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50 गांव के किसानों को नहीं मिल रहा रजवाहे से सिंचाई को पानी
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कासगंज। ढोलना इलाके के पचास गांव के किसानों को अनूपशहर ब्रांच के रजवाहे से दो दशक से पानी नहीं मिल रहा है। इस रजवाहे से जुड़े पचास गांव के किसानों के सामने फसलों की सिंचाई का घोर संकट है। नलकूपों की सिंचाई से खेती की लागत बढ़ रही है। इस ओर जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी तक गंभीर नहीं हैं। चुनावों में आश्वासन के बाद आजतक जनप्रतिनिधि इस समस्या का हल नहीं दे सके हैं। किसानों को सुविधाओं का ढिंढोरा पीटने वाली सरकारों की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल खड़ा है।
अनूपशहर ब्रांच का रजवाहा अलीगढ़ की सीमा से होते हुए जिले की सीमा में आता है। अलीगढ़ का सिंचाई खंड ही इसकी देखरेख करता है। माइनर की पिछले सात सालों से सफाई भी नहीं हुई है। अपने जिले के हिस्से में तो सिंचाई विभाग देखरेख बराबर रखता है, लेकिन इसके बाद रजवाहे में टेल तक पानी पहुंच रहा है या नहीं इस पर कोई ध्यान नहीं है।
सिंचाई विभाग की यह लापरवाही ढोलना इलाके के किसानों को भारी पड़ रही है। इस इलाके के भूड़ का नगला, किनावा, इनायत, ढोलना, इसेपुर, महावर, इटौआ, गोदानगला, छत्ता नगला, भड़सौली जंगल, जरैड, रहमतपुरमाफी, जखेरा, महेशपुरा, सिरौली, फिरोजपुर सहित अन्य गांव इससे सिंचाई पर निर्भर रहते हैं, लेकिन पानी न आने से सिंचाई का संकट बरकरार है। नलकूपों की सिंचाई से खेती की लागत बढ़ रही है।
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फैक्ट फाइल-
- अलीगढ़ से कासगंज की ओर आते समय रजवाहे का स्लोप ठीक नहीं है।
- अनूपशहर ब्रांच रजवाहे की पिछले 7 वर्षों से नहीं की गई सफाई।
- अलीगढ़ इलाके के किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए काट लेते हैं रजवाहा।
किसानों की बात-
- पिछले 20 वर्षों से अनूपशहर ब्रांच में पानी नहीं आया है। किसान बार बार यह समस्या उठाते हैं। जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी दी गई है, लेकिन केवल कोरे आश्वासन ही मिलते हैं। पानी नहीं मिल पाता। - सतीश यादव, इटौआ।
- रजवाहे में पानी न आने की समस्या पर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अलीगढ़ के अधिकारी नहीं सुनते। पानी न आने से हर बार फसलें बर्बाद होती हैं। किसानों को महंगी सिंचाई करनी पड़ती है। इससे उनके सामने संकट बना रहता है।- हुल्लन सिंह, नगला पट्टी।
- सरकार भले ही किसानों की समस्याओं को हल करने के दावे करे, लेकिन यह जमीन पर दिखाई नहीं देते। पचास गांव रजवाहे में पानी न आने से परेशान हैं। उनकी किसी को चिंता नहीं है। तमाम भूमि बंजर हो रही है। - खचेर सिंह, महावर।
- रजवाहे में पानी न आने के कारण इस इलाके की बागवानी हम लोगों ने खत्म कर दी है। धान जैसी फसलें नहीं हो पातीं। फसलों की महंगी सिंचाई करनी पड़ती है। कोई ध्यान नहीं देता। अलीगढ़ का खंड देखरेख नहीं करता। - श्योराज सिंह, इटौआ ।
क्या कहते हैं विधायक-
- अनूपशहर ब्रंाच में पानी के लिए सिंचाई विभाग को पहले ही पत्र लिखा जा चुका है। इस पर पानी की व्यवस्था स्थायी रूप से करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समस्या का पूरी तरह से समाधान होगा तभी सिंचाई को लगातार पानी मिल पाएगा। किसानों की इस समस्या का समाधान कराया जाएगा। - देवेंद्र राजपूत, सदर विधायक।
- अनूपशहर ब्रांच में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। यह कार्ययोजना शासन में लंबित है। पिछले सात वर्षों से सफाई का कोई बजट नहीं मिला है। शीघ्र ही बजट मिलने पर सफाई कराई जाएगी और स्लोप आदि की जो समस्याएं हैं उन्हें दूर किया जाएगा। किसानों की समस्या पर काम किया जा रहा है। - पवन कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाईखंड, अलीगढ़।
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अनूपशहर ब्रांच का रजवाहा अलीगढ़ की सीमा से होते हुए जिले की सीमा में आता है। अलीगढ़ का सिंचाई खंड ही इसकी देखरेख करता है। माइनर की पिछले सात सालों से सफाई भी नहीं हुई है। अपने जिले के हिस्से में तो सिंचाई विभाग देखरेख बराबर रखता है, लेकिन इसके बाद रजवाहे में टेल तक पानी पहुंच रहा है या नहीं इस पर कोई ध्यान नहीं है।
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सिंचाई विभाग की यह लापरवाही ढोलना इलाके के किसानों को भारी पड़ रही है। इस इलाके के भूड़ का नगला, किनावा, इनायत, ढोलना, इसेपुर, महावर, इटौआ, गोदानगला, छत्ता नगला, भड़सौली जंगल, जरैड, रहमतपुरमाफी, जखेरा, महेशपुरा, सिरौली, फिरोजपुर सहित अन्य गांव इससे सिंचाई पर निर्भर रहते हैं, लेकिन पानी न आने से सिंचाई का संकट बरकरार है। नलकूपों की सिंचाई से खेती की लागत बढ़ रही है।
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फैक्ट फाइल-
- अलीगढ़ से कासगंज की ओर आते समय रजवाहे का स्लोप ठीक नहीं है।
- अनूपशहर ब्रांच रजवाहे की पिछले 7 वर्षों से नहीं की गई सफाई।
- अलीगढ़ इलाके के किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए काट लेते हैं रजवाहा।
किसानों की बात-
- पिछले 20 वर्षों से अनूपशहर ब्रांच में पानी नहीं आया है। किसान बार बार यह समस्या उठाते हैं। जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी दी गई है, लेकिन केवल कोरे आश्वासन ही मिलते हैं। पानी नहीं मिल पाता। - सतीश यादव, इटौआ।
- रजवाहे में पानी न आने की समस्या पर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अलीगढ़ के अधिकारी नहीं सुनते। पानी न आने से हर बार फसलें बर्बाद होती हैं। किसानों को महंगी सिंचाई करनी पड़ती है। इससे उनके सामने संकट बना रहता है।- हुल्लन सिंह, नगला पट्टी।
- सरकार भले ही किसानों की समस्याओं को हल करने के दावे करे, लेकिन यह जमीन पर दिखाई नहीं देते। पचास गांव रजवाहे में पानी न आने से परेशान हैं। उनकी किसी को चिंता नहीं है। तमाम भूमि बंजर हो रही है। - खचेर सिंह, महावर।
- रजवाहे में पानी न आने के कारण इस इलाके की बागवानी हम लोगों ने खत्म कर दी है। धान जैसी फसलें नहीं हो पातीं। फसलों की महंगी सिंचाई करनी पड़ती है। कोई ध्यान नहीं देता। अलीगढ़ का खंड देखरेख नहीं करता। - श्योराज सिंह, इटौआ ।
क्या कहते हैं विधायक-
- अनूपशहर ब्रंाच में पानी के लिए सिंचाई विभाग को पहले ही पत्र लिखा जा चुका है। इस पर पानी की व्यवस्था स्थायी रूप से करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समस्या का पूरी तरह से समाधान होगा तभी सिंचाई को लगातार पानी मिल पाएगा। किसानों की इस समस्या का समाधान कराया जाएगा। - देवेंद्र राजपूत, सदर विधायक।
- अनूपशहर ब्रांच में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। यह कार्ययोजना शासन में लंबित है। पिछले सात वर्षों से सफाई का कोई बजट नहीं मिला है। शीघ्र ही बजट मिलने पर सफाई कराई जाएगी और स्लोप आदि की जो समस्याएं हैं उन्हें दूर किया जाएगा। किसानों की समस्या पर काम किया जा रहा है। - पवन कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाईखंड, अलीगढ़।