किसानों का प्रदर्शन: कृषि बिल पर किसान गुस्साए, पुतले फूंक दी चेतावनी, मथुरा में हुआ धारा 144 का उल्लंघन
किसानों के विरोध प्रदर्शन को रोकने को जिले की सीमा और किसानों के एकत्र होने के संभावित स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। यमुना एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा को आधा दर्जन थानों का फोर्स निगरानी में लगाया गया है।
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कृषि कानून को लेकर किसानों द्वारा किए गए आंदोलन को बुधवार को छह माह हो गए। इसके विरोध में बुधवार को किसानों के विभिन्न गुटों ने विरोध प्रदर्शन किया। कई जगह पर प्रधानमंत्री का सांकेतिक पुतला फूंका गया। कहीं काले झंडे दिखाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
हालांकि प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन व पुतला फूंकने के रोकने के लिए जिले में धारा 144 लागू कर दी। लेकिन इसका किसान आंदोलन पर कोई खास प्रभाव नहीं दिखा। किसानों ने कहा कि कृषि कानून वापस लिया जाए। उधर, पुलिस यमुना एक्सप्रेसवे व हाईवे पर किसानआंदोलन का इंतजार करती रही लेकिन किसान नहीं पहुंचे।
नगला पंजाजी के किसानों ने राधा कुंड में भाकियू नेता राजकुमार चौधरी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। उनके साथ दयाराम, महावीर, जगबीर, राजू चौधरी, मनोज, रणवीर चौहान, तेजवीर, मुकेश, भगत सिंह, संजय, जय देव, योगेंद्र चौधरी, हरपाल आदि किसान मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में विभिन्न इकाइयों ने जरैलिया, बाजना, पारसोली, सुहागपुर, हरनौल, खडेरा, बलदेव, कादौना आदि में काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमें राज्य उपाध्यक्ष साथी नथ्थीलाल पाठक, राज्य कमेटी सदस्य मनोज वर्मा , जिला मंत्री राकेश चौधरी, अध्यक्ष गेंदालाल महाशय, उपाध्यक्ष कोमल सिंह, संयुक्त मंत्री तारासिंह चौधरी व अमर सिंह, सलीम खान, दुर्गा प्रसाद, प्रेमपाल सिंह, शैलेश चौधरी, सुरेंद्र , हनीफ खान, शिवकुमारी मौजूद थे।
भाकपा माले जिला कमेटी ने दिल्ली में सयुंक्त मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलनरत किसानों की मांगो के समर्थन में काली पट्टी बांध कर कचहरी पर काला दिवस मनाया। उक्त कार्यक्रम में राज्य कमेटी सदस्य नशीर शाह एड, शिवकुमार एड, वीसी अग्रवाल एड, डॉक्टर एन एम शाह, अमन शाह, कमल सिंह, डी के अग्रवाल एड, रविंद्र सिंह आदि मुख्य रूप से शामिल थे।
मांट में किया प्रदर्शन
भाकियू द्वारा राष्ट्रीय आह्वान पर मांट के गांव जाबरा पर गुस्साए किसानों ने पीएम का पुतला फूंका और कृषि बिल को वापिस लेने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार मांट राकेश सोनी को दिया। इस अवसर पर भाकियू के आगरा मंडल उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह गावर के अलावा अजय कुमार, सुभाष उर्फ मोटू, गनेशी लाल, राजवीर सिंह, शंकर लाल, बंसत लाल आदि मौजद रहे।
फरह टोल पर पुलिस रही सतर्क
बुधवार की सुबह आठ बजे से पुलिस ने महुअन टोल पर मोर्चा संभाल लिया। किसान मोर्चा द्वारा काला दिवस मनाये जाने की घोषणा की थी । इस स्थिति से निपटने के लिए पुलिस टोल पर जमी रही, मगर कोई नहीं पहुंचा। किसान यूनियन का नेता सत्यवीर सिंह ने बताया के यहां पर कोई किसान नेता नहीं आया। वाहनों का आगमन बराबर रोजाना की तरह चलता रहा।
रालोद नेताओं ने मोदी सरकार को कोसाबाकलपुर और द्वारिकेश नगर कॉलोनी में रालोद नेता ताराचंद गोस्वामी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाथ में काले झंडे लिए विरोध प्रदर्शन किया। रालोद नेता ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान आज छह माह से दिल्ली बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन आज तक केंद्र सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगी है। गूंगी, बहरी और अंधी सरकार इन्हीं अन्नदाता के दम पर बनी थी। इसलिए पूरे देश में और मथुरा में भी जगह-जगह सरकार को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रकट किया गया। प्रदर्शन करने वालों में लोकेश शर्मा, रूद्र शर्मा, तनु कटारा, राघव शर्मा, अनु शर्मा, राधिका, रचना शर्मा, अंशुल शर्मा मौजूद रहे।