यमुना का रौद्र रूप देख सहमे लोग: घर खाली करने के निर्देश, छह गांवों का संपर्क कटा; रोकी गई विद्युत आपूर्ति
यमुना का रौद्र रूप डरा रहा है। आगरा में यमुना खतरे के निशान से कुछ इंच ही दूर है। वहीं कैलाश गांव में पानी भरने से बलदेव तक के छह गांवों का संपर्क कट गया है। वहीं लोहिया नगर, तनिष्क राजश्री, महताब बाग व्यू प्वाइंट, दशहरा घाट, कैलाश मंदिर में पानी भर गया है।
विस्तार
यमुना नदी अब खतरे के निशान 499 फुट से कुछ इंच ही दूर है। 13 साल बाद यमुना नदी ने तटबंध तोड़कर शहर में प्रवेश किया है। लोहिया नगर, तनिष्क राजश्री और दयालबाग की कॉलोनियों के सड़क मार्ग पर पानी भर गया है। कैलाश मंदिर परिसर, कैलाश गांव में पानी भर जाने से बलदेव की ओर के 6 गांवों का संपर्क शहरी क्षेत्र से कट गया है। कैलाश मेला स्थगित कर दिया गया है। शहर में यमुना किनारे बने 5 सीवेज पंपिंग स्टेशन एहतियातन बंद कर दिए गए हैं। यमुना में गिर रहे भैंरो नाला, मंटोला नाला समेत छोटे-बड़े नालों का बहाव उल्टा हो गया है। वहीं टोरेंट ने घाट के पास ट्रांसफार्मर के पानी में डूब जाने पर विद्युत आपूर्ति रोक दी है। ताजगंज मोक्षधाम में यमुना का पानी दूसरे प्लेटफाॅर्म तक पहुंच गया, जिससे अब सबसे ऊपर के प्लेटफाॅर्म पर ही दाह संस्कार किए जा सकेंगे।
गर्भगृह तक भरा यमुना का पानी
सिकंदरा स्थित कैलाश महादेव मंदिर के गर्भगृह तक उफनाई यमुना का पानी भर गया है। इसे देखते हुए सावन के तीसरे सोमवार यानी 24 जुलाई को होने वाला कैलाश मेला स्थगित कर दिया गया है। रविवार सुबह से ही मंदिर में पानी भरना शुरू हो गया था। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने भी दौरा किया। महंत गौरव गिरि ने बताया कि मंदिर प्रांगण में रहने वाले आठ परिवारों से घर खाली कराए जा रहे हैं। यमुना का पानी अगले एक सप्ताह तक निकलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में 24 जुलाई के मेले को स्थगित करने का फैसला किया गया है। चूंकि इस बार श्रावण मास दो माह का है, इसलिए मेला 21 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
छह गांवों का कट गया संपर्क
यमुना नदी का पानी कैलाश मंदिर परिसर के साथ गांवों में भी पहुंच गया। कैलाश मंदिर के पास गांव से बलदेव तक जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से उस पार के छह गांवों का संपर्क कट गया है।
पांच सीवेज पंपिंग स्टेशन कर दिए बंद
शहर में नालों का बहाव उल्टा होने (बैक मारने) से पांच सीवेज पंपिंग स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। वीए टेक वबाग के प्रोजेक्ट मैनेजर अनुज त्रिपाठी ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण यमुना किनारे के भैंरो नाला, वाटरवर्क्स, मनोहरपुर, बल्केश्वर और रजवाड़ा के सीवेज पंपिंग स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। यहां मोटरों के फुंकने का खतरा है।
मंटोला और भैंरो नाले का बहाव उल्टा
देर रात यमुना नदी का जलस्तर 498.2 फुट के पार पहुंचने के कारण मंटोला और भैंरो नाला में पानी सड़क तक आने लगा है। पानी की पाइपलाइनें दोनों नालों में डूबी नजर आईं। वहीं नालों के बैक मारने से पुराने शहर में गलियों और नालों के किनारे रहने वालों के घरों में गंदा पानी घुसने की आशंका है। मंटोला नाले का 78 एमएलडी पानी खैराती टोला पंपिंग स्टेशन तक जा रहा है, पर इसमें 150 एमएलडी तक का प्रवाह है, जिस वजह से जलस्तर और बढ़ने पर नाले किनारे रहने वालों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।
पानी में डूबे ट्रांसफार्मर, घाट की सप्लाई ठप
नदी के किनारे बिजली के ट्रांसफार्मर लगे हैं, ज्यादातर दयालबाग की काॅलोनियों और कृष्णा काॅलोनी के पास हैं। नुनिहाई में घाट पर लगे ट्रांसफार्मर के पानी में डूबने के बाद आपूर्ति बंद कर दी गई। जिला प्रशासन ने जलस्तर बढ़ने पर बिजली के भूमिगत केबल में फॉल्ट और करंट को देखते हुए टोरंट पावर से सप्लाई बंद करने को कहा गया है। ट्रांसफार्मरों को डिस्कनेक्ट कर केवल उसी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद की जाएगी। टोरंट पावर के उपाध्यक्ष शैलेश देसाई ने बताया कि कैलाश घाट, बल्केश्वर, महताब बाग, दयालबाग में हमारी टीमें अलर्ट हैं। जैसे ही पानी बढ़ने पर या विद्युत उपकरण पानी में डूबने पर प्रशासन का आदेश आएगा, टीमें उसी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कर देंगी।
पीएसी की चौकी हटी, एनडीआरएफ ने लिया जायजा
यमुना नदी के किनारे महताब बाग से सटा पीएसी का कैंप हटा दिया गया है। डाॅ. आंबेडकर बगीची में पानी भर जाने के कारण यहां से पीएसी ने सामान समेट कर महताब बाग के गेट के पास नई चौकी बनाई है। वहीं महताब बाग के ताज व्यू प्वाइंट को भी बंद कर दिया गया है। एनडीआरएफ की टीम ने यहां बाढ़ का जायजा लिया, वहीं नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने भी निरीक्षण किया। महताब बाग के सामने ताजमहल से सटे दशहरा घाट पर बने मंदिर तक पानी पहुंच गया है। साल 2010 के बाद दशहरा घाट के मंदिर और कुएं तक पानी आया है। यमुना का पानी फिर से ताज की दीवारों से छू रहा है।
लगातार नजर रखी जा रही
आगरा डीएम नवनीत सिंह चहल ने बताया कि यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी लेखपाल, अधिकारी, कर्मचारी मौके पर हैं। बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं और लोगों से पानी बढ़ने पर काॅलोनी के घरों को खाली करने को कहा गया है। हमने शेल्टर होम बनाए हैं। लोग वहां जा सकते हैं, वहां पूरी व्यवस्थाएं हैं।
ऐसे बढ़ा जलस्तर
सुबह 8 बजे 497 फुट
पूर्वाह्न 11 बजे 497.3 फुट
दोपहर 2 बजे 497.6 फुट
शाम 5 बजे 497.8 फुट
रात 8 बजे 498.1 फुट