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चार फर्जी शिक्षकों की डिग्री निरस्त, होगी एफआईआर

Thu, 21 May 2020 11:10 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2020 11:10 PM IST
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FAKE TEACHERS
मैनपुरी। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से प्राप्त सूची में जिले के चार शिक्षकों के बीएड अभिलेख निरस्त किए गए हैं। बीएसए ने संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से फर्जी बीएड डिग्री के मामले की एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी ने जिले में 81 शिक्षकों की बीएड डिग्री फर्जी घोषित की थी। इनमें से तीन शिक्षक पूर्व में ही बर्खास्त किए जा चुके हैं। 74 को 30 नवंबर 2019 को बर्खास्त किया गया था। वहीं तीन शिक्षकों को 23 जनवरी 2020 को बर्खास्त किया गया था। बर्खास्त होने के बाद ये शिक्षक हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए कहा था कि जब तक विश्वविद्यालय उनकी डिग्री निरस्त नहीं करता तब तक इन शिक्षकों को न तो वेतन दिया जाए और न ही इन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। इसके बाद से सभी शिक्षक शिक्षण कार्य कर रहे थे।
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विश्वविद्यालय से बुधवार को सूची जारी होने के बाद बीएसए विजय प्रताप सिंह ने उसमें से जिले के फर्जी शिक्षकों की छटनी की। इसमें चार शिक्षकों की बीएड की डिग्री निरस्त की गई है। बृहस्पतिवार को बीएसए ने सूची में शामिल जिले के चारों शिक्षकों को 30 नवंबर 2020 के बर्खास्तगी आदेश के साथ खंड शिक्षाधिकारियों को उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश खंड शिक्षाधिकारियों को दिया है।
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फर्जी शिक्षकों से वेतन की भी होगी रिकवरी
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने एक तरफ जहां खंड शिक्षाधिकारियों को चारों फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ बीएसए ने इन शिक्षकों से वेतन और अन्य देयकों के रूप में दी गई धनराशि की रिकवरी के लिए लेखा विभाग को भी पत्र लिखा है।
अन्य शिक्षकों पर बाद में होगा फैसला
बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो विश्वविद्यालय ने अभी 2830 बीएड की डिग्री निरस्त की हैं। जिनमें जिले के चार शिक्षक शामिल हैं। अन्य पर विश्वविद्यालय शीघ्र फैसला लेगा। सूत्रों की मानें तो विश्वविद्यालय को तीन महीने में शेष फेंक और छह महीने में टेंपर्ड पर फैसला देना है।

विश्वविद्यालय की सूची में शामिल सभी चार शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को दिए गए हैं। शिक्षकों से रिकवरी के लिए लेखा विभाग को भी पत्र लिखा गया है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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