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कम बारिश होने से किसान की चिंता बढ़ी,धान,बाजरा की फसल की बुबाई प्रभावित

Fri, 16 Jul 2021 08:03 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 08:03 PM IST
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Farmer's concern increased due to less rain, sowing of paddy, millet crops affected
फिरोजाबाद। जुलाई का आधा महीना बीतने के बाद मानसून के नहीं आने से किसानों की चिंता बढ़ा दी। जसराना और अरांव क्षेत्र में धान की फसल की रोपाई के साथ ही यमुना की तलहटी में बाजरा की फसल की बुवाई का काम प्रभावित होने लगा है। किसानों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो फिर जिले में सूखे जैसे हालात बन जाएंगे।
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किसान बोले...
-मानसून की दस्तक नहीं देने से धान की रोपाई का काम प्रभावित हो रहा है। किसान धान की पौध तैयार होने के बाद भी रोपाई नहीं कर पा रहा है। बारिश यदि एक सप्ताह नहीं हुई तो जिले में सूखे जैसे हालात हो जाएंगे।
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सतेंद्र सिंह नगला करौंधा
-जिले में धान के साथ बाजरा की फसल की बुवाई खरीफ की फसल में जिले में सर्वाधिक होती है। बारिश का यही हाल रहा तो फिर जिले में सूखे जैसे हालात बनेंगे। अनाज के साथ-साथ पशुओं के चारे का संकट हो जाएगा।
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रामवीर सिंह, कन्हई नगर
-जसराना क्षेत्र में धान की फसल बड़े इलाके में होती है। बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल की रोपाई का काम प्रभावित हो रहा है। यदि जुलाई में बारिश नहीं हुई तो फिर धान की फसल की बुवाई होना मुश्किल होगा।
विजेंद्र सिंह भेड़ी
नहर के किनारे वाले इलाकों एवं जहां सिंचाई की खुद की निजी सुविधा है वहीं धान एवं बाजरा की फसल की बुवाई हो सकी है। बारिश के पानी के भरोसे रहने वाले किसान आभी तक फसल की बुवाई नहीं कर पाए हैं।

पप्पू निवासी खड़ीत
किस माह में कितनी होनी चाहिए बारिश
माह औसतन बारिस हुई बारिश
जनवरी 12.80 मिमी 00.00 मिमी
फरवरी 11.40 मिमी 00.00 मिमी
मार्च 07.40 मिमी 00.00 मिमी
अप्रैल 05.10 मिमी 00.00 मिमी
मई 06.80 मिमी 61.70 मिमी
जून 50.90 मिमी 11.16 मिमी
जुलाई 196.10 मिमी 16.88 मिमी
जुलाई माह आधा बीतने के बाद भी बारिश नहीं होना किसानों के लिए चिंता का कारण है क्योंकि खरीफ की फसलें पूरी तरह से बारिश पर निर्भर रहती हैं। खासतौर से धान एवं बाजरा की फसल पर ज्यादा असर है। यदि एक सप्ताह तक बारिश नहीं हुई तो फसलें सूखना प्रारंभ हो जाएंगी।
डॉ. हंसराज उप निदेशक कृषि फिरोजाबाद।
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