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Ansal Group Case: सीएम योगी के आदेश पर हरकत में आया ADA, अंसल एपीआई के खिलाफ केस हुआ दर्ज
Fri, 07 Mar 2025 10:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 07 Mar 2025 10:05 AM IST
सार
अंसल प्रॉपर्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (अंसल एपीआई) ने आगरा में विकास प्राधिकरण के साथ धोखाधड़ी की। जो भूमि दूसरों को बेची जा चुकी थी, उसे भी विकास शुल्क के एवज में बंधक रख दिया। जांच में खुलासा होने के बाद एडीए ने बंधक भूमि में धोखाधड़ी पर अंसल एपीआई के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंसल एपीआई की धोखाधड़ी के विरुद्ध सभी विकास प्राधिकरणों को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को सीएम योगी आगरा आ रहे हैं। इससे पहले ही एडीए उपाध्यक्ष ने अंसल एपीआई के खिलाफ लोहामंडी थाना में केस दर्ज कराया है। इस संबंध में एडीए उपाध्यक्ष ने पुलिस कमिश्नर जे रविन्दर गौड से पहले चर्चा की फिर धोखाधड़ी के आरोप में तहरीर दी गई।
अंसल एपीआई ने 2005 में बिचपुरी स्थित सदरवन में 477 एकड़ भूमि पर इंटीग्रेटेड सिटी के रूप में सुशांत ताज सिटी नाम से प्रोजेक्ट लॉन्च किया था। 2008 में नक्शा पास कराते समय 100 एकड़ भूमि विकास शुल्क के एवज में एडीए में बंधक रखी। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि करीब 100 एकड़ भूमि अंसल ग्रुप पहले ही बेच चुका था। उसके पास करीब 300 एकड़ भूमि का अधिकार था। लेकिन, बेची जा चुकी भूमि भी ग्रुप ने बंधक रखी।
वर्ष 2017 तक अंसल ग्रुप को प्रोजेक्ट पूरा करना था, लेकिन प्रोजेक्ट अधूरा रहा। घर खरीदारों का करोड़ों रुपया फंस गया। ग्रुप ने प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ाने के लिए तीन-चार बार मोहलत मांगी। शासन स्तर से मोहलत नहीं मिली। प्रोजेक्ट फेल हो गया। अंसल एपीआई के खिलाफ आगरा के विभिन्न थानों में 3 मुकदमा पहले से दर्ज हैं। धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों ने यह मुकदमे दर्ज कराए थे।
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अंसल एपीआई ने 2005 में बिचपुरी स्थित सदरवन में 477 एकड़ भूमि पर इंटीग्रेटेड सिटी के रूप में सुशांत ताज सिटी नाम से प्रोजेक्ट लॉन्च किया था। 2008 में नक्शा पास कराते समय 100 एकड़ भूमि विकास शुल्क के एवज में एडीए में बंधक रखी। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि करीब 100 एकड़ भूमि अंसल ग्रुप पहले ही बेच चुका था। उसके पास करीब 300 एकड़ भूमि का अधिकार था। लेकिन, बेची जा चुकी भूमि भी ग्रुप ने बंधक रखी।
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वर्ष 2017 तक अंसल ग्रुप को प्रोजेक्ट पूरा करना था, लेकिन प्रोजेक्ट अधूरा रहा। घर खरीदारों का करोड़ों रुपया फंस गया। ग्रुप ने प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ाने के लिए तीन-चार बार मोहलत मांगी। शासन स्तर से मोहलत नहीं मिली। प्रोजेक्ट फेल हो गया। अंसल एपीआई के खिलाफ आगरा के विभिन्न थानों में 3 मुकदमा पहले से दर्ज हैं। धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों ने यह मुकदमे दर्ज कराए थे।
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