पांच करोड़ की जीएसटी चोरी, कंपनी संचालक को भेजा जेल, राजस्व को ऐसे लगाया चूना
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केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) संजय प्लेस की एंटी इवेजन शाखा के अधिकारियों ने जीएसटी की पांच करोड़ रुपये से अधिक की चोरी का मामला पकड़ा है। इसमें ए टू जेड कंपनी के मालिक संजय कुमार निगम को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है।
सीजीएसटी की एंटी इवेजन शाखा के सहायक आयुक्त सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि विभाग को जानकारी मिली कि मैसर्स ए टू जेड इंटरप्राइजेज नाम की एक फर्म बिना माल की सप्लाई किए केवल टैक्स इनवॉयस जारी कर रही है। ऐसे इनवॉयसों पर खरीददार पार्टियां इनपुट टैक्स का क्रेडिट ले रही हैं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।
इस संबंध में सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह ने सघन जांच करके दोषियों के खिलाफ राजस्व वसूली की सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि संजय निगम अपने अन्य साथियों की मदद करते हुए फर्म का संचालन कर रहा था।
इन लोगों ने जीएसटी चोरी के उद्देश्य से मैसर्स ए टू जेड इंटरप्राइजेज को एक गरीब व अशिक्षित व्यक्ति के नाम से जीएसटी में पंजीकृत करवाया था। संजय ने उक्त व्यक्ति को झांसे में लेकर उसके पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि दस्तावेज हासिल किए। इसके बाद इन दस्तावेजों का इस्तेमाल फर्म का पंजीकरण और बैंक में चालू खाता खुलवाने में किया।
उन्होंने बताया कि इस फर्म द्वारा फर्जी रूप से उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यों में कई व्यक्तियों व फर्मों को बोगस इनवॉयस बिना किसी माल की सप्लाई के दे दिए, जिन पर उन्होंने इनपुट टैक्स क्रेडिट ले लिया।
आरोपी कंपनी संचालक की गिरफ्तारी के लिए धारा 69 के तहत निर्देश दिए गए। इस पर पुलिस ने संजय निगम को गिरफ्तार करके स्पेशल सीजेएम के न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए गए।
सीजीएसटी अधिकारियों ने बताया कि जिन फर्मों ने ऐसे बोगस टैक्स इनवॉयस को खरीदा है, उनके खिलाफ भी जीएसटी रिकवरी के लिए जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा संजय निगम के साथियों और सहयोगियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। उनके खिलाफ भी जीएसटी अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।
सीजीएसटी की इस कार्रवाई के बाद बोगस कंपनियां संचालित करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। पिछले दिनों एक तेल व्यवसायी के यहां छापे पड़े थे। इस दौरान जीएसटी अधिकारियों ने कई बोगस कंपनियों का संचालन करते हुए पाया गया था। करो़ड़ों की कर चोरी भी पकड़ी गई थी।