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विशेषज्ञ बोले: कइयों संग यौन संबंध से बच्चेदानी में बढ़ रहा संक्रमण, हो रहा बांझपन-कैंसर; वफादारी बहुत जरूरी

Sat, 14 Dec 2024 09:22 AM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, आगरा
माई सिटी रिपोर्टर, आगरा Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 14 Dec 2024 09:22 AM IST
सार

डॉ. नूतन जैन ने बताया कि महिलाएं पेंट-कुर्ती समेत अन्य की जेब में मोबाइल रखती हैं, उससे भी बांझपन का खतरा है। इसकी तरंगें पीआईडी की नस में सूजन और अन्य तरीके से प्रभावित करती हैं, जिससे गर्भ ठहरने में दिक्कत आती है। 

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Experts said Having sex with many people increases risk of infection in uterus causing infertility and cancer
कइयों संग यौन संबंध से बच्चेदानी में बढ़ रहा संक्रमण - फोटो : freepik

विस्तार

विवाह बाद यौन संबंध और अपने साथी के प्रति वफादारी। इसका पाठ भारतीय संस्कृति यूहीं नहीं पढ़ाती। चिकित्सक मानते हैं छोटी उम्र और एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध बनाने से महिलाओं में बांझपन और बच्चेदानी से जुड़े कैंसर बढ़ रहे हैं। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में आयोजित एसोसिएशन ऑफ सर्जंस ऑफ इंडिया की एसिकोन-2024 के चौथे दिन महिलाओं में बढ़ती बीमारियों पर व्याख्यान दिया है।

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मुजफ्फरनगर की डॉ. नूतन जैन ने बताया कि सर्जरी के मरीजों में 28-30 फीसदी महिलाएं हैं। इनमें बच्चेदानी-बच्चेदानी के मुख में कैंसर की सर्जरी सबसे ज्यादा हो रही है। इनमें 5-6 फीसदी महिलाओं में छोटी उम्र में यौन संबंध बनाने और एक से अधिक यौन साथी होने से बच्चेदानी-बच्चेदानी के मुख के कैंसर बढ़ रहे हैं। 

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योनि में संक्रमण, गंदा पानी होना, यौन संबंध बनाने में दर्द होना, पेशाब की थैली में संक्रमण की भी दिक्कत मिल रही है। ये संक्रमण बच्चेदानी, अंडेदानी और नली में पहुंचने पर गर्भधारण करनें में दिक्कत आ रही है। इसे पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) कहते हैं। इससे बांझपन की समस्या बन रही है। 

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भारतीय महिलाओं में मीनोपॉज की औसत उम्र 52 साल है। कई बार इससे पहले रक्तश्राव होना, बार-बार रक्तश्राव होना, सफेद-दुर्गंध वाला पानी आना भी बच्चेदानी और बच्चेदानी के मुख का कैंसर की बड़ी वजह है। महिलाएं कई बार झिझक और लापरवाही के चलते इसे नजरअंदाज करती हैं। इससे ये कैंसर बन जाता है।

जांघ के पास के मोबाइल से भी बांझपन
डॉ. नूतन जैन ने बताया कि महिलाएं पेंट-कुर्ती समेत अन्य की जेब में मोबाइल रखती हैं, उससे भी बांझपन का खतरा है। इसकी तरंगें पीआईडी की नस में सूजन और अन्य तरीके से प्रभावित करती हैं, जिससे गर्भ ठहरने में दिक्कत आती है। कामकाजी युवतियों के विवाह के बाद ये परेशानी बढ़ी मिल रही है।

महिलाओं में रसौली के ऑपरेशन सबसे ज्यादा
महिलाओं में रसौली के ऑपरेशन तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके लिए ज्यादा माहवारी होना, गर्भाश्य और बच्चेदानी में संक्रमण वजह है। अगर महिलाओं को असामान्य महसूस कर रही हैं तो विशेषज्ञ को दिखाने में देरी न करें। बढ़ती सर्जरी को देखते हुए कॉन्फ्रेंस में सर्जन और स्त्री रोग विशेषज्ञों को आपसी तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया है।

ये दिए सुझाव
- वयस्क होने पर ही यौन संबंध- एक साथी के प्रति वफादारी।
- जननांगों की स्वच्छता, कपड़े की बजाय सेनेटरी नैपकिन का उपयोग।
- स्कूलों में यौन शिक्षा, यौन संबंध-मासिक धर्म के बारे में जानकारी।
- एंटी सर्वाइकल वैक्सीन लगवाने, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस की जांच।
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