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गणपति वंडर सिटी के 24 फ्लैट एडीए ने किये ध्वस्त
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आगरा। वंडर सिटी में अवैध निर्माण को ध्वस्त करती एडीए की टीम।
- फोटो : Agra City
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आगरा। दयालबाग में यमुना नदी के डूब क्षेत्र में आ रहे गणपति वंडर सिटी के 24 फ्लैट शुक्रवार शाम पांच बजे एडीए ने ध्वस्त कर दिए। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर पोकलेन मशीन और दो बुलडोजर ले जाकर बहुमंजिला इमारत के फ्लैट ध्वस्त किए गए। एडीए की टीम को यहां बिल्डर के कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। गेट बंदकर कर्मचारियों ने एडीए की टीम को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से रोकने का प्रयास किया। 10 फ्लैट पहले ही तोड़े जा चुके हैं और अभी 36 फ्लैट तोड़े जाने बाकी हैं।
डूब क्षेत्र में 2300 वर्गमीटर क्षेत्र में बने 70 फ्लैट आए है। शुक्रवार को आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह कुशवाह के निर्देश पर एडीए के सहायक अभियंता अनुराग चौधरी ने टीम के साथ फ्लैट ध्वस्त कराने की कार्रवाई की। अनुराग ने बताया कि यहां विरोध झेलना पड़ा। एडीए टीम ने पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन शाम तक पुलिस टीम नहीं पहुंची, जबकि कार्रवाई के बारे में भी पुलिस को सूचना दी गई थी। प्रवर्तन प्रभारी सत्येंद्र नागर के निर्देश पर टीम ने पोकलेन मशीन और दो बुलडोजरों की मदद से पुलिस बल के बिना ही अवैध निर्माण तोड़ दिया। शाम तक यह कार्रवाई की गई।
24 फ्लैट् तोड़ने के बाद टीम लौट आई। सहायक अभियंता के मुताबिक अभी 36 फ्लैट तोड़े जाने बाकी हैं, जिनके लिए फिर से ध्वस्तीकरण के लिए पोकलेन मशीन लेकर जाएंगे। इस दौरान अवर अभियंता बीएन सिंह, एसके सोलंकी, अवधराज, राजीव गोविल और एडीए का प्रवर्तन दल शामिल रहा।
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डूब क्षेत्र में 2300 वर्गमीटर क्षेत्र में बने 70 फ्लैट आए है। शुक्रवार को आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह कुशवाह के निर्देश पर एडीए के सहायक अभियंता अनुराग चौधरी ने टीम के साथ फ्लैट ध्वस्त कराने की कार्रवाई की। अनुराग ने बताया कि यहां विरोध झेलना पड़ा। एडीए टीम ने पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन शाम तक पुलिस टीम नहीं पहुंची, जबकि कार्रवाई के बारे में भी पुलिस को सूचना दी गई थी। प्रवर्तन प्रभारी सत्येंद्र नागर के निर्देश पर टीम ने पोकलेन मशीन और दो बुलडोजरों की मदद से पुलिस बल के बिना ही अवैध निर्माण तोड़ दिया। शाम तक यह कार्रवाई की गई।
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24 फ्लैट् तोड़ने के बाद टीम लौट आई। सहायक अभियंता के मुताबिक अभी 36 फ्लैट तोड़े जाने बाकी हैं, जिनके लिए फिर से ध्वस्तीकरण के लिए पोकलेन मशीन लेकर जाएंगे। इस दौरान अवर अभियंता बीएन सिंह, एसके सोलंकी, अवधराज, राजीव गोविल और एडीए का प्रवर्तन दल शामिल रहा।
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