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UP: एनकाउंटर पर फंसी पुलिस...गोकश की पत्नी को हिरासत में रखा, सीएम पोर्टल पर शिकायत; मुकदमा दर्ज
Sun, 08 Jun 2025 12:19 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:19 PM IST
सार
पुलिस ने 31 मई को सदर निवासी गोकश इमरान को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी। उसके पास से प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ था।
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police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अदालत में कथित मुठभेड़ के आरोप में घिरी थाना रकाबगंज पुलिस पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस बदमाश ने अदालत में आरोप लगाया था कि उसे पकड़कर गोली मारी और पीटा गया। अब उसकी पत्नी और पत्नी के दो भाइयों को अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। शिकायत के बाद पुलिस ने पत्नी को छोड़ दिया, मगर उसके भाइयों का शांति भंग में चालान किया।
आरोप लगाया गया है कि पुलिस केस में पैरवी न करने का दबाव बना रही है। थाना रकाबगंज पुलिस ने 31 मई को सदर निवासी गोकश इमरान को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी। उसके पास से प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ था। विवेचक इंस्पेक्टर क्राइम उमेश त्यागी उसे कोर्ट में पेश करने गए थे। आरोपी ने कोर्ट में पुलिस पर अभिरक्षा में मारपीट और पकड़कर गोली मारने का आरोप लगाया था।
कोर्ट में अपनी चोटें दिखाई थीं। कोर्ट के आदेश पर दोबारा मेडिकल हुआ था। पहले और दूसरे मेडिकल में चोटों में भिन्नता निकली थी। कोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे। पहले अधिकारियों ने रिवीजन में जाने की बात बोली थी। बाद में रकाबगंज थाने में अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और मारपीट की धारा के तहत केस लिखा गया।
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आरोप लगाया गया है कि पुलिस केस में पैरवी न करने का दबाव बना रही है। थाना रकाबगंज पुलिस ने 31 मई को सदर निवासी गोकश इमरान को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी। उसके पास से प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ था। विवेचक इंस्पेक्टर क्राइम उमेश त्यागी उसे कोर्ट में पेश करने गए थे। आरोपी ने कोर्ट में पुलिस पर अभिरक्षा में मारपीट और पकड़कर गोली मारने का आरोप लगाया था।
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कोर्ट में अपनी चोटें दिखाई थीं। कोर्ट के आदेश पर दोबारा मेडिकल हुआ था। पहले और दूसरे मेडिकल में चोटों में भिन्नता निकली थी। कोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे। पहले अधिकारियों ने रिवीजन में जाने की बात बोली थी। बाद में रकाबगंज थाने में अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और मारपीट की धारा के तहत केस लिखा गया।
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पत्नी को मायके से उठाकर ले आई पुलिस
शहीद नगर निवासी कौसर पत्नी राहिन ताज ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से शुक्रवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की। शिकायत में आरोप है कि बुधवार की रात 8 बजे पुलिस घर आई। शहीद नगर पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही अंकुश साथ था। पुलिस इमरान की पत्नी गुड़िया उसके साले साहिल व जीशान को पकड़कर रकाबगंज थाने ले आई।
थाने में तीनों को बैठा दिया। उनसे कहा गया कि अधिकारी आकर बातचीत करेंगे। बुधवार रात से बृहस्पतिवार तक तीनों बैठे रहे। उनसे न तो पूछताछ की गई और न ही छोड़ा गया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत पर रात को गुड़िया को छोड़ दिया गया। साहिल व जीशान का शांति भंग में चालान किया गया। हालांकि रात में वे दोनों भी अपने घर पहुंच गए।
थाने में बिगड़ी बच्ची की तबीयत
गुड़िया का कहना कि पुलिस शिकायत वापस कराना चाहती है। थाने में वह दरोगा भी सामने आया जिसने पति को गोली मारी थी। दरोगा ने खुद यह बताया। उसे धमकाया। कहा कि पति से कहो कि वह इस मामले को यहीं खत्म कर दे। गुड़िया ने बताया कि पति की वजह से छह माह की बच्ची की जान पर बन आई। थाने में बच्ची की तबीयत खराब हो रही थी। तब भी उसे नहीं छोड़ा।
ये भी पढ़ें-UP: इस एक्सप्रेस-वे के किनारे बसेगा नया शहर...94 गांवों की जमीन पर होगा विकसित, 14 लाख लोगों को मिलेंगे घर
शहीद नगर निवासी कौसर पत्नी राहिन ताज ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से शुक्रवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की। शिकायत में आरोप है कि बुधवार की रात 8 बजे पुलिस घर आई। शहीद नगर पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही अंकुश साथ था। पुलिस इमरान की पत्नी गुड़िया उसके साले साहिल व जीशान को पकड़कर रकाबगंज थाने ले आई।
थाने में तीनों को बैठा दिया। उनसे कहा गया कि अधिकारी आकर बातचीत करेंगे। बुधवार रात से बृहस्पतिवार तक तीनों बैठे रहे। उनसे न तो पूछताछ की गई और न ही छोड़ा गया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत पर रात को गुड़िया को छोड़ दिया गया। साहिल व जीशान का शांति भंग में चालान किया गया। हालांकि रात में वे दोनों भी अपने घर पहुंच गए।
थाने में बिगड़ी बच्ची की तबीयत
गुड़िया का कहना कि पुलिस शिकायत वापस कराना चाहती है। थाने में वह दरोगा भी सामने आया जिसने पति को गोली मारी थी। दरोगा ने खुद यह बताया। उसे धमकाया। कहा कि पति से कहो कि वह इस मामले को यहीं खत्म कर दे। गुड़िया ने बताया कि पति की वजह से छह माह की बच्ची की जान पर बन आई। थाने में बच्ची की तबीयत खराब हो रही थी। तब भी उसे नहीं छोड़ा।
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