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वर्च्युअल वर्ल्ड दे रहा आंखों को दर्द
वर्च्युअल वर्ल्ड दे रहा आंखों को दर्द
Updated Mon, 17 Apr 2017 12:39 AM IST
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वर्च्युअल वर्ल्ड दे रहा आंखों को दर्द
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इंटरनेट के जरिए दुनिया आपकी मुट्ठी में समा गई है। स्मार्ट फोन यूजर रिअल ही नहीं वर्च्युअल वर्ल्ड की भी सैर कर रहे हैं। लेकिन इसके अत्यधिक इस्तेमाल ने शहर के सैकड़ों लोगों की नींद उड़ा रखी है। नतीजतन, आंखों में थकान, धुंधलापन, सूखापन, खुजली जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि इसकी वजह से 18-22 फीसदी नए मरीज हैं।
बता दें कि मोबाइल कंपनियों की फ्री इंटरनेट प्रतिस्पर्धा में ग्राहकों का ही फायदा हो रहा है। लेकिन यही फायदा आंखों को दर्द भी दे रहा है। सोते-जागते लोग फेसबुक-व्हाटसएप ऑनलाइन रहने लगे हैं। एसएन मेडिकल कालेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. हिमांशु यादव बताते हैं कि ओपीडी में रोजना औसतन 120-150 मरीज आते हैं। इन पर स्टडी से पता चला है कि इसमें 25-35 मरीज ऐसे हैं जो 4-9 घंटे तक मोबाइल पर इंटरनेट, व्हाटसएप यूज करते हैं। इनकी उम्र लगभग 16-30 साल है। ये रात में 2-5 घंटे तक मोबाइल यूज करते हैं। ऐसे मरीजों को सिर-आंख में दर्द की समस्या भी है।
टीयर फिल्म को नुकसान
मोबाइल पर लगातार नजर गड़ाए रखने से रिफलेक्शन टीयर फिल्म को नुकसान पहुंचाता है। टीयर फिल्म आंख की पहली लेयर होती है, जो संक्रमण से बचाती है। इसका कार्य चिकनाहट बनाए रखना है। ये सेल्फ ट्रीटमेंट में माहिर है, मतलब संक्रमण या फिर अन्य परेशानी में खुद ही इलाज कर लेती।
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डाक्टर साहब...बच्चा आंख झपका रहा है
मोबाइल पर गेम, कार्टून और टीवी सीरियल देखने पर बच्चों में पलकें झपकना और खुजली आदि की समस्या बढ़ गई है। नेत्र सर्जन डा. समीर प्रकाश बताते हैं कि 70-80 फीसदी बच्चों में ये दिक्कत शुरू होने लगी है। शुरुआत में अभिभावक नजरअंदाज करते हैं लेकिन जब बच्चे को धुंधला नजर आने लगता है तब डाक्टर के पास पहुंचते हैं।
बरतें सावधानी:
- जरूरत हो तभी फोन यूज करें, 2-3 घंटे ही करें, गेप जरूर रखें
- फोन यूज करते वक्त बीच-बीच में नजर हटाकर दूर तक देखें
- थकान होने पर आंखों को हथेली रखकर कुछ देर आराम दें
- खाने में पपीता, गाजर और हरी सब्जी का इस्तेमाल करें
- बच्चों को लेटकर टीवी नहीं देखने दें, मोबाइल पर गेम लगाकर न दें
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बता दें कि मोबाइल कंपनियों की फ्री इंटरनेट प्रतिस्पर्धा में ग्राहकों का ही फायदा हो रहा है। लेकिन यही फायदा आंखों को दर्द भी दे रहा है। सोते-जागते लोग फेसबुक-व्हाटसएप ऑनलाइन रहने लगे हैं। एसएन मेडिकल कालेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. हिमांशु यादव बताते हैं कि ओपीडी में रोजना औसतन 120-150 मरीज आते हैं। इन पर स्टडी से पता चला है कि इसमें 25-35 मरीज ऐसे हैं जो 4-9 घंटे तक मोबाइल पर इंटरनेट, व्हाटसएप यूज करते हैं। इनकी उम्र लगभग 16-30 साल है। ये रात में 2-5 घंटे तक मोबाइल यूज करते हैं। ऐसे मरीजों को सिर-आंख में दर्द की समस्या भी है।
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टीयर फिल्म को नुकसान
मोबाइल पर लगातार नजर गड़ाए रखने से रिफलेक्शन टीयर फिल्म को नुकसान पहुंचाता है। टीयर फिल्म आंख की पहली लेयर होती है, जो संक्रमण से बचाती है। इसका कार्य चिकनाहट बनाए रखना है। ये सेल्फ ट्रीटमेंट में माहिर है, मतलब संक्रमण या फिर अन्य परेशानी में खुद ही इलाज कर लेती।
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डाक्टर साहब...बच्चा आंख झपका रहा है
मोबाइल पर गेम, कार्टून और टीवी सीरियल देखने पर बच्चों में पलकें झपकना और खुजली आदि की समस्या बढ़ गई है। नेत्र सर्जन डा. समीर प्रकाश बताते हैं कि 70-80 फीसदी बच्चों में ये दिक्कत शुरू होने लगी है। शुरुआत में अभिभावक नजरअंदाज करते हैं लेकिन जब बच्चे को धुंधला नजर आने लगता है तब डाक्टर के पास पहुंचते हैं।
बरतें सावधानी:
- जरूरत हो तभी फोन यूज करें, 2-3 घंटे ही करें, गेप जरूर रखें
- फोन यूज करते वक्त बीच-बीच में नजर हटाकर दूर तक देखें
- थकान होने पर आंखों को हथेली रखकर कुछ देर आराम दें
- खाने में पपीता, गाजर और हरी सब्जी का इस्तेमाल करें
- बच्चों को लेटकर टीवी नहीं देखने दें, मोबाइल पर गेम लगाकर न दें