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फर्जी मार्कशीट गिरोह: आगरा विवि का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी गिरफ्तार, परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में है तैनात

Thu, 11 Jan 2024 08:16 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 11 Jan 2024 08:16 PM IST
सार

एसटीएफ ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह के सरगना सहित जिन चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, उसमें परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में सेवाएं दे रहा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे तत्काल सेवाओं से हटा दिया है।

 

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Fake marksheet gang Class IV employee of Agra University arrested posted in controller of examination office
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अर्जुन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में फर्जी अंकतालिका बनाने के मामले में एसटीएफ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अर्जुन को पकड़ा है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे तत्काल हटा दिया है। यह आउटसोर्सिंग पर तैनात था। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में सेवाएं दे रहा था।
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अर्जुन दो वर्ष से अधिक से समय से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहा है। पहले वह दैनिक वेतनभोगी के तौर पर कार्यरत था। बाद में आउटसोर्सिंग पर रख लिया गया। सूत्रों के अनुसार अर्जुन के पिता विश्वविद्यालय में नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। इस आधार पर उसे रख लिया गया था। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में तैनात होने की वजह से वह विद्यार्थियों के सीधे संपर्क में आता था। विद्यार्थियों को झांसे में लेकर काम कराने का आश्वासन देता था।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि अर्जुन को एसटीएफ की ओर से गिरफ्तार किए जाने की सूचना मिलते ही उसे हटा दिया गया है। वह आउटसोर्सिंग पर सेवाएं दे रहा था। अब एसटीएफ मामले की जांच करेगी।

 

फर्जी मार्कशीट के मामले पहले भी सामने आए
नवंबर 2022 में विवि के आईईटी के नाम पर इंजीनियरिंग की तीन फर्जी अंकतालिका जारी होने का मामला सामने आया था। ऐसे कोर्स की अंकतालिकाएं जारी की गई थीं, जो कि संस्थान में संचालित ही नहीं थीं। बीटेक की अंकतालिकाएं जारी की गई थीं, जबकि संस्थान में बीई के कोर्स संचालित हैं। संबंधित विद्यार्थियों का कोई रिकाॅर्ड नहीं था। निजी कंपनियों ने अंकतालिकाएं सत्यापन के लिए संस्थान के निदेशक को भेजा था। इसके अलावा भी कई मामले सामने आए हैं, जहां विश्वविद्यालय के नाम से फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए। प्रमाणपत्रों का प्रोफार्मा भी विश्वविद्यालय के प्रमाणपत्रों से अलग था। मुहर और हस्ताक्षर तक फर्जी किए गए।

 
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विवि में एसटीएफ की टीम का पहुंचना चर्चा का विषय रहा
विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में भी एसटीएफ की टीम पहुंची थी। सूत्रों के अनुसार टीम पूछताछ के लिए और भी लोगों को अपने साथ ले गई थी। बृहस्पतिवार को यह चर्चा का विषय रहा।
 
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