Agra News: आईएसबीटी से सिकंदरा तक, नकली किन्नर कर रहे वसूली
वाहनों के सिग्नल पर रुकने या फिर जाम लगने पर तो यह तुरंत वाहनों के पास पहुंच जाते हैं। इनके निशाने पर आगरा घूमने आने वाले पर्यटकों की गाड़ियां भी होती हैं।
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विस्तार
गहरा मेकअप और किन्नर की तरह कपड़े पहनकर नकली किन्नर आईएसबीटी बस स्टेशन से सिकंदरा तक वसूली कर रहे हैं। बसों में यात्रियों को परेशान कर रुपये वसूलते हैं तो हाईवे पर वाहनों को रोककर नेग के नाम पर रुपये मांगते हैं। इस गिरोह में 15 से 20 लड़के शामिल हैं, जो विरोध करने पर बदसलूकी करते हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के आसपास नकली किन्नरों का अड्डा है। इसमें 15-16 साल से लेकर 30 साल तक के युवक हैं। इनमें से कई नकली किन्नर बनकर रोडवेज बसों में चढ़ जाते हैं। यात्रियों से नेग के नाम पर वसूली करते हैं। हाईवे पर नेग वसूलने में जाम लगवा देते हैं। वाहनों के सिग्नल पर रुकने या फिर जाम लगने पर तो यह तुरंत वाहनों के पास पहुंच जाते हैं। इनके निशाने पर आगरा घूमने आने वाले पर्यटकों की गाड़ियां भी होती हैं। रात में सवारियों से छीना-झपटी करके भी भाग जाते हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के वीरेंद्र का कहना है कि नकली किन्नरों से शहर की छवि खराब हो रही है। गैलाना के मुकेश ने बताया कि नकली किन्नरों का गैंग वाटरवर्क्स तक सक्रिय है।
दृश्य-1
गुरुद्वारा गुरु के ताल पर जाम लगते ही तीन नकली किन्नर आ गए। कार चालक से उसने 100 रुपये मांगे तो मना करने पर भी नकली किन्नर हटा नहीं। पहले तो जोर-जोर से ताली बजाने लगा और फिर गाड़ी के सामने खड़ा हो गया। ट्रैफिक चलने लगा पर वो गाड़ी के सामने से 20 रुपये लेकर ही हटा।
दृश्य-2
वॉटरवर्क्स चौराहे पर सवारियां बैठाने के लिए जैसे ही बस रुकती हैं। किन्नर आ जाते हैं। बस में चढ़ने के बाद सभी सवारियों से बीस-बीस रुपये मांगने लगते हैं। मना करने पर गाली-गलौज और अश्लीलता करते हैं।
किन्नर कभी इस तरह नेग नहीं मांगते
सेब का बाजार की किन्नर काजल ने बताया कि किन्नर कभी सड़कों पर गाड़ियां रोककर नेग नहीं मांगते हैं। ट्रेनों से लेकर बसों तक लोगों को परेशान करने वाले नकली किन्नर होते हैं। यह नेग नहीं मांगते बल्कि किन्नर की आड़ में वसूली करते हैं। हम तमाम बार इनके बारे में शिकायतें कर चुके हैं। कई बार समझाया और इनकी पकड़कर पिटाई भी लगाई गई है। हमारे समाज का कोई व्यक्ति इन्हें सहयोग नहीं कर सकता है। पुलिस को इन्हें अपराधियों की तरह ही वसूली के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजना चाहिए, तभी इनका आतंक कम हो सकेगा।