मुख्यमंत्री की चुनावी सभा के बाद फिरोजाबाद के लोगों ने पूछा- क्या इस भीड़ से नहीं फैलेगा कोरोना ?
- रामलीला के लिए 200 लोगों की अनुमति नहीं, सीएम योगी की सभा में जुटी हजारों की भीड़
- लोगों ने उठाए प्रशासन के निर्णय पर सवाल, कहा- क्या आस्था से बड़ी हो गई राजनीति
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ये कैसा लोकतंत्र है जहां 150 वर्ष पुरानी चली आ रही परंपरा रामलीला में दो सौ लोगों की अनुमति नहीं मिली, जबकि मुख्यमंत्री की चुनावी सभा के लिए हजारों लोगों की अनुमति प्रशासन से मिल गई। क्या चुनावी सभा से कोरोना नहीं फैलेगा? फिरोजाबाद में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी की चुनावी सभा के बाद लोगों ने प्रशासन के फैसले पर यह सवाल उठाया ।
जिले में कोरोना महामारी के कारण दुर्गा महोत्सवों के साथ ही इस बार रामलीला के मंचन भी नहीं हो रहा है। शासन से रामलीला एवं दुर्गापूजा महोत्सव के लिए मात्र 100 लोगों की अनुमति मिल रही है। इसके पीछे तर्क सिर्फ कोरोना है, आयोजकों के 200 लोगों की भीड़ की मांग करते हुए प्रयास विफल हो गए और आयोजन स्थगित हो गए।
टूंडला में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में हुए मुख्यमंत्री की जनसभा के बाद लोगों के सुर बदल गए। ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज में हुई जनसभा नगर में चर्चा का विषय बनी रही। लोगों का कहना है कि कोरोना के भय से शासन-प्रशासन ने वर्षों पुरानी परंपरा रामलीला में दो सौ लोगों की अनुमति तक नहीं दी तो पांच हजार से अधिक लोगों की जनसभा की अनुमति कैसे दे दी। क्या चुनावी सभा में कोरोना अटैक नहीं करेगा।
रामलीला के मंचन को नहीं दी अनुमति
रामलीला कमेटी के कोषाध्यक्ष अभिषेक कुमार पचौरी ने कहा कि 150 साल पुरानी नगर रामलीला के मंचन की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। जबकि नगर रामलीला महोत्सव मंच के साथ ही खुले मैदान में होता है। वहीं मुख्यमंत्री की सभा के लिए पांच हजार लोगों की इजाजत दे दी गई। क्या इस भीड़ से कोरोना नहीं होगा।
स्थानीय निवासी पुष्पेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जनसभा में हजारों की भीड़ के आने के बाद भी कोरोना से लोग संक्रमित नहीं होंगे तो रामलीला में मात्र दो सौ लोग कैसे संक्रमित हो जाते। सरकार ने रामलीला की अनुमति नहीं दी, लेकिन चुनावी सभाएं बदस्तूर जारी हैं।
मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि रामलीला और दुर्गा पूजा हिंदू धर्म में आस्था से जुड़े पर्व हैं। सरकार द्वारा कहीं तो अनुमति दी गई तो कहीं अनुमति नहीं दी है। टूंडला नगर रामलीला में मात्र दो सौ लोगों की अनुमति मांगी गई थी जिसे नहीं दिया गया। परंतु मुख्यमंत्री की सभा में हजारों लोगों की भीड़ आई और सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ीं। यह दोहरा मापदंड है।
श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची
टूंडला के उपजिलाधिकारी राकेश कुमार वर्मा ने कहा कि जनसभाओं के लिए गाइडलाइन जारी हुई हैं, जिनमें मैदान की क्षमता के आधी संख्या में सभा की जा सकती है। गाइडलाइन के तहत ही मुख्यमंत्री की चुनावी जनसभा हुई है।