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मछलियों के मरने का मामला- चिंताजनक-
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कासगंज की कालीनदी
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। पिछले सप्ताह कालीनदी में मछलियों के मरने के मामले में जांच रिपोर्ट से खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता बेहद खराब मिली है। प्रदूषित पानी में दम घुटने से मछलियों के मरने की पुष्टि हुई है। पानी में डिजॉल्वड ऑक्सीजन लेवल घटा गया है, जबकि बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड मात्रा मानक से अधिक पाई गई है।
पिछले सप्ताह रविवार को कालीनदी में हजारों मृत मछलियां बहती हुई मिली थीं। पानी के प्रदूषण की जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) अलीगढ़ की टीम ने नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे। एक सप्ताह बाद आई पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट चौकाने वाली है। कालीनदी में डिजॉल्वड ऑक्सीजन की मात्रा 5-6 होनी चाहिए, जो घटकर 2 तक पहुंच गई है। जबकि बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड की मात्रा 2 लेवल होनी चाहिए जो बढ़कर 12 तक है। दोनों ऑक्सीजन लेवल में असंतुलन से पानी प्रदूषित हो गया।
पीसीबी कालीनदी के पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस योजना बनाने की बात कह रहा है, लेकिन अभी कोई तैयारी नहीं हुई है। हालांकि विभाग ने अब औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी कर हिदायत दी है। कहा है कि इकाइयों से निकलने वाला सीवरेज का पानी निर्धारित मानक पूरे करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाए।
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जलीय जीवों के लिए सुरक्षित नहीं पानी
कालीनदी का पानी प्रदूषित होने से जलीय जीवों कर जीवन असुरक्षित हो गया है। पीसीबी ने भी यह माना है कि यह पानी जलीय जीवों के लिए गुणवत्तापूर्ण नहीं है। पीसीबी कालीनदी के पानी की फिर से जांच कराएगा।
- कालीनदी के पानी में डिजॉल्वड ऑक्सीन लेवल और बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड के लेवल असंतुलित पाए गए। जो चिंताजनक है। इस कारण पानी में प्रदूषण बढ़ रहा है। औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किया है कि मानक पूरे करने के बाद ही सीवरेज का पानी नदी में छोड़ा जाए। पानी की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जाएगी।
- रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अलीगढ़।
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पिछले सप्ताह रविवार को कालीनदी में हजारों मृत मछलियां बहती हुई मिली थीं। पानी के प्रदूषण की जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) अलीगढ़ की टीम ने नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे। एक सप्ताह बाद आई पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट चौकाने वाली है। कालीनदी में डिजॉल्वड ऑक्सीजन की मात्रा 5-6 होनी चाहिए, जो घटकर 2 तक पहुंच गई है। जबकि बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड की मात्रा 2 लेवल होनी चाहिए जो बढ़कर 12 तक है। दोनों ऑक्सीजन लेवल में असंतुलन से पानी प्रदूषित हो गया।
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पीसीबी कालीनदी के पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस योजना बनाने की बात कह रहा है, लेकिन अभी कोई तैयारी नहीं हुई है। हालांकि विभाग ने अब औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी कर हिदायत दी है। कहा है कि इकाइयों से निकलने वाला सीवरेज का पानी निर्धारित मानक पूरे करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाए।
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जलीय जीवों के लिए सुरक्षित नहीं पानी
कालीनदी का पानी प्रदूषित होने से जलीय जीवों कर जीवन असुरक्षित हो गया है। पीसीबी ने भी यह माना है कि यह पानी जलीय जीवों के लिए गुणवत्तापूर्ण नहीं है। पीसीबी कालीनदी के पानी की फिर से जांच कराएगा।
- कालीनदी के पानी में डिजॉल्वड ऑक्सीन लेवल और बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड के लेवल असंतुलित पाए गए। जो चिंताजनक है। इस कारण पानी में प्रदूषण बढ़ रहा है। औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किया है कि मानक पूरे करने के बाद ही सीवरेज का पानी नदी में छोड़ा जाए। पानी की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जाएगी।
- रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अलीगढ़।