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फर्जी नाम पर ले लिया ऋण
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06एमएनपी-22- बैंक से फर्जी नाम पर ऋण लेने के संबंध शिकायत करनें जातीं गांव तरौलिया की महिलाएं
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। विकास खंड करहल के गांव तरौलिया में कुछ लोगों ने स्वयं सहायता समूह के नाम पर फर्जीवाड़ा कर डाला। समूह में फर्जी नाम पर बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण भी ले लिया। वसूली के लिए जब लोगों के पास नोटिस पहुंचे तो उन्हें मामले की जानकारी हुई। मामले में कार्रवाई के लिए डीएम को भी शिकायती पत्र दिया है।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से मिलने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि उनके गांव तरौलिया में ओम स्वयं सहायता समूह बनाया गया। इसमें गांव निवासी बृजलता, गिरजा देवी, आत्मकिरन, नीलम और रिंकी देवी के नाम बिना जानकारी के शामिल कर लिए गए। इतना ही नहीं ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त कुर्रा से गांव के ही समूह बनाने वाले लोगों ने शाखा प्रबंधक साठ-गांठ कर वर्ष 2013 में पांच महिलाओं के नाम पर तीन लाख रुपये का ऋण भी ले लिया।
सात साल तक किसी को मामले की कानोंकान भनक तक नहीं हुई। लेकिन छह दिन पहले 31 जनवरी 2020 को जब उनके पास ऋण वसूली का नोटिस पहुंचा तो खलबली मच गई। महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बैंक मैनेजर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आर्यावर्त बैंक के रीजनल मैनेजर से शिकायत करने के साथ ही प्रधान डाकघर के पास प्रदर्शन भी किया।
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बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से मिलने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि उनके गांव तरौलिया में ओम स्वयं सहायता समूह बनाया गया। इसमें गांव निवासी बृजलता, गिरजा देवी, आत्मकिरन, नीलम और रिंकी देवी के नाम बिना जानकारी के शामिल कर लिए गए। इतना ही नहीं ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त कुर्रा से गांव के ही समूह बनाने वाले लोगों ने शाखा प्रबंधक साठ-गांठ कर वर्ष 2013 में पांच महिलाओं के नाम पर तीन लाख रुपये का ऋण भी ले लिया।
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सात साल तक किसी को मामले की कानोंकान भनक तक नहीं हुई। लेकिन छह दिन पहले 31 जनवरी 2020 को जब उनके पास ऋण वसूली का नोटिस पहुंचा तो खलबली मच गई। महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बैंक मैनेजर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आर्यावर्त बैंक के रीजनल मैनेजर से शिकायत करने के साथ ही प्रधान डाकघर के पास प्रदर्शन भी किया।
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