Agra: ताजनगरी में मनाया गया पहला वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे, भालुओं के संरक्षण को मिला दुनियाभर का समर्थन
वाइल्डलाइफ एसओएस ने आईयूसीएन को प्रस्ताव दिया था कि दुर्लभ प्रजाति के भालुओं के संरक्षण पर ध्यान आकर्षित करने के लिए वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे घोषित किया जाए। इस प्रस्ताव स्वीकार करते हुए आईयूसीएन-एसएससी स्लॉथ बेयर एक्सपर्ट टीम ने दुनिया भर में 12 अक्तूबर को वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे मनाए जाने की घोषणा की है।
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भारत में पाए जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के भालुओं के संरक्षण के लिए 12 अक्तूबर को वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे मनाया गया। इसकी शुरुआत ताजनगरी से हुई। आईयूसीएन और उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से आगरा के मैरियट होटल में वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा पहली बार वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश वन विभाग की प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फारेस्ट फोर्स ममता संजीव दुबे, आईएफएस के साथ केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ संजय कुमार शुक्ला ने किया।
विभिन्न संस्थानों के लोगों ने वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा इस अनूठी पहल की सराहना की। ममता संजीव दुबे, आईएफएस ने स्लॉथ भालुओं की रक्षा के महत्व और वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे समारोह के महत्व के बारे में एवं 1999 से उत्तर प्रदेश वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस के बीच सफल और लंबी सहभागिता के बारे में बात की। डॉ संजय कुमार शुक्ला ने वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे के लिए समर्थन पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने भारत और दुनियाभर के प्रत्येक चिड़ियाघर से भारत में पाई जाने वाली इस भालू की प्रजाति के संरक्षण के लिए 12 अक्तूबर को वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे मनाने की अपील की।
World Sloth Bear Day: दुनिया में 12 अक्तूबर को मनाया जाएगा पहला स्लॉथ बेयर डे, आगरा से होगी शुरुआत
वाइल्डलाइफ एसओएस ने खत्म की डांसिंग भालू प्रथा
ममता संजीव दुबे ने कहा कि जब लोगों ने शुरू में 'डांसिंग' भालू प्रथा के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की तो सुविधाओं और आपूर्ति की कमी के कारण वह पूरा ना हो सका, जिसके बाद वाइल्डलाइफ एसओएस के सहयोग से यह कार्य पूरा हुआ। आगरा में उनकी पहली स्लॉथ बेयर रेस्क्यू फैसिलिटी की स्थापना सभी के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आई। वर्ल्ड स्लॉथ बेयर डे होने से लोगों को विशेष प्रजातियों से परिचित होने और उनकी जरूरतों को समझने का मौका मिलेगा।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ और सह संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि यह भारत में स्लॉथ भालुओं के संरक्षण के लिए एक बहुत बड़ी एवं अनूठी पहल है। अब से 12 अक्तूबर पूरी दुनिया में स्लॉथ भालुओं की रक्षा और संरक्षण में मददगार साबित होगा। इसके उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश वन विभाग का आभार व्यक्त किया। संस्था की सचिव और सह-संस्थापक गीता शेषमणि ने कहा कि दुनिया भर के लोगों द्वारा ग्लोबल स्लॉथ बेयर डे को दिखाए गए समर्थन से हम अभिभूत हैं। यह वन्यजीव संरक्षण में एक नए युग की शुरुआत है।