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जलकल के अधिशासी अभियंता ने उठाया आत्मघाती कदम, अधिकारियों के लिए लिखा पत्र
Sun, 12 May 2019 10:49 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 12 May 2019 10:49 PM IST
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जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता राजेंद्र आर्य
- फोटो : अमर उजाला
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जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता राजेंद्र आर्य ने अपने सरकारी आवास पर जान देने की कोशिश की। उन्होंने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। कर्मचारियों को जानकारी हुई तो आनन फानन में देहली गेट स्थित एक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती किया है। हालत गंभीर बताई जा रही है।
सूर्यनगर स्थित वाटर वर्क्स पर तैनात अधिशासी अभियंता राजेंद्र आर्य को सिंकदरा वाटर वर्क्स पर सरकारी आवास मिला हुआ है। रविवार शाम करीब पांच बजे वह अपने आवास पर थे।
उसी दौरान वहां से पहले तो उन्होंने व्हाट्सएप पर अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा कुछ पार्षदों को एक पत्र भेजा। इसके बाद खुद ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। पत्र पढ़ने के बाद जब कुछ कर्मचारी अधिशासी अभियंता के सरकारी आवास पर पहुंचे। जिन्हें वहां पर राजेंद्र आर्य बेहोशी की हालत में मिले।
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सूर्यनगर स्थित वाटर वर्क्स पर तैनात अधिशासी अभियंता राजेंद्र आर्य को सिंकदरा वाटर वर्क्स पर सरकारी आवास मिला हुआ है। रविवार शाम करीब पांच बजे वह अपने आवास पर थे।
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उसी दौरान वहां से पहले तो उन्होंने व्हाट्सएप पर अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा कुछ पार्षदों को एक पत्र भेजा। इसके बाद खुद ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। पत्र पढ़ने के बाद जब कुछ कर्मचारी अधिशासी अभियंता के सरकारी आवास पर पहुंचे। जिन्हें वहां पर राजेंद्र आर्य बेहोशी की हालत में मिले।
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एक्सईएन जलकल सिकंदरा स्थित सरकारी आवास पर अकेले रहते हैं। राजेंद्र आर्य मूलरुप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा शहर के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी छोटे बेटे के साथ दिल्ली में रहती है। वहीं एक बेटा बंग्लुरू और एक सिंगापुर में रहता है। देर रात अधिशासी अभियंता के परिवारीजन आगरा पहुंचे।
मैं अकेला हूं... लड़ाई हार रहा हूं
अधिशासी अभियंता ने जो पत्र भेजा, उसमें लिखा है, मैं राजेंद्र कुमार बेहद खराब इंसान हूं। 700-750 कर्मचारियों के परिवार में मुझे अकेला नितांत अकेला छोड़ दिया गया है। मेरी समस्या ऐसी विकराल समस्या नहीं है। जिसका कोई रास्ता न निकले। मैं आगरा में अपने को नितांत अकेला महसूस कर रहा हूं और इस लड़ाई में हार रहा हूं। अब में जो निर्णय ले रहा हूं। वह गलत है। पर अब मेरे पास यहीं एक रास्ता है। सभी को प्रणाम।
मैं अकेला हूं... लड़ाई हार रहा हूं
अधिशासी अभियंता ने जो पत्र भेजा, उसमें लिखा है, मैं राजेंद्र कुमार बेहद खराब इंसान हूं। 700-750 कर्मचारियों के परिवार में मुझे अकेला नितांत अकेला छोड़ दिया गया है। मेरी समस्या ऐसी विकराल समस्या नहीं है। जिसका कोई रास्ता न निकले। मैं आगरा में अपने को नितांत अकेला महसूस कर रहा हूं और इस लड़ाई में हार रहा हूं। अब में जो निर्णय ले रहा हूं। वह गलत है। पर अब मेरे पास यहीं एक रास्ता है। सभी को प्रणाम।
आरएस यादव जीएम जलकल आगरा का कहना है कि कर्मचारियों ने मुझे फोन पर बताया था कि राजेन्द्र आर्य ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया है। इसके बाद हॉस्पिटल पहुंचा, जहां वह आईसीयू में भर्ती थे। वजह क्या रही है। इसको लेकर मुझे कोई जानकारी नहीं है।
यतेंद्र सिंह, महामंत्री उप्र नगर निगम, जल संस्थान कर्मचारी महासंघ का कहना है कि कर्मचारी हमेशा अधिकारी के साथ रहता है क्योंकि मामला कुछ इस तरह का है, जिसके बारे में कुछ भी कह नहीं पा रहे हैं और नहीं कर्मचारी कुछ उस मामले में कर सकते।
यतेंद्र सिंह, महामंत्री उप्र नगर निगम, जल संस्थान कर्मचारी महासंघ का कहना है कि कर्मचारी हमेशा अधिकारी के साथ रहता है क्योंकि मामला कुछ इस तरह का है, जिसके बारे में कुछ भी कह नहीं पा रहे हैं और नहीं कर्मचारी कुछ उस मामले में कर सकते।