{"_id":"600d11bfdab7e165cd22d988","slug":"fake-recruitment-racket-cheat-2-44-crore-rupees-from-32-people-of-anavalkheda","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फर्जी भर्ती रैकेट: रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर आगरा के 32 लोगों से ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी भर्ती रैकेट: रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर आगरा के 32 लोगों से ठगी
Sun, 24 Jan 2021 11:51 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 24 Jan 2021 11:51 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर दिल्ली के दो शातिरों ने आंवलखेड़ा के विक्रम अकादमी के संचालन सहित 32 लोगों से 2.44 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। आठ माह के बाद फर्जी ज्वाइनिंग लेटर मिलने के बाद धोखाधड़ी की जानकारी हुई। अकादमी के संचालक ने पीएमओ, रेल भवन दिल्ली, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, सीबाआई, आर्थिक अपराध शाखा दिल्ली को शिकायती पत्र भेजकर ठगी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
आंवलखेड़ा स्थित विक्रम अकादमी के संचालक अभय शर्मा ने बताया कि 2017 में वह दिल्ली में कालका जी मंदिर पर दर्शन करने जाता था, जहां उसकी मुलाकात कुनाल ठाकुर नामक व्यक्ति से हुई। कुनाल ने बताया कि वह रेलवे में नौकरी लगवाता है। इसके बाद अभय ने अपनी नौकरी लगवाने को कहा तो कुनाल ने अपने दो साथियों मोहम्मद रागिव और ब्रजकिशोर से मिलवाया। मोहम्मद रागिव ने खुद को आईआरएस अधिकारी और ब्रज किशोर ने आईएएस अधिकारी बताकर अपना परिचय दिया था।
विडंबना: पांच साल तक जेल में बेगुनाह होने के बावजूद काटी सजा, निर्दोष मां-बाप की बच्चों को दिलाने की गुहार
विज्ञापन
आरोप है कि इन लोगों ने अभय से टीटी की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये खर्च होने की बात कही। उन्होंने बताया कि 70 पदों पर भर्तियां की जानी हैं। इसमें आठ से 10 माह का समय लग जाता है। अभय ने अपने परिचितों और गांव के बेरोजगार युवाओं को भी इसकी जानकारी दी। इस पर गांव के 32 लोग तैयार हो गए। अभय का कहना है कि उक्त फर्जी रैकेट के लोगों ने 2.44 करोड़ रुपये ले लिए। अभय का कहना है कि सभी लोगों ने उसके माध्यम से ही रुपये दिए थे। इसके छह माह बाद आठ लोगों को ज्वाइनिंग लेटर भेजा गया। इस लेटर के आधार पर जानकारी की गई तब पता चला कि नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की गई है।
विज्ञापन
आंवलखेड़ा स्थित विक्रम अकादमी के संचालक अभय शर्मा ने बताया कि 2017 में वह दिल्ली में कालका जी मंदिर पर दर्शन करने जाता था, जहां उसकी मुलाकात कुनाल ठाकुर नामक व्यक्ति से हुई। कुनाल ने बताया कि वह रेलवे में नौकरी लगवाता है। इसके बाद अभय ने अपनी नौकरी लगवाने को कहा तो कुनाल ने अपने दो साथियों मोहम्मद रागिव और ब्रजकिशोर से मिलवाया। मोहम्मद रागिव ने खुद को आईआरएस अधिकारी और ब्रज किशोर ने आईएएस अधिकारी बताकर अपना परिचय दिया था।
विज्ञापन
विडंबना: पांच साल तक जेल में बेगुनाह होने के बावजूद काटी सजा, निर्दोष मां-बाप की बच्चों को दिलाने की गुहार
विज्ञापन
आरोप है कि इन लोगों ने अभय से टीटी की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये खर्च होने की बात कही। उन्होंने बताया कि 70 पदों पर भर्तियां की जानी हैं। इसमें आठ से 10 माह का समय लग जाता है। अभय ने अपने परिचितों और गांव के बेरोजगार युवाओं को भी इसकी जानकारी दी। इस पर गांव के 32 लोग तैयार हो गए। अभय का कहना है कि उक्त फर्जी रैकेट के लोगों ने 2.44 करोड़ रुपये ले लिए। अभय का कहना है कि सभी लोगों ने उसके माध्यम से ही रुपये दिए थे। इसके छह माह बाद आठ लोगों को ज्वाइनिंग लेटर भेजा गया। इस लेटर के आधार पर जानकारी की गई तब पता चला कि नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की गई है।
Trending Videos
खेत और प्लाट बेचने पड़े
अभय ने बताया कि परिचितों ने उनके माध्यम से रकम दी थी। इसे वापस करने के लिए उसने चार बीघा खेत और चार प्लॉट तक बेचने पड़े। उसकी एकेडमी भी इन दिनों बंद चल रही है। अभी भी करीब 32 लाख रुपये उसे वापस करना है।
पीएमओ ने मांगी है पुलिस से रिपोर्ट
पीड़ित अभय ने बताया कि तीन माह पहले पीएमओ में शिकायत करने पर तुरंत संज्ञान में लिया गया। थाना और पुलिस चौकी से रिपोर्ट मांगी गई थी। उसके बाद पीएमओ ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को मामला सौंपा गया है।
अभय ने बताया कि परिचितों ने उनके माध्यम से रकम दी थी। इसे वापस करने के लिए उसने चार बीघा खेत और चार प्लॉट तक बेचने पड़े। उसकी एकेडमी भी इन दिनों बंद चल रही है। अभी भी करीब 32 लाख रुपये उसे वापस करना है।
पीएमओ ने मांगी है पुलिस से रिपोर्ट
पीड़ित अभय ने बताया कि तीन माह पहले पीएमओ में शिकायत करने पर तुरंत संज्ञान में लिया गया। थाना और पुलिस चौकी से रिपोर्ट मांगी गई थी। उसके बाद पीएमओ ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को मामला सौंपा गया है।