आगरा: नकली दवा के फर्जी बिल दिखाने पर ड्रग हाउस के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मेडिकल स्टोर पर 13260 स्ट्रिप का भंडार मिला था। जांच में 260 स्ट्रिप के वापसी के बिल फर्जी मिले थे। ऐसे में फर्जी बिल दिखाने पर भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत धारा 419, 420 और 508 के तहत एफआईआर कराई है।
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आगरा में औषधि विभाग ने फव्वारा स्थित माधव ड्रग हाउस पर कार्रवाई की है। इसके संचालक पर थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। संचालक ने छापे के बाद विभाग को दवाओं के फर्जी बिल दिखाए थे। यह दवा दिल्ली की औषधि विभाग की टीम ने नकली घोषित की थी।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि दिल्ली की औषधि विभाग की टीम ने टेल्मा-एएम (नंबर-05201874, मेन्युफेक्चरिंग डेट एमडी 10/-2020, एक्सपायरी डेट 09/2023) को नकली घोषित किया था। यह दवा उच्च रक्तचाप के मरीजों के इलाज में उपयोग की जाती है।
27 अगस्त को आई थी टीम
इसकी जांच करने के लिए दो सदस्यीय टीम 27 अगस्त को आगरा आई। इनके साथ गोगिया मार्केट फव्वारा स्थित माधव ड्रग हाउस के मेडिकल स्टोर और दो गोदामों का निरीक्षण करने पर संबंधित दवा की 13260 स्ट्रिप (एक स्ट्रिप में 15 टैबलेट) मिलीं।
इसके संचालक नवीन अरोड़ा ने 13000 स्ट्रिप की बिक्री के विभिन्न तिथियों के 35 बिल दिखाए। 260 स्ट्रिप को गाजियाबाद की फोनेक्स इंटरप्राइजेज लिमिटेड को पांच अगस्त को वापस करने की जानकारी दी, इसका बिल निरीक्षण खत्म होने से कुछ देर पहले दिखाया।
संदेह होने पर कूरियर की रसीद की जांच के लिए कमला मार्केट फव्वारा स्थित अजय लॉजिस्टिक पहुंचे। यहां मिले कर्मचारी दिव्यांश गोयल ने बताया कि 27 अगस्त को एक व्यक्ति आया और दवाओं के पार्सल गाजियाबाद कराने की बात कहते हुए पांच अगस्त की शाम का बिल बनवाकर ले गया, दवाएं भेजी नहीं। अभिलेख देखे तो उसमें भी 27 अगस्त ही तिथि दर्ज थी।
तीन साल में 230 करोड़ रुपये की दवाएं कीं जब्त
औषधि विभाग और नारकोटिक्स विभाग ने तीन साल में 240 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की हैं। इसमें से ग्वालियर की नारकोटिक्स टीम ने फ्रीगंज में दो गोदामों से 225 करोड़ की दवा जब्त की थी। यह अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही। इसके अलावा 25 दवा विक्रेताओं पर बिना लाइसेंस के नारकोटिक्स की दवाओं का काला कारोबार करने पर कार्रवाई की। सील करते हुए आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराए हैं।
गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान की अवैध फैक्टरी की थी सील
औषधि विभाग ने जुलाई में गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान बनाने की अवैध फैक्टरी पकड़ी थी। इसका संचालक राजन अग्रवाल छापे के वक्त भाग गया था। चार मंजिला इमारत में पैकिंग मशीनें भी मिली थीं। यहां पर 60 से अधिक महिलाएं कार्य करती हुईं मिलीं। फैक्टरी सील करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है।