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हक की लड़ाई लड़ते-लड़ते जिंदगी की जंग हार गया किसान, लाठीचार्ज में घायल पीड़ित की मौत
Thu, 19 Dec 2019 10:29 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 19 Dec 2019 10:29 AM IST
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श्रीचंद राजपूत (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इनररिंग रोड प्रकरण में गुतिला पर धरना दे रहे गंगरौया निवासी गैंगरीन पीड़ित किसान श्रीचंद राजपूत (72) की मौत हो गई। वह पिछले साल 11 अक्तूबर को पुलिस लाठीचार्ज में घायल हो गए थे। उपचार के अभाव में उन्हें गैंगरीन हो गया था।
गंभीर हालत में भी वह हक की लड़ाई के लिए धरना स्थल पर बैठे रहे। उनकी मौत के बाद जब प्रशासन के अधिकारी नहीं पहुंचे तो साथी किसानों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। इसके बाद अफसर पहुंचे।
किसानों ने मृतक आश्रित परिवार को 20 लाख मुआवजा दिए जाने की मांग की। अफसरों ने इसे शासन को भिजवाने का आश्वासन दिया, इस पर किसान मान गए।
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गंभीर हालत में भी वह हक की लड़ाई के लिए धरना स्थल पर बैठे रहे। उनकी मौत के बाद जब प्रशासन के अधिकारी नहीं पहुंचे तो साथी किसानों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। इसके बाद अफसर पहुंचे।
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किसानों ने मृतक आश्रित परिवार को 20 लाख मुआवजा दिए जाने की मांग की। अफसरों ने इसे शासन को भिजवाने का आश्वासन दिया, इस पर किसान मान गए।
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किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने बताया कि अफसरों को फोन कर चेतावनी दे दी गई थी कि अगर श्रीचंद के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया और मुआवजे के लिए शासन को नहीं लिखा तो डीएम आवास पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट अरुण यादव, एसडीएम गरिमा सिंह और चौकी प्रभारी अनुज को मौके पर भेजा। किसानों ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये की मदद दिलाने की मांग की। शाम पांच बजे श्रीचंद के परिवारीजन शव लेकर गांव चले गए।
दोषी अधिकारियों पर केस दर्ज कराने की मांग
किसानों ने लाठीचार्ज करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने के साथ किसानों को भूमि अधिग्रहण का चार गुना मुआवजा देने की भी मांग की है। प्रदर्शन में सोमवीर यादव, मुकेश पाठक, भोलाराम फौजदार, रमेश राजपूत, शीशपाल प्रधान, मुकेश राजपूत रहे।
इस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट अरुण यादव, एसडीएम गरिमा सिंह और चौकी प्रभारी अनुज को मौके पर भेजा। किसानों ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये की मदद दिलाने की मांग की। शाम पांच बजे श्रीचंद के परिवारीजन शव लेकर गांव चले गए।
दोषी अधिकारियों पर केस दर्ज कराने की मांग
किसानों ने लाठीचार्ज करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने के साथ किसानों को भूमि अधिग्रहण का चार गुना मुआवजा देने की भी मांग की है। प्रदर्शन में सोमवीर यादव, मुकेश पाठक, भोलाराम फौजदार, रमेश राजपूत, शीशपाल प्रधान, मुकेश राजपूत रहे।
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चार साल से चल रही मुआवजे की लड़ाई
इनररिंग रोड के लिए प्रशासन ने जमीन का अधिग्रहण किया था। किसानों के साथ करार 2010 में हुआ था। इसके बाद 2013 में भूमि अधिग्रहण का नया कानून आ गया। किसानों की मांग है कि मुआवजा नए कानून के अनुसार दिया जाए। इसमें जो देरी हुई है, उस अवधि का ब्याज दिया जाए। पांच जनवरी 2015 से किसान मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं।
इनररिंग रोड के लिए प्रशासन ने जमीन का अधिग्रहण किया था। किसानों के साथ करार 2010 में हुआ था। इसके बाद 2013 में भूमि अधिग्रहण का नया कानून आ गया। किसानों की मांग है कि मुआवजा नए कानून के अनुसार दिया जाए। इसमें जो देरी हुई है, उस अवधि का ब्याज दिया जाए। पांच जनवरी 2015 से किसान मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं।