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Agra: फर्जी मुकदमा लिख पीड़ित परिवार को जेल भेजने का मामला, एसओ सहित 18 के खिलाफ एफआईआर दर्ज; एसआईटी गठित

Sun, 07 Jan 2024 03:08 PM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 07 Jan 2024 03:08 PM IST
सार

आगरा में फर्जी मुकदमा लिख पीड़ित परिवार को जेल भेजने के मामले में एसओ सहित 18 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की गई है। 

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FIR registered against 18 including SO for sending victims family to jail by filing fake case in Agra
फर्जी मुकदमा लिख पीड़ित परिवार को जेल भेजने का मामला, एसओ सहित 18 के खिलाफ एफआईआर दर्ज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में खतैना-बोदला मार्ग पर करोड़ों की जमीन पर कब्जे के लिए फर्जी मुकदमे लिख एक परिवार को जेल भेजने में जगदीशपुरा पुलिस फंस गई है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर रविवार को तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चौधरी-उनके बेटे धीरू चौधरी और 12-15 अज्ञात के खिलाफ डकैती सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया है। पूरे प्रकरण और मुकदमों की विवेचना के लिए डीसीपी सिटी सूरज राय की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं जमीन से हटाए गए पीड़ित परिवार को फिर से कब्जा दिलाया गया है।

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दस हजार गज जमीन बैनारा फैक्टरी के पास है। इस जमीन पर ही कब्जे के लिए पूरा खेल रचा गया। 26 अगस्त 2023 को केयरटेकर दीनानाथ के बेटों रवि कुशवाह और उसके भाई शंकरलाल उर्फ शंकरिया सहित 3 को जेल भेजा गया। उनके खिलाफ गांजा बरामद कर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया गया। 9 अक्तूबर को रवि कुशवाह की पत्नी पूनम और बहन पुष्पा सहित तीन को अवैध शराब के मामले में आबकारी निरीक्षक ने आबकारी अधिनियम में केस दर्ज कराकर जेल भेजा। जमीन से कब्जा हटाकर दीवार को तोड़कर नई दीवार बनाई गई। कैमरे लगाकर प्लाॅटिंग शुरू करा दी गई। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार ने आगरा कमिश्नरेट के अधिकारियों से की। मगर, सुनवाई नहीं होने पर डीजीपी आफिस में गुहार लगाई थी।
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पुलिस आयुक्त डाॅ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को डीसीपी सिटी सूरज राय की रिपोर्ट पर तत्कालीन एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार सहित अन्य 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। अब मामले में जमीन की मालिक उमा देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे एसआईटी से जांच कराई जा रही है। इस पूरे प्रकरण में जितने भी लोगों की संलिप्तता है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच एसीपी हरीपर्वत को दी गई है।
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पुलिस की छवि को पहुंची ठेस, होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस आयुक्त डाॅ. प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण से पुलिस की इमेज को ठेस पहुंची है। इस तरह के जो भी अवांछनीय तत्व विभाग में हैं, उन्हीं के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इसलिए मुकदमा दर्ज कर विभागीय जांच हो रही है। विधिक हो या फिर विभागीय, सख्त कार्रवाई की जाएगी।


इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
मुकदमे में कमल चौधरी, धीरू चौधरी, तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार को नामजद किया है। किसी अन्य पुलिसकर्मी का नाम नहीं है। वहीं अज्ञात में 12-15 लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। मुकदमा धारा 147, 148 व 149 (एक राय होकर जुटना, बलवा की धारा), 447 (आपराधिक अतिचार), 448 (गृह अतिचार), 120 बी (साजिश), 467 (कूटरचना), 395 (डकैती) और 506 (धमकी) में दर्ज किया गया है।

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