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नकली का कारोबार: शहर से देहात तक पहुंचा 'गोरखधंधा', नकली मोबिल ऑयल फैक्टरी पकड़ी, 12 गिरफ्तार
Thu, 03 Jun 2021 08:43 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 03 Jun 2021 08:43 AM IST
सार
शहर से देहात में पहुंचा नकली का कारोबार
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नकली मोबिल ऑयल फैक्टरी के मामले में पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खंदौली के पीलीपोखर में नकली मोबिल ऑयल की फैक्टरी चल रही थी। मंगलवार रात को पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज पर एक टेंपो पकड़ने के बाद फैक्टरी पर छापा मारा। जहां भारी मात्रा में नकली आयल, उपकरण आदि सामान बरामद हुआ। नकली मोबिल आयल को नामी कंपनी के डिब्बों में भरा जा रहा था। इन्हें बाजार में सप्लाई किया जाता था। पुलिस ने 12 आरोपियों को पकड़ लिया। दो सरगना भागने में सफल रहे।
एसपी आरए सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि खंदौली में यमुना एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज पर एसओजी और खंदौली पुलिस ने एक टेंपो को मंगलवार रात को पकड़ा। इसमें तीन लोग सवार थे, जिन्होंने अपने नाम अरमान, इकरार (निवासी नई बस्ती, कोतवाली) और सनी अहमद (निवासी गुदड़ी मंसूर खां) बताए। उनके पास से 11 हजार रुपये बरामद हुए। वहीं टेंपो में कार्टन में मोबिल ऑयल के डिब्बे भरे हुए मिले।
पूछताछ में बताया कि नकली मोबिल ऑयल को बाजार में बेचने के लिए ले जा रहे हैं। इस माल को पीलीपोखर स्थित फैक्टरी से लेकर आए थे। यहां पर नकली मोबिल ऑयल को कंपनी के डिब्बों में भरा जाता है। इस पर पुलिस ने फैक्टरी पर छापा मारा। इसके बाद नौ लोगों को और पकड़ लिया गया।
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एसपी आरए सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि खंदौली में यमुना एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज पर एसओजी और खंदौली पुलिस ने एक टेंपो को मंगलवार रात को पकड़ा। इसमें तीन लोग सवार थे, जिन्होंने अपने नाम अरमान, इकरार (निवासी नई बस्ती, कोतवाली) और सनी अहमद (निवासी गुदड़ी मंसूर खां) बताए। उनके पास से 11 हजार रुपये बरामद हुए। वहीं टेंपो में कार्टन में मोबिल ऑयल के डिब्बे भरे हुए मिले।
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पूछताछ में बताया कि नकली मोबिल ऑयल को बाजार में बेचने के लिए ले जा रहे हैं। इस माल को पीलीपोखर स्थित फैक्टरी से लेकर आए थे। यहां पर नकली मोबिल ऑयल को कंपनी के डिब्बों में भरा जाता है। इस पर पुलिस ने फैक्टरी पर छापा मारा। इसके बाद नौ लोगों को और पकड़ लिया गया।
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40 रुपये लीटर के ऑयल की 400 रुपये तक में बिक्री
एसपी आरए सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि फैक्टरी शारिक और शकील संचालित कर रहे हैं। वह खराब मोबिल ऑयल को आगरा सहित अलीगढ़ और हाथरस की फैक्टरियों से खरीदकर लाते हैं। यह 40 से 50 रुपये लीटर के हिसाब से मिल जाता है।
इस ऑयल को फैक्टरी में लाल रंग मिलाकर डिब्बों में पैक करते हैं। इन डिब्बों पर नामी कंपनी के नाम लिखे होते हैं। लेबल भी चस्पा करते हैं। इससे यह आसानी से बाजार में बिक जाते हैं। इसकी कीमत भी 300 से 400 रुपये प्रति लीटर रखी जाती है। इससे आरोपियों को आठ से दस गुना तक मुनाफा हो जाता है। देहात के इलाकों में नकली मोबिल ऑयल आसानी से खप जाता है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
इस्लाम नगर निवासी अरमान, गुदड़ी मंसूर खां निवासी सनी अहमद, शोहिद, नई बस्ती निवासी इकरार, कादिर, मुजीब, जीशान, मंटोला निवासी समीर, मुईन, जीन खाना निवासी शाहरुख, वसीम, कादिर उर्फ गुड्डू हैं। जबकि गुदड़ी मंसूर खां निवासी शारिक और पाय चौकी, कोतवाली निवासी शकील फरार हैं।
एसपी आरए सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि फैक्टरी शारिक और शकील संचालित कर रहे हैं। वह खराब मोबिल ऑयल को आगरा सहित अलीगढ़ और हाथरस की फैक्टरियों से खरीदकर लाते हैं। यह 40 से 50 रुपये लीटर के हिसाब से मिल जाता है।
इस ऑयल को फैक्टरी में लाल रंग मिलाकर डिब्बों में पैक करते हैं। इन डिब्बों पर नामी कंपनी के नाम लिखे होते हैं। लेबल भी चस्पा करते हैं। इससे यह आसानी से बाजार में बिक जाते हैं। इसकी कीमत भी 300 से 400 रुपये प्रति लीटर रखी जाती है। इससे आरोपियों को आठ से दस गुना तक मुनाफा हो जाता है। देहात के इलाकों में नकली मोबिल ऑयल आसानी से खप जाता है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
इस्लाम नगर निवासी अरमान, गुदड़ी मंसूर खां निवासी सनी अहमद, शोहिद, नई बस्ती निवासी इकरार, कादिर, मुजीब, जीशान, मंटोला निवासी समीर, मुईन, जीन खाना निवासी शाहरुख, वसीम, कादिर उर्फ गुड्डू हैं। जबकि गुदड़ी मंसूर खां निवासी शारिक और पाय चौकी, कोतवाली निवासी शकील फरार हैं।
जेल से बाहर आते ही शुरू किया काम
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सनी और अरमान वर्ष 2020 में थाना एत्माद्दौला क्षेत्र से जेल भेजे गए थे। नकली मोबिल ऑयल बनाने के मामले में आरोपियों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। वह जेल से जमानत पर बाहर हैं। जेल से बाहर आते ही उन्होंने देहात में नकली मोबिल ऑयल का काम शुरू कर दिया।
यह हुई बरामदगी
280 मोबिल आयल कंपनी के डिब्बों में, 10900 खाली डिब्बे, पांच लीटर के खाली 1200 डिब्बे, 20 लीटर के 60 डिब्बे, चार कटे ड्रम, 48 खाली ड्रम, तीन ड्रम नकली मोबिल आयल तकरीबन 400 लीटर, दो मशीन, मापक, 500 नकली लेबल शीट, 11000 रुपये, टेंपो, दो कीप बरामद हुए।
पूर्व में पुलिस ने की दिखावे की कार्रवाई
एक साल पहले भी पुलिस ने नकली मोबिल ऑयल की फैक्टरी पकड़ी थीं। इस मामले में थाना एत्माद्दौला, छत्ता और ताजगंज में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने चंद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। छत्ता और एत्माद्दौला में तत्कालीन सीओ विकास जायसवाल ने कार्रवाई की थी। कुछ दिन बाद उनका तबादला हो गया। इसके बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। पुलिस फरार आरोपियों तक को गिरफ्तार नहीं कर सकी। गैंगस्टर तक की कार्रवाई नहीं हो सकी। फाइल दबकर रह गई।
जीन खाना में चलता है कारोबार
नकली मोबिल ऑयल के कारोबार के लिए छत्ता का जीन खाना इलाका जाना जाता है। यहां पर दशकों से यह काम हो रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि पुलिस को भी खबर है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। पिछले साल छत्ता थाना में मुकदमे दर्ज किए गए थे। 30 से अधिक नामजद किए गए। मगर, पुलिस चंद आरोपियों के अलावा किसी और को नहीं गिरफ्तार कर सकी। यही वजह है कि आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई के बाद जीन खाना में काम बंद कर दिया। अब ऐसे इलाकों में यह काम कर रहे हैं, जहां पर आबादी कम है। इससे पकड़े जाने का डर नहीं रहता है। खराब मोबिल आयल की वजह से गाड़ियों के इंजन कुछ ही दिर में बेकार हो जाते हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सनी और अरमान वर्ष 2020 में थाना एत्माद्दौला क्षेत्र से जेल भेजे गए थे। नकली मोबिल ऑयल बनाने के मामले में आरोपियों पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। वह जेल से जमानत पर बाहर हैं। जेल से बाहर आते ही उन्होंने देहात में नकली मोबिल ऑयल का काम शुरू कर दिया।
यह हुई बरामदगी
280 मोबिल आयल कंपनी के डिब्बों में, 10900 खाली डिब्बे, पांच लीटर के खाली 1200 डिब्बे, 20 लीटर के 60 डिब्बे, चार कटे ड्रम, 48 खाली ड्रम, तीन ड्रम नकली मोबिल आयल तकरीबन 400 लीटर, दो मशीन, मापक, 500 नकली लेबल शीट, 11000 रुपये, टेंपो, दो कीप बरामद हुए।
पूर्व में पुलिस ने की दिखावे की कार्रवाई
एक साल पहले भी पुलिस ने नकली मोबिल ऑयल की फैक्टरी पकड़ी थीं। इस मामले में थाना एत्माद्दौला, छत्ता और ताजगंज में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने चंद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। छत्ता और एत्माद्दौला में तत्कालीन सीओ विकास जायसवाल ने कार्रवाई की थी। कुछ दिन बाद उनका तबादला हो गया। इसके बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। पुलिस फरार आरोपियों तक को गिरफ्तार नहीं कर सकी। गैंगस्टर तक की कार्रवाई नहीं हो सकी। फाइल दबकर रह गई।
जीन खाना में चलता है कारोबार
नकली मोबिल ऑयल के कारोबार के लिए छत्ता का जीन खाना इलाका जाना जाता है। यहां पर दशकों से यह काम हो रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि पुलिस को भी खबर है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। पिछले साल छत्ता थाना में मुकदमे दर्ज किए गए थे। 30 से अधिक नामजद किए गए। मगर, पुलिस चंद आरोपियों के अलावा किसी और को नहीं गिरफ्तार कर सकी। यही वजह है कि आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई के बाद जीन खाना में काम बंद कर दिया। अब ऐसे इलाकों में यह काम कर रहे हैं, जहां पर आबादी कम है। इससे पकड़े जाने का डर नहीं रहता है। खराब मोबिल आयल की वजह से गाड़ियों के इंजन कुछ ही दिर में बेकार हो जाते हैं।