फिरोजाबाद: बारिश से मिर्च की फसल में नुकसान होने पर किसान ने दी जान, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
किसान ने 20 बीघा जमीन बंटाई पर लेकर मिर्च की फसल की थी, लेकिन बेमौसम बारिश में फसल में काफी नुकसान हुआ। किसान की आर्थिक स्थिति पहले से ही ठीक नहीं थी। फसल बर्बाद होने पर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
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फिरोजाबाद में बारिश से मिर्च की फसल बर्बाद होने पर नारखी ब्लॉक के गांव जाटऊ निवासी किसान ने गुरुवार को फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। बताया जा रहा है कि किसान के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक है। इस बार फसल से कुछ आमदनी होने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उस पर भी पानी फेर दिया।
नारखी थाना क्षेत्र के गांव जाटऊ निवासी यतेंद्र ने बताया कि उसका छोटा भाई सत्येंद्र कुमार (27) गुरुवार सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो दरवाजा खटखटाया गया। कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ दिया। सत्येंद्र पंखे पर साड़ी के फंदे से लटका था। पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सत्येंद्र के पास तीन बीघा जमीन थी।
उसने 20 बीघा जमीन गांव के एक व्यक्ति से बटाई पर लेकर मिर्च की खेती की थी। बारिश से फसल में नुकसान हो गया था। इसके कारण वह आहत था। थानाध्यक्ष नारखी प्रदीप कुमार का कहना है कि सत्येंद्र की पत्नी पिछले एक सप्ताह से मायके में है। इस मामले में एसडीएम सदर मनोज कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खेती-मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था सत्येंद्र
परिजन ने बताया कि सत्येंद्र की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह परिवार के भरण पोषण के लिए खेती के साथ मजदूरी भी करता था। उसके दो बेटे हैं। सात दिन पूर्व पत्नी मायके गई थी। घर पर परिवार के साथ अलग कमरे में रहता था। किसी को इसकी भनक तक नहीं थी कि सत्येंद्र इतना बड़ा कदम उठाएगा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सत्येंद्र की मौत की खबर सुनकर उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके से ससुराल आ गई। सत्येंद्र चार भाइयों में सबसे छोटा था। वह कांच के कड़े बनाने के लिए किसी ठेकेदार से कच्चा माल लाकर तैयार भी करवाता था। दोपहर बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।