{"_id":"63051a31dff2920fa426b891","slug":"flood-outbreak-due-to-the-rise-of-ganga-40-villages-of-the-district-affected-kasganj-news-agr544255446","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा के उफान से बाढ़ का प्रकोप, जिले के 40 गांव हुए प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा के उफान से बाढ़ का प्रकोप, जिले के 40 गांव हुए प्रभावित
विज्ञापन
कासगंज के गांव घवरा में बाढ के पानी से होकर गुजरते ग्रामीण ।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। मंगलवार को जिले में मीडियम फ्लड के हालात बनने से तटवर्ती इलाकों के खेतों और 40 गांवों की आबादी तक बाढ़ के पानी से घिर गई है। गांव की सड़कों पर जलजमाव हो गया है। बाढ़ का पानी भर जाने के कारण प्रभावित इलाकों में काफी परेशानियां बढ़ी है। लोगों का पूरा दिन बाढ़ के पानी से बचाव करने में ही निकल गया। गंगा के जलस्तर में मंगलवार को 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। सोरोंजी के लहरा, डिंगलेस नगर इलाके के आबादी तक बाढ़ के पानी की दस्तक हो गई। इसी तरह उढ़ेर, दतलाना, मानपुर नगरिया के खेतों में पानी भर गया।
गंगा में बीते सोमवार को 80 सेंटीमीटर जलस्तर में वृद्धि हुई थी। इसके बाद ही जलस्तर में सायं के समय से वृद्धि होने लगी। मध्यरात्रि के बाद तटवर्ती इलाकों में गंगा का पानी पहुंचने लगा। सुबह के समय जब गांव में किसान सो कर उठे तो गंगा का पानी गांव में भरा हुआ नजर आया। लोग बाढ़ के बढ़ने की आशंका को देखते हुए अपने - अपने बचाव के कार्यों में जुट गए। नरौरा से सुबह 8 बजे मीडियम फ्लड लेविल का डिस्चार्ज था।
इस सीजन का यह सबसे अधिक डिस्चार्ज था। जिसने डेढ़ लाख क्यूसेक के आंकड़े को पार कर दिया। सुबह का यह डिस्चार्ज शाम से जिले में आना शुरू हो गया। उढ़ेर बांध पर भी पानी का दबाव बढ़ता रहा। शहबाजपुर इलाके में भी गंगा का पानी काफी बढ़ गया। आबादी के पास तक यहां पानी की दस्तक है। बमनपुरा, किलौनी, किसौल, नगलाढाव के इलाकों में भी गंगा के पानी की दस्तक थी। खेतों में सड़कों पर बाढ़ का पानी भरा हुआ था। जगह जगह किसान मिट्टी काटकर पानी को रोकने के प्रयास कर रहे थे। पटियाली क्षेत्र के घबरा, गजौरा व आस पास के इलाकों में 4-4 फुट तक पानी भरा हुआ था। गांव की सड़कों पर भी पानी था। खेतों में काफी पानी होने के कारण किसान खेतों की तरफ नहीं जा पा रहे थे। लहरा और कछला गंगाघाट पर भी बाढ़ का पानी होने के कारण श्रद्धालुओं ने किनारे पर ही गंगा स्नान किया।
विज्ञापन
40 गांवों के खेतों में भरा पानी
जिले में मीडियम फ्लड के लिए 40 गांवों पर असर है। ज्यादातर गांव के खेतों में पानी भर चुका है। आबादी तक पानी की दस्तक हो चुकी है। कई गांव में आबादी तक पानी की दस्तक है। प्रभावित गांव में लहरा, दतलाना, उढ़ेर, खड़ेरी, अजीतनगर, बमनपुरा, बरौना, गजौरा, घबरा, रफातपुर, सिंकदरपुर ढाव, सुन्नगढ़ी, चकरा, किलौनी, किसौल, नागर खिदरपुर, उलाईखेड़ा, शहबाजपुर, नगला हंशी, नगला जाटवान, पनसोती, म्यूनी, मेहोल, कादरगंज, बमनपुरा, हिम्मतनगर बझेरा, नगला मुंता, टिकुरीनगला, गठौरा, जिझौल, नगला खुर्द, नगला खिमाई, नगला मनी आदि हैं।
विज्ञापन
गंगा में बीते सोमवार को 80 सेंटीमीटर जलस्तर में वृद्धि हुई थी। इसके बाद ही जलस्तर में सायं के समय से वृद्धि होने लगी। मध्यरात्रि के बाद तटवर्ती इलाकों में गंगा का पानी पहुंचने लगा। सुबह के समय जब गांव में किसान सो कर उठे तो गंगा का पानी गांव में भरा हुआ नजर आया। लोग बाढ़ के बढ़ने की आशंका को देखते हुए अपने - अपने बचाव के कार्यों में जुट गए। नरौरा से सुबह 8 बजे मीडियम फ्लड लेविल का डिस्चार्ज था।
विज्ञापन
इस सीजन का यह सबसे अधिक डिस्चार्ज था। जिसने डेढ़ लाख क्यूसेक के आंकड़े को पार कर दिया। सुबह का यह डिस्चार्ज शाम से जिले में आना शुरू हो गया। उढ़ेर बांध पर भी पानी का दबाव बढ़ता रहा। शहबाजपुर इलाके में भी गंगा का पानी काफी बढ़ गया। आबादी के पास तक यहां पानी की दस्तक है। बमनपुरा, किलौनी, किसौल, नगलाढाव के इलाकों में भी गंगा के पानी की दस्तक थी। खेतों में सड़कों पर बाढ़ का पानी भरा हुआ था। जगह जगह किसान मिट्टी काटकर पानी को रोकने के प्रयास कर रहे थे। पटियाली क्षेत्र के घबरा, गजौरा व आस पास के इलाकों में 4-4 फुट तक पानी भरा हुआ था। गांव की सड़कों पर भी पानी था। खेतों में काफी पानी होने के कारण किसान खेतों की तरफ नहीं जा पा रहे थे। लहरा और कछला गंगाघाट पर भी बाढ़ का पानी होने के कारण श्रद्धालुओं ने किनारे पर ही गंगा स्नान किया।
विज्ञापन
40 गांवों के खेतों में भरा पानी
जिले में मीडियम फ्लड के लिए 40 गांवों पर असर है। ज्यादातर गांव के खेतों में पानी भर चुका है। आबादी तक पानी की दस्तक हो चुकी है। कई गांव में आबादी तक पानी की दस्तक है। प्रभावित गांव में लहरा, दतलाना, उढ़ेर, खड़ेरी, अजीतनगर, बमनपुरा, बरौना, गजौरा, घबरा, रफातपुर, सिंकदरपुर ढाव, सुन्नगढ़ी, चकरा, किलौनी, किसौल, नागर खिदरपुर, उलाईखेड़ा, शहबाजपुर, नगला हंशी, नगला जाटवान, पनसोती, म्यूनी, मेहोल, कादरगंज, बमनपुरा, हिम्मतनगर बझेरा, नगला मुंता, टिकुरीनगला, गठौरा, जिझौल, नगला खुर्द, नगला खिमाई, नगला मनी आदि हैं।