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कालीनदी में बढ़ा प्रदूषणः नियंत्रण बोर्ड ने शुरू कराई जांच, कहां से छोड़ा विषैला पानी!

Tue, 22 Sep 2020 01:22 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 22 Sep 2020 01:22 PM IST
सार

रविवार को जखेरा महेशपुर क्षेत्र में हजारों मृत मछलियां बहती हुईं देखी गईं। माना जा रहा है किं यह मछलियां पानी में प्रदूषण के कारण ऑक्सीजन कम होने से मरी हैं। नदी का पानी कितना विषैला है और यह कैसे हुआ। इन सब पहलूओं पर नियंत्रण बोर्ड जांच करेगा।

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Fishes Died In Kali Nadi Pollution Control Board Starts Investigation
कालीनदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कासगंज काली नदी में प्रदूषण के कारण हजारों मछलियों के मरने के मामले को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीरता से लिया है। अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद अधिकारी भी हरकत में आए हैं।
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इस मामले में नियत्रंण बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है। पता किया जा रहा है कि आखिर कालीनदी में विषैला पानी कहां से छोड़ा गया। अलीगढ़, बुलंदशहर में फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े जा रहे पानी की भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जांच करेगा। इसके अलावा कासगंज में भी एक टीम जांच को आएगी। 
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रविवार को जखेरा महेशपुर क्षेत्र में हजारों मृत मछलियां बहती हुईं देखी गईं। माना जा रहा है किं यह मछलियां पानी में प्रदूषण के कारण ऑक्सीजन कम होने से मरी हैं। नदी का पानी कितना विषैला है और यह कैसे हुआ। इन सब पहलूओं पर नियंत्रण बोर्ड जांच करेगा।
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कासगंज से पहले दूसरे जिलों में जहां फैक्ट्रियों से नदी में पानी छोड़ा जाता है वहां भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम जांच करेगी। इधर जल्द ही एक टीम कासगंज में भी पहुंचेगी। यह टीम कासगंज में पहुंचकर पानी में ऑक्सीजन का लेवल चैक करेगी। बता दें कि पानी 6-7 के बीच ऑक्सीजन का लेवल होना चाहिए। पानी में 0-1 ऑक्सीजन लेवल होने पर पानी विषैला हो जाता है। 

कालीनदी में मछलियों के मरने की जानकारी मिली है। मामले में जांच शुरू करा दी गई है। फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े जा रहे पानी की भी जांच होगी। इसके अलावा पानी के ऑक्सीजन लेवल की पुन: जांच कराई जाएगी। - रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
 
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