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UP: 'पेंशन प्लान' और एक बड़ी गलती, खाते से उड़ गए 11 लाख रुपये; साइबर ठगों ने ऐसे बनाया शिकार
Fri, 19 Jun 2026 11:58 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:58 AM IST
सार
पीएनबी अधिकारी बनकर साइबर ठग ने 'पेंशन प्लान' के नाम पर एपीके फाइल भेजी, जिस पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद पीड़ित के खाते से फिक्स डिपॉजिट के 11 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
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साइबर ठग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
साइबर अपराधी ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर बात की और पेंशन प्लान नाम से एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद पीड़ित के खाते से फिक्स डिपॉजिट के 11 लाख रुपये निकाल लिए। शिकायत पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
माधवकुंज, प्रतापनगर निवासी किशनपाल खेत्रपाल ने बताया कि 14 जून को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी बैंक का अधिकारी बताया। पेंशन प्लान लेने के बारे में बात की और पेंशन प्लान का ब्राउजर बता पेंशन प्लान नाम की एपीके फाइल भेज दी। फाइल पर क्लिक किया तो उसमें कोई प्लान नहीं था। इसके बाद उनके खाते में जमा फिक्स डिपॉजिट के 11 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि मोबाइल नंबर और रुपये ट्रांसफर होने वाले खातों की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है।
एपीके फाइल पर क्लिक यानी पासवर्ड बताकर मोबाइल देने जैसा
साइबर अपराधी आजकल एपीके फाइल के जरिये ठगी का एक बहुत आम और खतरनाक तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर समझ लें कि ये कैसे काम करता है, तो इससे बचना काफी आसान हो जाता है। एपीके फाइल (एंड्राइड पैकेज किट) वह फाइल होती है जिससे एंड्राइड फोन में एप इंस्टॉल किया जाता है। ऐसी फाइल सीधे लिंक या मैसेज से भी इंस्टॉल कराई जा सकती है। क्लिक करते ही मोबाइल में हिडन एप इंस्टाॅल हो जाती है। आपके मोबाइल के संदेश, कॉल करने, स्क्रीन रिकॉर्डिंग समेत पूरा मोबाइल कंट्रोल करने की साइबर अपराधी को अनुमति मिल जाती है। वह आपके ओटीपी पढ़ लेता है। बैंकिंग एप की जानकारी लेकर आपके नाम से ट्रांजैक्शन कर लेता है और आपका पैसा साफ हो जाता है।
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ऐसे करें बचाव
अनजान लिंक से एप डाउनलोड न करें, केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से ही एप इंस्टॉल करें। कोई अगर एपीके फाइल भेजे तो चाहे वह जान-पहचान वाला हो तो भी इंस्टॉल न करें। कोई साधारण एप अगर एसएमएस या बैंक एक्सेस मांगे तो तुरंत मना करें। मोबाइल में इंस्टॉल फ्राॅम अननोन सोर्स को बंद रखें। एंटीवायरस और फोन को अपडेट रखें और भरोसेमंद सिक्योरिटी एप इस्तेमाल करें। कोई परेशानी होने पर साइबर क्राइम पोर्टल पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
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माधवकुंज, प्रतापनगर निवासी किशनपाल खेत्रपाल ने बताया कि 14 जून को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी बैंक का अधिकारी बताया। पेंशन प्लान लेने के बारे में बात की और पेंशन प्लान का ब्राउजर बता पेंशन प्लान नाम की एपीके फाइल भेज दी। फाइल पर क्लिक किया तो उसमें कोई प्लान नहीं था। इसके बाद उनके खाते में जमा फिक्स डिपॉजिट के 11 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि मोबाइल नंबर और रुपये ट्रांसफर होने वाले खातों की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है।
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एपीके फाइल पर क्लिक यानी पासवर्ड बताकर मोबाइल देने जैसा
साइबर अपराधी आजकल एपीके फाइल के जरिये ठगी का एक बहुत आम और खतरनाक तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर समझ लें कि ये कैसे काम करता है, तो इससे बचना काफी आसान हो जाता है। एपीके फाइल (एंड्राइड पैकेज किट) वह फाइल होती है जिससे एंड्राइड फोन में एप इंस्टॉल किया जाता है। ऐसी फाइल सीधे लिंक या मैसेज से भी इंस्टॉल कराई जा सकती है। क्लिक करते ही मोबाइल में हिडन एप इंस्टाॅल हो जाती है। आपके मोबाइल के संदेश, कॉल करने, स्क्रीन रिकॉर्डिंग समेत पूरा मोबाइल कंट्रोल करने की साइबर अपराधी को अनुमति मिल जाती है। वह आपके ओटीपी पढ़ लेता है। बैंकिंग एप की जानकारी लेकर आपके नाम से ट्रांजैक्शन कर लेता है और आपका पैसा साफ हो जाता है।
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ऐसे करें बचाव
अनजान लिंक से एप डाउनलोड न करें, केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से ही एप इंस्टॉल करें। कोई अगर एपीके फाइल भेजे तो चाहे वह जान-पहचान वाला हो तो भी इंस्टॉल न करें। कोई साधारण एप अगर एसएमएस या बैंक एक्सेस मांगे तो तुरंत मना करें। मोबाइल में इंस्टॉल फ्राॅम अननोन सोर्स को बंद रखें। एंटीवायरस और फोन को अपडेट रखें और भरोसेमंद सिक्योरिटी एप इस्तेमाल करें। कोई परेशानी होने पर साइबर क्राइम पोर्टल पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।