Farmers Protest: दिल्ली जा रहीं मेधा पाटकर को आगरा में रोका, किसानों संग सड़क पर ही शुरू किया प्रदर्शन
- आगरा-धौलपुर सीमा पर पुलिसकर्मियों द्वारा रोके जाने पर मेधा पाटकर ने पूछा- उन्हें किस कानून के तहत रोका गया है। उन्होंने सैकड़ों किसानों के साथ सड़क पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
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कृषि अध्यादेश के विरोध में दिल्ली जा रही रहीं नर्मदा बचाव आंदोलन की अध्यक्ष मेधा पाटकर को आगरा-धौलपुर सीमा पर रोक लिया गया। वह कार्यकर्ताओं के साथ कार से बुधवार रात साढ़े आठ बजे यहां पहुंची थीं। उनके आने से पहले ही आगरा की सैंया थाना पुलिस को सीमा पर तैनात कर दिया गया था। पुलिस द्वारा रोके जाने पर मेधा पाटकर ने गुरुवार की सुबह किसानों के साथ सड़क पर ही धरना शुरू दिया। इससे सड़क पर लंबा जाम लग गया है।
उन्होंने आगरा की सीमा में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने आने नहीं दिया। वह शिवपुरी से ग्वालियर होते हुई पहुंची थीं। 11 जनवरी को छिंदवाड़ा से शुरू हुई जनाधिकार यात्रा का मेधा पाटकर नेतृत्व कर रही हैं। आगरा होते हुए उन्हें दिल्ली कूच करना था। वहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि उनके आने की सूचना पर ही पुलिस तैनात कर दी थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें रोका गया है।
मेधा पाटकर ने पुलिसकर्मियों से पूछा कि उन्हें किस कानून के तहत रोका गया है। उन्हें दिल्ली जाना है, आगरा में तो रुकना ही नहीं है, फिर जाने क्यों नहीं दिया जा रहा है। आखिर उन पर कौन सी धारा लगाई है। बड़ी संख्या में किसान पंजाब और हरियाणा से दिल्ली पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिसंबर को केंद्र सरकार पंजाब के किसानों से बैठक करेगी लेकिन सरकार अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति को क्यों नहीं बुलाती है। सरकार ने खेती को व्यापार समझ लिया है।
सरकार पर साधा निशाना
मेधा पाटकर ने कहा कि यूपी सरकार और राजस्थान सरकार आपस में बात नहीं कर सकती। ऐसी स्थिति में यह जन आंदोलनों की राजनीति हम लोग आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों के जीने का रास्ता रोक रही है। यह सरकार किसानों के विरोध में और अंबानी, अडानी और जिंदल के पक्ष में तीन कानून कैसे ला सकती है?
योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया
मेधा पाटकर को रोके जाने पर सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया, सैकड़ों किसानों को दिल्ली आने से रोका गया है। आगरा में मेधा पाटकर को रोक लिया गया। यह किसान बनाम सरकार की लड़ाई है।
किसान नेताओं ने रोष जताया
मेधा पाटकर के साथ राहुल राज, प्रहलाद बैरागी, आराधना भार्गव सहित कई किसान नेता हैं। किसान नेताओं ने रोके जाने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से 20 और गाड़ियों का जत्था दिल्ली के लिए जाएगा।