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गंगा का जलस्तर गिरा, कम हुआ डिस्चार्ज, लेकिन मुसीबतें नहीं हुईं कम
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कासगंज में सुन्नगढी क्षेत्र के गांव किसौल में बस्ती के निकट भरा पानी
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। गंगा के जलस्तर में कमी आने से अब प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। नरौरा से डिस्चार्ज कम होने के कारण गंगा के कछला ब्रिज पर जलस्तर में कमी आई है, लेकिन अभी तटवर्ती इलाके के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो पाई हैं। क्योंकि जिन खेत खलियानों में बाढ़ का पानी घुस चुका है वहां से पानी लौटने में अभी वक्त लगेगा।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही नरौरा से पानी का डिस्चार्ज पूरे दिन घटता रहा। सुबह 6 बजे 83118 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज नरौरा से था और कछला ब्रिज पर 163.20 के निशान पर था। जबकि बुधवार को यह जलस्तर 163.70 के निशान पर था। इस तरह से गंगा का जलस्तर 50 सेंटीमीटर कम हो गया। अभी जलस्तर में लगातार कमी होगी। खादर के गड्ढों और खेतों में बाढ़ का पानी अभी भी जमा है।
सोरों के नगला दल, महमूदपुर और लहरा गांव तक पानी की दस्तक बरकरार है।
वहीं किलौनी, किसौल, बस्तौली, बरौना, समसपुर, बगवास, नैथरा, नगला खंदारी, मेहोला व तटवर्ती इलाकों में अभी भी गंगा का पानी जमा है। अब किसानों को इस बात का डर है कि बाढ़ का पानी उनके खेतों में ज्यादा समय तक भरा रहा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। मक्का, बाजरा, शिवाला की फसलें सर्वाधिक प्रभावित हैं। किसौल के ग्रामीण रमेश बताया कि गंगा का पानी कम हो रहा है, लेकिन जो पानी खेतों में भर गया है वह नहीं निकल पा रहा। जिससे फसल खराब होगी। वहीं ग्रामीण विमल ने बताया कि बाढ़ लौटने के बाद जगह जगह कीचड़ और दलदल की स्थिति बन जाती है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं।
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गंगाघाट पर अभी नहीं मिल पा रही राहत
कछला गंगाघाट पर काफी पानी बढ़ा होने के कारण अभी राहत के हालात नहीं हैं। यहां झोपडियों तक अभी भी पानी भरा हुआ है। जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कतें हो रही हैं। गंगाघाट के राजू का कहना है कि गंगा का पानी कम होने लगा है। एक-दो दिन में पानी और उतरेगा उसके बाद ही राहत मिल पाएगी।
बृहस्पतिवार को पानी का डिस्चार्ज-
- हरिद्वार- 29779 क्यूसेक।
- बिजनौर- 29315 क्यूसेक।
- नरौरा- 60930 क्यूसेक।
- कछला ब्रिज- 163.20 मीटर के निशान पर।
गंगा का जलस्तर लगातार तेजी से कम हो रहा है। अब साधारण बाढ़ की स्थिति का पानी का डिस्चार्ज है। 1-2 दिन में तटवर्ती इलाकों में जहां-तहां भरा पानी भी वापस लौटने लगेगा। जिससे पूरी तरह राहत मिल जाएगी। हरिद्वार और बिजनौर की ओर से भी डिस्चार्ज काफी कम हुआ है। फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। - अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई
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बृहस्पतिवार को सुबह से ही नरौरा से पानी का डिस्चार्ज पूरे दिन घटता रहा। सुबह 6 बजे 83118 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज नरौरा से था और कछला ब्रिज पर 163.20 के निशान पर था। जबकि बुधवार को यह जलस्तर 163.70 के निशान पर था। इस तरह से गंगा का जलस्तर 50 सेंटीमीटर कम हो गया। अभी जलस्तर में लगातार कमी होगी। खादर के गड्ढों और खेतों में बाढ़ का पानी अभी भी जमा है।
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सोरों के नगला दल, महमूदपुर और लहरा गांव तक पानी की दस्तक बरकरार है।
वहीं किलौनी, किसौल, बस्तौली, बरौना, समसपुर, बगवास, नैथरा, नगला खंदारी, मेहोला व तटवर्ती इलाकों में अभी भी गंगा का पानी जमा है। अब किसानों को इस बात का डर है कि बाढ़ का पानी उनके खेतों में ज्यादा समय तक भरा रहा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। मक्का, बाजरा, शिवाला की फसलें सर्वाधिक प्रभावित हैं। किसौल के ग्रामीण रमेश बताया कि गंगा का पानी कम हो रहा है, लेकिन जो पानी खेतों में भर गया है वह नहीं निकल पा रहा। जिससे फसल खराब होगी। वहीं ग्रामीण विमल ने बताया कि बाढ़ लौटने के बाद जगह जगह कीचड़ और दलदल की स्थिति बन जाती है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं।
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गंगाघाट पर अभी नहीं मिल पा रही राहत
कछला गंगाघाट पर काफी पानी बढ़ा होने के कारण अभी राहत के हालात नहीं हैं। यहां झोपडियों तक अभी भी पानी भरा हुआ है। जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कतें हो रही हैं। गंगाघाट के राजू का कहना है कि गंगा का पानी कम होने लगा है। एक-दो दिन में पानी और उतरेगा उसके बाद ही राहत मिल पाएगी।
बृहस्पतिवार को पानी का डिस्चार्ज-
- हरिद्वार- 29779 क्यूसेक।
- बिजनौर- 29315 क्यूसेक।
- नरौरा- 60930 क्यूसेक।
- कछला ब्रिज- 163.20 मीटर के निशान पर।
गंगा का जलस्तर लगातार तेजी से कम हो रहा है। अब साधारण बाढ़ की स्थिति का पानी का डिस्चार्ज है। 1-2 दिन में तटवर्ती इलाकों में जहां-तहां भरा पानी भी वापस लौटने लगेगा। जिससे पूरी तरह राहत मिल जाएगी। हरिद्वार और बिजनौर की ओर से भी डिस्चार्ज काफी कम हुआ है। फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। - अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई