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जेल में निरुद्ध पांच और बंदियों में मिले एचआईवी के लक्षण, छह माह में सामने आ चुके हैं 12 मामले
Fri, 21 Jun 2019 01:17 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 21 Jun 2019 01:17 AM IST
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मैनपुरी की जिला जेल में बंद पांच और बंदियों में एचआईवी के लक्षण मिले हैं। बंदियों को दूसरे चरण की जांच के लिए अस्पताल बुलाया गया है। वहीं, जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार जेल में छह माह में 12 बंदियों को एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है।
जनवरी से लेकर अब तक हुई जांच में लगातार एचआईवी पॉजिटिव बंदियों की संख्या बढ़ी है। जून में जिला जेल में हुई बंदियों की स्क्रीनिंग की गई। जांच टीम के प्रभारी नर सिंह राठौर बताते हैं कि अभी हाल ही में जिला जेल में बंदियों की स्क्रीनिंग के दौरान प्रथम चरण की जांच में पांच और बंदियों में एचआईवी पॉजिटिव निकला है।
सभी को वृहद स्तर की जांच के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है। इसके लिए कारागार अधीक्षक को टीम ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। उधर, जेल में बंद बंदियों में से चार की पत्नियों को जांच के लिए अस्पताल आने की जानकारी दी गई थी। लेकिन अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि अभी तक एक भी बंदी की पत्नी एचआईवी की जांच के लिए अस्पताल नहीं पहुंची है।
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जनवरी से लेकर अब तक हुई जांच में लगातार एचआईवी पॉजिटिव बंदियों की संख्या बढ़ी है। जून में जिला जेल में हुई बंदियों की स्क्रीनिंग की गई। जांच टीम के प्रभारी नर सिंह राठौर बताते हैं कि अभी हाल ही में जिला जेल में बंदियों की स्क्रीनिंग के दौरान प्रथम चरण की जांच में पांच और बंदियों में एचआईवी पॉजिटिव निकला है।
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सभी को वृहद स्तर की जांच के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है। इसके लिए कारागार अधीक्षक को टीम ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। उधर, जेल में बंद बंदियों में से चार की पत्नियों को जांच के लिए अस्पताल आने की जानकारी दी गई थी। लेकिन अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि अभी तक एक भी बंदी की पत्नी एचआईवी की जांच के लिए अस्पताल नहीं पहुंची है।
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समय से जांच करा बचाएं जान
एड्स जांच की जिम्मेदारी निभा रहे नरसिंह राठौर ने बताया कि जिले में एचआईवी की जांच निशुल्क की जाती है। पूरी रिपोर्ट गोपनीय रखी जाती है। उनका कहना था कि लोग जांच कराने में लापरवाही करते हैं। यदि प्रथम चरण में ही एचआईवी पॉजिटिव का पता लग जाए तो उसे उपचार देकर उसकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने जिले के लोगों से एचआईवी की जांच कराने की अपील की है।
- 3 बंदियों में जनवरी में मिले एचआईवी के लक्षण
- 2 बंदियों में अप्रैल में मिले एचआईवी के लक्षण
- 2 बंदियों में मई में मिले एचआईवी के लक्षण
- 5 बंदियों में जून में मिले एचआईवी के लक्षण
जिले में नहीं है उपचार की व्यवस्था
एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के उपचार की जिले में कोई व्यवस्था नहीं है। जांच के बाद पीड़ित मरीजों को मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया जाता है।
जांच प्रभारी नर सिंह राठौर ने बताया कि जेल में निरुद्ध बंदियों की समय-समय पर जांच कराई जा रही है। प्रथम जांच में पांच और बंदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हें दूसरे स्तर की जांच के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है।
- 3 बंदियों में जनवरी में मिले एचआईवी के लक्षण
- 2 बंदियों में अप्रैल में मिले एचआईवी के लक्षण
- 2 बंदियों में मई में मिले एचआईवी के लक्षण
- 5 बंदियों में जून में मिले एचआईवी के लक्षण
जिले में नहीं है उपचार की व्यवस्था
एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के उपचार की जिले में कोई व्यवस्था नहीं है। जांच के बाद पीड़ित मरीजों को मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया जाता है।
जांच प्रभारी नर सिंह राठौर ने बताया कि जेल में निरुद्ध बंदियों की समय-समय पर जांच कराई जा रही है। प्रथम जांच में पांच और बंदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हें दूसरे स्तर की जांच के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है।