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कासगंज के किसान की लौकी भिंडी ने उत्तराखंड में ऐसे जमाई धाक
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कासगंज के किसान बृजेंद्र सिंह उत्तराखंड में पुरस्कार प्राप्त करते
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। क्षेत्र के गांव महावर के किसान की मेहनत ऐसी रंग लाई कि उत्तराखंड में जिले का ही नहीं बल्कि प्रदेश का नाम रोशन कर दिया। उत्तराखंड के कृषि विश्व विद्यालय पंतनगर में आयोजित कृषि मेले में किसान द्वारा पैदा की गई सब्जियों को पहला और दूसरा स्थान मिला। मेले में तीन राज्यों के किसानों ने सहभागिता की। जिनमें कासगंज के किसानों की मेहनत बुलंदियों पर रही।
पंत नगर विश्व विद्यालय में बीते दिनों कृषि मेले का आयोजन हुआ। जिसमें सब्जी प्रदर्शनी लगाई गई। मेले में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, राजस्थान के किसानों ने सहभागिता की। उत्तर प्रदेश से कई किसानों में जिले के गांव महावर के बृजेंद्र सिंह भी शामिल हुए। बृजेंद्र ने मेहनत से पैदा की गई लौकी और भिंडी की प्रदर्शनी लगाई। यहां पंतनगर विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। तीनों राज्यों के किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में बृजेंद्र की लौकी सबसे बेहतर पाई गई। लौकी को कृषि वैज्ञानिकों ने प्रथम स्थान दिया। इसी प्रदर्शनी में बृजेंद्र द्वारा खेत में उगाई गई भिंडी भी आकर्षण का केंद्र रही। भिंडी को दूसरा स्थान मिला। किसान की इस मेहनत ने उत्तराखंड में कासगंज का नाम रोशन कर दिया। कृषि एवं उद्यान विभाग के अफसरों ने किसान की मेहनत की सराहना की।
यह थी खासियत
कासगंज। बजृेंद्र की लौकी को प्रथम स्थान यूं ही नहीं मिला। उन्होंने जैविक खाद से कम लागत में बेहतर पैदावार करने का प्रमाण दिया। जैविक खाद से तैयार की गई लौकी 5 से 6 फुट लंबी थी और यह देखने में काफी खूबसूरत थी। इसके अलावा भिंडी भी जैविक खाद से ही पैदा की गई।
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किसान की बात-
- हम जैविक खाद तैयार करते हैं। उसके बाद इसी खात से सब्जी की फसल उगाते हैं। जैविक खाद से कम लागत में अधिक पैदावार होती है। भविष्य में भी बेहतर पैदावार कर जिले का नाम ऊंचाईयों तक पहुंचाने का प्रयास रहेगा- बृजेंद्र सिंह, किसान।
वर्जन-
- समय समय पर गांव महावर में पहुंचकर किसान को सब्जी की खेती के बेहतर पैदावार के गुर बताए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी कई बार खेतों पर पहुंच उनकी फसल देखीं। किसान ने जिले का नाम रोशन किया है। उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा- सुनील कुमार, उद्यान निरीक्षक।
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पंत नगर विश्व विद्यालय में बीते दिनों कृषि मेले का आयोजन हुआ। जिसमें सब्जी प्रदर्शनी लगाई गई। मेले में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, राजस्थान के किसानों ने सहभागिता की। उत्तर प्रदेश से कई किसानों में जिले के गांव महावर के बृजेंद्र सिंह भी शामिल हुए। बृजेंद्र ने मेहनत से पैदा की गई लौकी और भिंडी की प्रदर्शनी लगाई। यहां पंतनगर विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। तीनों राज्यों के किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में बृजेंद्र की लौकी सबसे बेहतर पाई गई। लौकी को कृषि वैज्ञानिकों ने प्रथम स्थान दिया। इसी प्रदर्शनी में बृजेंद्र द्वारा खेत में उगाई गई भिंडी भी आकर्षण का केंद्र रही। भिंडी को दूसरा स्थान मिला। किसान की इस मेहनत ने उत्तराखंड में कासगंज का नाम रोशन कर दिया। कृषि एवं उद्यान विभाग के अफसरों ने किसान की मेहनत की सराहना की।
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यह थी खासियत
कासगंज। बजृेंद्र की लौकी को प्रथम स्थान यूं ही नहीं मिला। उन्होंने जैविक खाद से कम लागत में बेहतर पैदावार करने का प्रमाण दिया। जैविक खाद से तैयार की गई लौकी 5 से 6 फुट लंबी थी और यह देखने में काफी खूबसूरत थी। इसके अलावा भिंडी भी जैविक खाद से ही पैदा की गई।
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किसान की बात-
- हम जैविक खाद तैयार करते हैं। उसके बाद इसी खात से सब्जी की फसल उगाते हैं। जैविक खाद से कम लागत में अधिक पैदावार होती है। भविष्य में भी बेहतर पैदावार कर जिले का नाम ऊंचाईयों तक पहुंचाने का प्रयास रहेगा- बृजेंद्र सिंह, किसान।
वर्जन-
- समय समय पर गांव महावर में पहुंचकर किसान को सब्जी की खेती के बेहतर पैदावार के गुर बताए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी कई बार खेतों पर पहुंच उनकी फसल देखीं। किसान ने जिले का नाम रोशन किया है। उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा- सुनील कुमार, उद्यान निरीक्षक।