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मथुरा में किसान ने किया आत्मदाह का प्रयास, मुख्यमंत्री-जिलाधिकारी से लगाई थी न्याय की गुहार
Tue, 26 Nov 2019 12:35 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 26 Nov 2019 12:35 AM IST
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जमीनी विवाद से परेशान किसान ने आत्मदाह का प्रयास किया
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के सुरीर कोतवाली की घटना को अभी ज्यादा वक्त नहीं गुजरा है, जब दबंगों से परेशान दंपती ने कोतवाली में खुद को आग लगा ली थी। एक बार फिर अफसरों के चक्कर लगाते हुए परेशान हुए किसान ने यही आत्मघाती फैसला लिया। हालांकि परिवार की महिलाओं की चीखपुकार से किसान की जान बच गई। पीड़ित ने एआरओ और पुलिस पर दबंगों का साथ देने का आरोप लगाया है।
वृंदावन के पानीगांव खादर में सोमवार को गोविंद कुंड राधानिवास क्षेत्र निवासी जुगल किशोर निषाद पुत्र मदनी ने खेत पर एक प्लास्टिक की कैन में रखा केरोसिन अपने ऊपर उड़ेलकर आत्मदाह करने की कोशिश की। परिवार की महिलाओं व मौके पर पहुंची पुलिस ने उसको रोका।
जुगल किशोर ने बताया कि वो वर्ष 2009 से 2018 तक मांट तहसील में पट्टे पर हासिल जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए भटक रहा है। मुख्यमंत्री, कमिश्नर, जिलाधिकारी, एसएसपी व स्थानीय पुलिस के दरवाजे खटखटाने पर भी जब किसान की सुनवाई नहीं हुई तो उसने यह कदम उठा लिया।
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वृंदावन के पानीगांव खादर में सोमवार को गोविंद कुंड राधानिवास क्षेत्र निवासी जुगल किशोर निषाद पुत्र मदनी ने खेत पर एक प्लास्टिक की कैन में रखा केरोसिन अपने ऊपर उड़ेलकर आत्मदाह करने की कोशिश की। परिवार की महिलाओं व मौके पर पहुंची पुलिस ने उसको रोका।
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जुगल किशोर ने बताया कि वो वर्ष 2009 से 2018 तक मांट तहसील में पट्टे पर हासिल जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए भटक रहा है। मुख्यमंत्री, कमिश्नर, जिलाधिकारी, एसएसपी व स्थानीय पुलिस के दरवाजे खटखटाने पर भी जब किसान की सुनवाई नहीं हुई तो उसने यह कदम उठा लिया।
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पीड़ित ने लगाया यह आरोप
किसान ने बताया कि पानीगांव खादर में उसके पिता मदनी के नाम विधिक पट्टा था। पिता की मौत के बाद उसने इस पट्टे का दाखिला खारिज कराने के लिए 2009 से अब तक तहसील मांट के चक्कर लगा रहा है। पिछले कुछ दिनों से इस जमीन पर दबंग कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस संबंध में उसने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत भी की है। एआरओ मांट राजीव उपाध्याय उसके खेत पर पहुंचे तो कागजात दिखाए, उन्होंने इन्हें बगैर देखे ही फेंक दिया। उसके साथ परिवार की महिलाओं को भी गालियां दी। किसान ने एआरओ और पुलिस पर खुलकर गंभीर आरोप भी लगाए।
इधर, एआरओ राजीव उपाध्याय का कहना है कि पानीगांव के एक किसान को खेत पर कब्जा दिलाया है। जुगल किशोर निषाद के पास जमीन संबंधी कोई कागज नहीं है। उसका नाम रिकार्ड में नहीं है। जुगलकिशोर ने अवैध कब्जा कर रखा था।
इस संबंध में उसने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत भी की है। एआरओ मांट राजीव उपाध्याय उसके खेत पर पहुंचे तो कागजात दिखाए, उन्होंने इन्हें बगैर देखे ही फेंक दिया। उसके साथ परिवार की महिलाओं को भी गालियां दी। किसान ने एआरओ और पुलिस पर खुलकर गंभीर आरोप भी लगाए।
इधर, एआरओ राजीव उपाध्याय का कहना है कि पानीगांव के एक किसान को खेत पर कब्जा दिलाया है। जुगल किशोर निषाद के पास जमीन संबंधी कोई कागज नहीं है। उसका नाम रिकार्ड में नहीं है। जुगलकिशोर ने अवैध कब्जा कर रखा था।