जेपी ग्रुप ने भूमि अधिग्रहण का बनाया दबाव, किसानों ने किया विधायक निवास का घेराव
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आगरा में जबरन अधिग्रहण किए जाने पर जेपी ग्रुप के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने रविवार को एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम प्रताप चौहान
के निवास पर प्रदर्शन किया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मुश्किल से किसानों को शांत करके धरना प्रदर्शन समाप्त कराया।
किसानों का कहना है कि जेपी इंफ्राटेक ग्रुप ने टाउनशिप के नाम पर उनकी खेती योग्य भूमि का जबरन अधिग्रहण कराया था। किसान इसके खिलाफ पिछले नौ वर्ष से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि 64 फीसदी मुआवजा राशि और 10 फीसदी विकसित भूमि दी जाए और किसानों के खिलाफ लगे फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए।
इसी मांग को लेकर किसान दोबारा करीब 50 दिन से धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन अभी तक कोई भी सांसद और विधायक उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। अधिकारी भी सुनने को तैयार नहीं हैं। किसान गांधीवादी तरीके से आंदोलन चला रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से आहत किसान रविवार को विधायक राम प्रताप चौहान के निवास पर पहुंच गए। विधायक की गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी से अपनी पीड़ा कही और सीएम से इस सिलसिले में विधायक राम प्रताप के माध्यम से बात करने को कहा। विधायक की पत्नी ने भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि 19 नवंबर को घर में शादी है। शादी के बाद वे किसानों के साथ कंधा से कंधा मिलकर चलेंगे। बाद में पुलिस ने मामला शांत किया। प्रदर्शन में नरेश शर्मा, उदयवीर सिंह, कृष्ण मुरारी, एलएन बंसल, हीरेंद्र गुप्ता, शरद कुमार लवानिया, उमेश यादव, बीएस फौजदार, केके लवानिया, नरेंद्र विक्रम आदि मौजूद रहे।
- मैंने हर कदम पर किसानों का साथ दिया है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में लंबित है। इसमें मैं कर भी क्या सकता हूं। इसलिए मैं सुबह मनोज पंडित से
मिला भी था। उन्हें बताया था कि मेरे घर में 19 को शादी समारोह है। मैं निमंत्रण पत्र बांटने जा रहा हूं। उसके बाद आपसे आकर मिलता हूं लेकिन मेरे समझाने के बाद भी उन्होंने घर पर प्रदर्शन किया है।
राम प्रताप सिंह चौहान, विधायक एत्मादपुर