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आगरा: बटेश्वर में गाजे-बाजे के साथ हुआ नागा साधुओं का पहला शाही स्नान, अस्त्र-शस्त्रों का किया प्रदर्शन
Sun, 14 Nov 2021 07:05 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 14 Nov 2021 07:05 PM IST
सार
आगरा जिले के प्राचीन तीर्थ बटेश्वर में रविवार को देवोत्थान एकादशी पर्व पर नागा साधुओं ने परिक्रमा कर करतब दिखाए। इसके बाद यमुना में पहला शाही स्नान किया। इस दौरान साधुओं ने बटेश्वर को पांचवें महाकुंभ का दर्जा दिलाने के लिए आवाज उठाई।
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यमुना स्नान को जाते साधु-संत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिगंबर निर्मोही अखाडे़ के महामंडलेश्वर बाबा बालक दास ने आगरा के तीर्थराज बटेश्वर को पांचवें महाकुंभ का दर्जा दिलाने की मुहिम छेड़ रखी है। इसी मुहिम के तहत रविवार को नागा साधुओं और साधु-सतों ने गाजे-बाजे के साथ पहला शाही स्नान किया। दूसरा शाही स्नान पूर्णमासी को और तीसरा शाही स्नान दौज को होगा। सप्त कोषीय परिक्रमा के दौरान साधु-संतों ने अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन किया।
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रविवार की सुबह आठ बजे महा मंडलेश्वर बाबा बालक दास के नेतृत्व में नागा और साधु-संतों ने शिव मंदिर शृंखला के घाट से सप्त कोषीय परिक्रमा गाजे बाजे के साथ शुरू की। परिक्रमा मार्ग पर साधु संतों ने अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन किया।
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परिक्रमा सम्पन्न होने पर बटेश्वर के घाट पर शाही स्नान किया। परिक्रमा मार्ग पर घुड़सवार पुलिस और स्नान के दौरान स्थानीय गोताखोर मोटर वोट के साथ मुस्तैद रहे। शाही स्नान के बाद ब्रहमलाल जी मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान बडी संख्या में साधु संतों के अलावा श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
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वाराणसी और वृंदावन की तर्ज पर हो बटेश्वर का विकास
महामंडलेश्वर ने बटेश्वर तीर्थ की उपेक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने वाराणसी, वृंदावन की तर्ज पर बटेश्वर के विकास की मांग सरकार से की। जिला पंचायत की साफ सफाई को सराहा और दूसरे स्नान पर्व से पहले परिक्रमा मार्ग पर उड़ती धूल से मुक्ति दिलाने को पानी के छिड़काव की मांग की। उन्होंने कहा कि बटेश्वर को पांचवें कुंभ का दर्जा न मिलने तक उनकी मुहिम जारी रहेगी।