आगरा: युवक की खुदकुशी मामले में दरोगा सहित चार पर मुकदमा, फेसबुक लाइव कर ट्रेन से कटकर दी थी जान
रुनकता के गांव मांगरौल गूजर निवासी युवक ने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। आत्महत्या करने से पहले उसने फेसबुक लाइव किया। जिसमें उसने दरोगा व अपने चाचार के परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
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आगरा में युवक की खुदकुशी के मामले में थाना सिकंदरा में दरोगा केशव शांडिल्य सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। विवेचना के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रुनकता के गांव मांगरौल गूजर निवासी 19 वर्षीय कृष्ण मुरारी ने सोमवार सुबह 11 बजे रुनकता में ट्रेन से कटकर जान दी थी। उसका मंगलवार को एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वो खुदकुशी की बात कर रहा था। अपने चाचा लाखन, चाची लज्जा, चचेरे भाई मोनू और दरोगा केशव शांडिल्य पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया था।
उसने वीडियो में कहा था कि उसे फर्जी मुकदमे में फंसा दिया गया। वह सेना में भर्ती होना चाहता था। रुनकता चौकी के दरोगा केशव शांडिल्य ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेने के बाद भी समझौता नहीं कराया। केस में चार्जशीट लगा दी। 110 जी की कार्रवाई कर दी। इससे मजिस्ट्रेट ने पाबंद कर दिया। उसका सेना में भर्ती होने का सपना टूट गया।
एसपी सिटी विकास कुमार का कहना है कि मृतक के पिता देवेंद्र की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दरोगा की भूमिका की जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
वीडियो बनेगा अहम साक्ष्य
पुलिस ने कृष्ण मुरारी के आत्महत्या से पहले के फेसबुक पर लाइव हुए वीडियो की सीडी परिजनों से मांगी है। मरने से पहले का यह वीडियो बताया गया है। इसमें रेलवे लाइन भी नजर आ रही है। उसने कहा था कि रुनकता चौकी चोर है। उसने फर्जी मुकदमे में ठीक से विवेचना नहीं की। उसे अपराधी बना दिया गया। इस कारण परिवार पर कर्ज हो गया। पंचायत में भी बात नहीं बन सकी। अब पुलिस के वीडियो ही अहम साक्ष्य बनेगा।
आरोपी दरोगा पूर्व में हुए थे निलंबित
दरोगा केशव शांडिल्य रुनकता चौकी पर तैनाती के दौरान चर्चाओं में रहे थे। उनका एक मामले में लापरवाही करने पर निलंबित कर दिया गया था। मगर, कुछ दिन बाद ही एक चौकी पर भेज दिया गया। अब फिर से उनका नाम आया है। मुकदमे में नामजदगी की गई है। मृत्यु पूर्व बयान दरोगा के लिए भारी पड़ सकता है।