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लॉकडाउन में ऑनलाइन शॉपिंग करने में आगे रहे शहरवासी, पांच करोड़ की खरीदारी
Thu, 18 Jun 2020 12:37 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 18 Jun 2020 12:37 PM IST
सार
बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के कारण लैपटॉप, टेबलेट और मोबाइल की डिमांड सबसे ज्यादा रही
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद होने से कारण शहर के लोगों ने पांच करोड़ की ऑनलाइन शॉपिंग कर डाली। इसमें वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) और बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के कारण लैपटॉप, टेबलेट और मोबाइल की डिमांड सबसे ज्यादा रही। बाजार खुल जाने के बाद स्थिति अब बदल रही है।
मोबाइल और एसेसरीज : एक करोड़
लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा डिमांड मोबाइल और कंप्यूटर एसेसरीज की रही। लोगों ने नए एंड्रॉयड फोन खरीदे। समय बिताने के लिए भी इन फोन की जरूरत महसूस की गई। शहर में लगभग एक करोड़ रुपये के सामान ऑनलाइन मंगाए गए। इनमें से 60 फीसदी लॉकडाउन के दूसरे महीने में मंगाए गए।
पापा अब मैं किसी के लिए बोझ नहीं बन सकती हूं...नौकरी न मिलने से निराश युवती ने दी जान
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जूते-चप्पल : ढाई करोड़
ये सिर्फ आम लोगों ही नहीं बल्कि छोटे दुकानदारों ने भी मंगाई। इसका कारण यह था कि गली-मोहल्लों में डिमांड आ रही थी। बाजार उस समय बंद थे। कई लोगों ने प्रवासी मजदूरों को देने के लिए भी जूते और चप्पल ऑनलाइन मंगाए गए। फुटवियर का लगभग ढाई करोड़ का सामान ऑनलाइन मंगाया गया।
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मोबाइल और एसेसरीज : एक करोड़
लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा डिमांड मोबाइल और कंप्यूटर एसेसरीज की रही। लोगों ने नए एंड्रॉयड फोन खरीदे। समय बिताने के लिए भी इन फोन की जरूरत महसूस की गई। शहर में लगभग एक करोड़ रुपये के सामान ऑनलाइन मंगाए गए। इनमें से 60 फीसदी लॉकडाउन के दूसरे महीने में मंगाए गए।
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पापा अब मैं किसी के लिए बोझ नहीं बन सकती हूं...नौकरी न मिलने से निराश युवती ने दी जान
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जूते-चप्पल : ढाई करोड़
ये सिर्फ आम लोगों ही नहीं बल्कि छोटे दुकानदारों ने भी मंगाई। इसका कारण यह था कि गली-मोहल्लों में डिमांड आ रही थी। बाजार उस समय बंद थे। कई लोगों ने प्रवासी मजदूरों को देने के लिए भी जूते और चप्पल ऑनलाइन मंगाए गए। फुटवियर का लगभग ढाई करोड़ का सामान ऑनलाइन मंगाया गया।
रेडीमेड गारमेंट: डेढ़ करोड़
एक तो कपड़ा सहित सभी बाजार बंद थे। दूसरा इस मौके का फायदा उठाने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों ने ऑफर दे दिए। आगरा के लोगों ने 1.5 करोड़ के कपड़े ऑनलाइन खरीद लिए।
बाजार जाने से बचने के लिए ऑनलाइन मंगा रहे सामान
इस समय संक्रमण के चलते बाजार में निकलने से अच्छा ऑनलाइन शॉपिंग करना बेहतर है, इसलिए सामान ऑनलाइन मंगा रहे हैं - अनुराधा, गृहणी
मौजूदा परिस्थितियों में ऑनलाइन खरीदारी उतम विकल्प है। हम तो किराने का सामान भी फोन पर ऑर्डर करते हैं - कनिका, व्यवसायी
कम से कम बाहर निकला जा रहा है। ऑनलाइन आर्डर कर स्मार्टफोन मंगवाया है - नमन, छात्र
कपड़ों का शौक है। भीड़ में जाकर खरीदारी ठीक नहीं है। इसलिए ऑनलाइन मंगवा लिए। - मिलन, कारोबारी
एक तो कपड़ा सहित सभी बाजार बंद थे। दूसरा इस मौके का फायदा उठाने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों ने ऑफर दे दिए। आगरा के लोगों ने 1.5 करोड़ के कपड़े ऑनलाइन खरीद लिए।
बाजार जाने से बचने के लिए ऑनलाइन मंगा रहे सामान
इस समय संक्रमण के चलते बाजार में निकलने से अच्छा ऑनलाइन शॉपिंग करना बेहतर है, इसलिए सामान ऑनलाइन मंगा रहे हैं - अनुराधा, गृहणी
मौजूदा परिस्थितियों में ऑनलाइन खरीदारी उतम विकल्प है। हम तो किराने का सामान भी फोन पर ऑर्डर करते हैं - कनिका, व्यवसायी
कम से कम बाहर निकला जा रहा है। ऑनलाइन आर्डर कर स्मार्टफोन मंगवाया है - नमन, छात्र
कपड़ों का शौक है। भीड़ में जाकर खरीदारी ठीक नहीं है। इसलिए ऑनलाइन मंगवा लिए। - मिलन, कारोबारी
ऑनलाइन कंपनियों को बाजार बंदी से फायदा
शाह मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा के मुताबिक मोबाइल और कंप्यूटर एसेसरीज की 70 फीसद खरीदारी ऑनलाइन होने लगी है। लॉकडाउन में दुकानें बंद रहने और अनलॉक में लेफ्ट-राइट नियम का फायदा ऑनलाइन कंपनियों ने उठाया। इस दौरान औसतन एक करोड़ रुपये का ऑनलाइन कारोबार हुआ।
डिलीवरी और आसान वापसी बनी सहूलियत
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागन दास रामानी के मुताबिक लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग ने सहूलियत लगने लगी है। वे कई बार मंगवाकर वापस कर देते हैं। दरवाजे पर डिलीवरी हो जाती है। यही कारण है कि लगभग 2.5 करोड़ रुपये के फुटवियर ऑनलाइन आर्डर हुए।
ऑनलाइन कंपनियों ने दिए बड़े डिस्काउंट
आगरा क्लॉथ मार्केंटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि रेडीमेड गारमेंट दुकानों से ज्यादा ऑनलाइन बिकने लगा है। बड़े डिस्काउंट दिए जाते हैं। जिसके चलते ग्राहक आकर्षित होता है। हाल के दिनों में करीबन 1.5 करोड़ रुपये के कपड़ों के ऑर्डर ऑनलाइन दिए गए।
शाह मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा के मुताबिक मोबाइल और कंप्यूटर एसेसरीज की 70 फीसद खरीदारी ऑनलाइन होने लगी है। लॉकडाउन में दुकानें बंद रहने और अनलॉक में लेफ्ट-राइट नियम का फायदा ऑनलाइन कंपनियों ने उठाया। इस दौरान औसतन एक करोड़ रुपये का ऑनलाइन कारोबार हुआ।
डिलीवरी और आसान वापसी बनी सहूलियत
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागन दास रामानी के मुताबिक लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग ने सहूलियत लगने लगी है। वे कई बार मंगवाकर वापस कर देते हैं। दरवाजे पर डिलीवरी हो जाती है। यही कारण है कि लगभग 2.5 करोड़ रुपये के फुटवियर ऑनलाइन आर्डर हुए।
ऑनलाइन कंपनियों ने दिए बड़े डिस्काउंट
आगरा क्लॉथ मार्केंटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि रेडीमेड गारमेंट दुकानों से ज्यादा ऑनलाइन बिकने लगा है। बड़े डिस्काउंट दिए जाते हैं। जिसके चलते ग्राहक आकर्षित होता है। हाल के दिनों में करीबन 1.5 करोड़ रुपये के कपड़ों के ऑर्डर ऑनलाइन दिए गए।