{"_id":"5eb2ef828ebc3e903336fc6b","slug":"fake-teachers-mainpuri-news-agr440657394","type":"story","status":"publish","title_hn":"69 हजार शिक्षक भर्ती में सरकार की जीत पर शिक्ष्रामित्र मायूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
69 हजार शिक्षक भर्ती में सरकार की जीत पर शिक्ष्रामित्र मायूस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। 69 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर हाईकोर्ट की डबल बेंच का बुधवार को निर्णय आ गया। हाईकोर्ट के निर्णय से जिले के करीब 11 सौ शिक्षामित्रों के हाथ फिर से मायूसी हाथ लगी है। शिक्षामित्रों ने हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने का निर्णय लिया है। वहीं इस निर्णय से बीएड और बीटीसी खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बुधवार को दोपहर बाद हाईकोर्ट का निर्णय सोशल मीडिया पर आया तो कहीं खुशी कहीं गम का माहौल देखा गया। बीएड डिग्रीधारक दिनेश कुमार का कहना था कि डबल बेंच ने सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है, जिसमें आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत अंक और अनारक्षित के लिए 65 प्रतिशत अंक होने पर ही शिक्षक भर्ती परीक्षा पास होने की बात कही गई है। वहीं शिक्षामित्र नेता नीरज कुमार का कहना था कि एकल बेंच ने सरकार के निर्णय को गलत साबित किया था। डबल बेंच ने सरकार के निर्णय को सही माना है, लेकिन हम हार नहीं मानेंगे। शिक्षामित्र निर्णय की प्रति आने के बाद सुप्रीम कोर्ट की शरण लेंगे। उन्होंने जनपद के शिक्षामित्रों से कहा कि वह निराश न हों। धैर्य बनाए रखें सुप्रीम कोर्ट से निश्चित ही उनकी जीत होगी।
विज्ञापन
बुधवार को दोपहर बाद हाईकोर्ट का निर्णय सोशल मीडिया पर आया तो कहीं खुशी कहीं गम का माहौल देखा गया। बीएड डिग्रीधारक दिनेश कुमार का कहना था कि डबल बेंच ने सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है, जिसमें आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत अंक और अनारक्षित के लिए 65 प्रतिशत अंक होने पर ही शिक्षक भर्ती परीक्षा पास होने की बात कही गई है। वहीं शिक्षामित्र नेता नीरज कुमार का कहना था कि एकल बेंच ने सरकार के निर्णय को गलत साबित किया था। डबल बेंच ने सरकार के निर्णय को सही माना है, लेकिन हम हार नहीं मानेंगे। शिक्षामित्र निर्णय की प्रति आने के बाद सुप्रीम कोर्ट की शरण लेंगे। उन्होंने जनपद के शिक्षामित्रों से कहा कि वह निराश न हों। धैर्य बनाए रखें सुप्रीम कोर्ट से निश्चित ही उनकी जीत होगी।
विज्ञापन