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फर्जी मार्कशीट वाले 241 शिक्षकों की नौकरी खतरे में, शासन ने दिए ये निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:46 PM IST
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आगरा जिले में परिषदीय विद्यालयों के 241 शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। इनकी बीएड की मार्कशीट एसआईटी की जांच में फर्जी पाई जा चुकी है। अब शासन के निर्देश पर गठित अधिकारियों की समिति ने इनके अंकपत्रों की फिर से जांच शुरू कर दी है।
12 सितंबर से यह प्रक्रिया शुरू होगी। इसके पूरा होते ही इनकी बर्खास्तगी हो सकती है। एसआईटी ने सभी बीएसए को यह भी लिखा है कि इन शिक्षकों के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कराया जाएगा। इसमें इनकी गिरफ्तारी भी संभव है।
दरअसल, इन सभी की बीएड की मार्कशीट डा. बीआरए यूनिवर्सिटी की है। यहां 2004 में बड़ा घोटाला हुआ था। 4500 मार्कशीट फर्जी बनाई गई थीं। इनके सहारे प्रदेश में 2500 शिक्षक बन गए। एसआईटी ने जांच की तो मार्कशीट फर्जी होने के साक्ष्य मिल गए।
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12 सितंबर से यह प्रक्रिया शुरू होगी। इसके पूरा होते ही इनकी बर्खास्तगी हो सकती है। एसआईटी ने सभी बीएसए को यह भी लिखा है कि इन शिक्षकों के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कराया जाएगा। इसमें इनकी गिरफ्तारी भी संभव है।
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दरअसल, इन सभी की बीएड की मार्कशीट डा. बीआरए यूनिवर्सिटी की है। यहां 2004 में बड़ा घोटाला हुआ था। 4500 मार्कशीट फर्जी बनाई गई थीं। इनके सहारे प्रदेश में 2500 शिक्षक बन गए। एसआईटी ने जांच की तो मार्कशीट फर्जी होने के साक्ष्य मिल गए।
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12 सिंतबर से जांच प्रक्रिया शुरू
अब इसमें कार्रवाई की बारी आई है। अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग का रवैया ढुलमुल रहा है। तमाम साक्ष्यों के बावजूद एक्शन नहीं लिया है। बीएसए का कहना है कि जांच समिति गठित की जा चुकी है। यह 12 से अपनी जांच प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। उधर, एसआईटी की जांच भी अंतिम चरण में है। इमसें विवि. के अधिकारी और कर्मचारी फंस रहे हैं। अब आरोपियों की सूची तैयारी की जा रही है। जांच पूरी होते ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
बीएड में फेल, फिर भी पढ़ा रहा
विजिलेंस के पास भी बीएड के फर्जीवाड़े की कई शिकायतें आई हैं। एक शिकायत की जांच में पाया गया कि फिरोजाबाद में पढ़ा रहा एक युवक बीएड में फेल हो गया था। उसने फर्स्ट डिवीजन की फर्जी मार्कशीट बनवाई और भर्ती हो गया। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने इसका सत्यापन कर दिया। विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि जब विश्वविद्याल में रिकॉर्ड देखा गया तो चार्ट में वह फेल ही था।
बीएड में फेल, फिर भी पढ़ा रहा
विजिलेंस के पास भी बीएड के फर्जीवाड़े की कई शिकायतें आई हैं। एक शिकायत की जांच में पाया गया कि फिरोजाबाद में पढ़ा रहा एक युवक बीएड में फेल हो गया था। उसने फर्स्ट डिवीजन की फर्जी मार्कशीट बनवाई और भर्ती हो गया। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने इसका सत्यापन कर दिया। विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि जब विश्वविद्याल में रिकॉर्ड देखा गया तो चार्ट में वह फेल ही था।