश से बढ़ेगा खतरा, अलर्ट की गईं बाढ़ चाैकियां; फसलों को नुकसान
Wed, 13 Aug 2025 12:01 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 13 Aug 2025 12:01 AM IST
सार
अब यमुना का जलस्तर घटने लगा है। नदी के जलस्तर में करीब एक फीट तक की कमी आई है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। बारिश से नदी का जलस्तर फिर से बढ़ सकता है। ऐसे में बाढ़ चाैकियों को अलर्ट किया गया है।
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खेतों में घुसा यमुना का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में यमुना का उफान मंगलवार को थम गया। पिछले 24 घंटे में एक फुट जलस्तर घटा है। लेकिन, पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला नहीं थमा तो बैराजों से पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
वाटर वर्क्स पर सोमवार रात यमुना का जलस्तर 494.4 फीट तक पहुंच गया था। इससे बल्केश्वर, फाउंड्री नगर, पोइया व ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। खेतों में पानी घुस गया। मंगलवार शाम जलस्तर घटा, तो प्रभावित लोगों ने नुकसान का जायजा लिया।
बाढ़ नियंत्रण प्रभारी एवं एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला ने बताया कि मंगलवार सुबह 8 बजे मथुरा स्थित गोकुल बैराज से आगरा की तरफ यमुना में 62769 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ओखला बैराज से नदी में डिस्चार्ज 23636 क्यूसेक और ताजेवाला बैराज से डिस्चार्ज 29804 क्यूसेक रहा। उन्होंने बताया कि सोमवार रात में जलस्तर घटा। इसके बाद मंगलवार को दिन में जलस्तर बढ़ने के बाद शाम को फिर से उतरने लगा है। एक फुट यमुना उतरी है। उधर, पिनाहट में चंबल 114 मीटर पर बह रही है।
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वाटर वर्क्स पर सोमवार रात यमुना का जलस्तर 494.4 फीट तक पहुंच गया था। इससे बल्केश्वर, फाउंड्री नगर, पोइया व ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। खेतों में पानी घुस गया। मंगलवार शाम जलस्तर घटा, तो प्रभावित लोगों ने नुकसान का जायजा लिया।
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बाढ़ नियंत्रण प्रभारी एवं एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला ने बताया कि मंगलवार सुबह 8 बजे मथुरा स्थित गोकुल बैराज से आगरा की तरफ यमुना में 62769 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ओखला बैराज से नदी में डिस्चार्ज 23636 क्यूसेक और ताजेवाला बैराज से डिस्चार्ज 29804 क्यूसेक रहा। उन्होंने बताया कि सोमवार रात में जलस्तर घटा। इसके बाद मंगलवार को दिन में जलस्तर बढ़ने के बाद शाम को फिर से उतरने लगा है। एक फुट यमुना उतरी है। उधर, पिनाहट में चंबल 114 मीटर पर बह रही है।
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वाटर वर्क्स पर यमुना का चेतावनी स्तर 495 फीट है। 499 फीट मध्यम बाढ़ का स्तर है। पिनाहट में चंबल नदी पर खतरे का निशान 130 मीटर है। डीएम अरविंद एम मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि बाढ़ का खतरा नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं। राहत व बचाव टीमों को हर समय तैयार रहने के निर्देश हैं। आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण हैं।
उफान के बाद थमी यमुना, खतरा बरकरार
उफान के बाद सोमवार को बाह में यमुना नदी का जलस्तर थम गया। विभिन्न बांधों से पानी की आवक के चलते अभी खतरा टला नहीं है। तटवर्तीय ग्रामीण किसानों की निगाहें यमुना नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं।
नदी के उफान के पानी में तराई के गांव विक्रमपुर कछार, बिठौली, गगनकी, सुंसार, चरीथा, बाग गुड़ियाना समेत 35 गांवों के कछार के बाजरा, तिल और सब्जी के खेत में फसलें डूब गई हैं। विक्रमपुर कछार, चरीथा, गगनकी, बड़ापुरा के नजदीक तक यमुना के उफान का पानी पहुंच गया है।
उफान के बाद सोमवार को बाह में यमुना नदी का जलस्तर थम गया। विभिन्न बांधों से पानी की आवक के चलते अभी खतरा टला नहीं है। तटवर्तीय ग्रामीण किसानों की निगाहें यमुना नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं।
नदी के उफान के पानी में तराई के गांव विक्रमपुर कछार, बिठौली, गगनकी, सुंसार, चरीथा, बाग गुड़ियाना समेत 35 गांवों के कछार के बाजरा, तिल और सब्जी के खेत में फसलें डूब गई हैं। विक्रमपुर कछार, चरीथा, गगनकी, बड़ापुरा के नजदीक तक यमुना के उफान का पानी पहुंच गया है।
निचले इलाके के यमुना नदी से जुड़ने वाले बीहड़ के रास्तों तक पर पानी आ गया है। फसलों के नष्ट होने और गांव तक पानी पहुंचने से परेशान ग्रामीण किसान नदी के जलस्तर पर निगाहें जमाए बैठे हैं, खतरे को लेकर आशंकित हैं। बटेश्वर के घाट पर यमुना नदी के उफान और तेज बहाव से हादसे का खतरा पैदा हो गया है। एसडीएम बाह हेमंत कुमार ने बताया कि यमुना नदी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। किसी गांव के आबादी क्षेत्र तक नदी का पानी नहीं पहुंचा है। निचले इलाके के खेतों में जरूर पानी भर गया है। प्रशासन ने बचाव और राहत के लिए 5 बाढ़ चौकियां बटेश्वर, विक्रमपुर, पारना, कचौराघाट, रामपुर चंद्रसेनी में बनाई हैं।